मिडवेस्ट, मिड अटलांटिक और दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्सों में बड़े बिजली उपभोक्ताओं—मुख्यतः डेटा सेंटरों—के कनेक्शन अनुरोध 700 GW से अधिक हैं, लेकिन यह चालू खपत का आंकड़ा नहीं है। जमानत राशि, कोलेटरल, अध्ययन शुल्क और निर्माण आधारित पड़ावों जैसी शर्तें कंपनियों को गंभीरता साबित करने पर मजबूर करती हैं; Exelon ने स्क्री...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is the surge of proposed U.S. data centers—especially AI and cloud facilities—creating potentially “ghost” electricity demand, what did. Article summary: Proposed AI and cloud data centers are creating “ghost demand” when developers reserve very large grid connections before proving that projects are financed, permitted, technically buildable, and likely to use the power . Topic tags: general, news, general web, government, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
AI और क्लाउड डेटा सेंटरों के प्रस्ताव अमेरिका की बिजली-योजना को तेजी से बदल रहे हैं। लेकिन ग्रिड से कनेक्शन मांगना और वास्तव में डेटा सेंटर बनकर बिजली इस्तेमाल करना, दो अलग बातें हैं। इसी अंतर को अब ‘घोस्ट डिमांड’ कहा जा रहा है—ऐसी संभावित मांग जो यूटिलिटी और ग्रिड की कतारों में तो दिखाई देती है, मगर वह दोहराई हुई, टल चुकी या कभी पूरी ही न होने वाली हो सकती है।
रॉयटर्स की समीक्षा के अनुसार, अमेरिका के मिडवेस्ट, मिड-अटलांटिक और दक्षिण के कुछ हिस्सों में बहुत बड़े बिजली उपभोक्ताओं—जिनमें अधिकांश डेटा सेंटर हैं—के अनुरोध 700 गीगावाट (GW) से अधिक थे। यह अमेरिकी डेटा सेंटरों की मौजूदा बिजली खपत के उद्योग-अनुमानों से 10 गुना से भी ज्यादा है। 1 यही अंतर ग्रिड की विश्वसनीयता, ढांचागत खर्च और ग्राहकों के बिजली बिल के लिए गंभीर पूर्वानुमान चुनौती बन रहा है।
कोई डेवलपर एक से अधिक स्थानों के लिए क्षमता मांग सकता है, कई यूटिलिटियों को आवेदन दे सकता है, या वित्तपोषण, अनुमति, उपकरण, जमीन के अधिकार अथवा पक्का ग्राहक मिलने से पहले कतार में जगह सुरक्षित कर सकता है। कई प्रस्ताव ट्रांसमिशन अपग्रेड, पानी की उपलब्धता, निर्माण समय-सीमा या साइट पर बिजली उत्पादन की योजना व्यावहारिक न होने पर भी रुक सकते हैं।
हर डेवलपर के लिए यह रणनीति तर्कसंगत हो सकती है, क्योंकि ग्रिड क्षमता सीमित है और उसे पाना धीमी प्रक्रिया है। मगर सभी आवेदनों का कुल जोड़ यह बढ़ा-चढ़ाकर दिखा सकता है कि कितनी बिजली, कहां और कब वास्तव में चाहिए होगी।
इसका मतलब यह नहीं कि AI और क्लाउड की बिजली मांग काल्पनिक है। मतलब केवल इतना है कि कनेक्शन कतार का कुल आंकड़ा निर्माण के लिए तैयार परियोजनाओं का भरोसेमंद पूर्वानुमान नहीं है।
रॉयटर्स की समीक्षा में तीन बड़े अमेरिकी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में बड़े उपभोक्ताओं के अनुरोध 700 GW से ऊपर पाए गए। 1 टेक्सास में डेटा सेंटरों और अन्य बड़े उपभोक्ताओं के आवेदन 2023 के करीब 48 GW से बढ़कर 474 GW से ज्यादा हो गए।
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ये आंकड़े मांगी गई सेवा क्षमता दिखाते हैं, न कि इस समय दी जा रही बिजली। यदि इन्हें निश्चित भविष्य की मांग मान लिया जाए, तो ग्रिड उन सुविधाओं के लिए जरूरत से ज्यादा बड़ा बनाया जा सकता है जो कभी शुरू ही न हों। लेकिन हर प्रस्ताव को केवल सट्टा मानकर खारिज करना भी जोखिम भरा है—क्योंकि पर्याप्त संख्या में परियोजनाएं जल्दी आगे बढ़ीं तो क्षेत्र तैयार नहीं होगा।
सबस्टेशन, ट्रांसमिशन लाइन और बिजली उत्पादन क्षमता पर भारी निवेश करने से पहले यूटिलिटियों को शुरुआती दिलचस्पी और विश्वसनीय परियोजना में फर्क करना होता है। इसके लिए आम तौर पर ये उपाय अपनाए जाते हैं:
इन नियमों का उद्देश्य वैध परियोजनाओं को रोकना नहीं है। इनसे आवेदकों को उतनी ही क्षमता मांगने का प्रोत्साहन मिलता है, जितनी वे वास्तव में विकसित कर सकते हैं।
Exelon इसका स्पष्ट उदाहरण है। बड़े सिस्टम निवेश से पहले वित्तीय प्रतिबद्धता मांगने वाले ट्रांसमिशन-सिक्योरिटी समझौतों के जरिए परियोजनाओं की छंटनी के बाद उसकी बड़े-लोड और डेटा सेंटर पाइपलाइन 43 GW से घटकर 36 GW रह गई—यानी 16% की कमी। 25
AEP Ohio की डेटा सेंटर टैरिफ व्यवस्था में भी नए डेटा सेंटर सेवा अनुरोधों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है। 25,000 kW या उससे बड़े डेटा सेंटरों और विस्तार परियोजनाओं को लोड-स्टडी शुल्क देना होता है; आवेदक के पास जमीन का स्वामित्व, लीज या खरीद का विकल्प भी होना चाहिए। 18
यदि यूटिलिटी हर आवेदन को वास्तविक मान ले, तो वह अतिरिक्त तार, सबस्टेशन और उत्पादन क्षमता बना सकती है। यह ढांचा लंबे समय तक चलता है और इसकी लागत बिजली दरों के माध्यम से वसूली जा सकती है। ओहायो की उपभोक्ता वकालत संस्था ने कहा है कि AEP से जुड़ा समझौता आवासीय और छोटे कारोबारी ग्राहकों को ऊर्जा-गहन डेटा सेंटरों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर व ट्रांसमिशन विस्तार की अनुचित लागत से बचाने के लिए है। 15
उलटी गलती भी उतनी ही अहम है। यदि योजनाकार बहुत से प्रस्तावों को अनुमानित मानकर नजरअंदाज कर दें और वास्तविक डेटा सेंटर तय समय पर चालू हो जाएं, तो ग्रिड में पर्याप्त उत्पादन या नेटवर्क क्षमता नहीं रह सकती। PJM—13 राज्यों और कोलंबिया जिले में ग्रिड संचालित करने वाला संगठन—ने कहा है कि उसकी बढ़ती आपूर्ति-मांग खाई मुख्यतः डेटा सेंटर मांग से पैदा हो रही है और उसने अतिरिक्त बिजली सुनिश्चित करने व इस उछाल को संभालने के लिए योजनाएं आगे बढ़ाई हैं। 2
PJM के क्षमता बाजार की लागत यह भी बताती है कि मांग का सटीक पूर्वानुमान क्यों जरूरी है। रिपोर्टिंग के अनुसार, PJM के स्वतंत्र बाजार निगरानीकर्ता ने अपने चार हालिया नीलामियों में मौजूदा और अनुमानित डेटा सेंटर मांग को 29.4 अरब डॉलर के क्षमता-बाजार शुल्क से जोड़ा। 29 यह रकम केवल ‘घोस्ट डिमांड’ का माप नहीं है: इसमें मौजूदा और अनुमानित दोनों तरह की मांग शामिल है, और उपलब्ध साक्ष्य यह नहीं बताते कि इसमें से कितना हिस्सा सट्टा-आधारित आवेदनों से आया। फिर भी, यह दिखाता है कि मांग के अनुमान अंततः ग्राहक बिलों तक पहुंच सकते हैं।
टेक्सास और अन्य अमेरिकी क्षेत्र प्रस्तावित डेटा सेंटरों की जांच कर रहे हैं, ताकि सीमित ग्रिड क्षमता और बड़े अपग्रेडों को मंजूरी देने से पहले परियोजनाओं की विश्वसनीयता स्पष्ट हो। मुख्य सवाल हैं:
पेंसिल्वेनिया का अनुभव घोषणा और वास्तविक निर्माण-तैयारी के अंतर को रेखांकित करता है: रॉयटर्स के अनुसार, 100 से ज्यादा प्रस्तावित डेटा सेंटरों में केवल 20 के लिए अनुमति मांगी गई थी। 1
डेटा सेंटर वास्तविक बड़े बिजली उपभोक्ता हो सकते हैं, जिनके लिए भारी नई उत्पादन और ट्रांसमिशन क्षमता चाहिए होगी। समाधान यह मान लेना नहीं है कि हर AI परियोजना काल्पनिक है, और न ही अंधाधुंध विकास रोकना है।
सही लक्ष्य अस्थायी आवेदनों की कतार को एक विश्वसनीय, समय-आधारित मांग पूर्वानुमान में बदलना है। वित्तीय प्रतिबद्धताएं, अध्ययन शुल्क, लागू किए जा सकने वाले पड़ाव और पारदर्शी परियोजना समीक्षा यूटिलिटियों को उन परियोजनाओं के लिए क्षमता सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं जो सचमुच बिजली इस्तेमाल करेंगी—और घरों तथा छोटे व्यवसायों को उस ढांचे की कीमत चुकाने के जोखिम से बचा सकते हैं जो शायद कभी जरूरी ही न पड़े।
Studio Global AI
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मिडवेस्ट, मिड अटलांटिक और दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्सों में बड़े बिजली उपभोक्ताओं—मुख्यतः डेटा सेंटरों—के कनेक्शन अनुरोध 700 GW से अधिक हैं, लेकिन यह चालू खपत का आंकड़ा नहीं है।
मिडवेस्ट, मिड अटलांटिक और दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्सों में बड़े बिजली उपभोक्ताओं—मुख्यतः डेटा सेंटरों—के कनेक्शन अनुरोध 700 GW से अधिक हैं, लेकिन यह चालू खपत का आंकड़ा नहीं है। जमानत राशि, कोलेटरल, अध्ययन शुल्क और निर्माण आधारित पड़ावों जैसी शर्तें कंपनियों को गंभीरता साबित करने पर मजबूर करती हैं; Exelon ने स्क्रीनिंग के बाद अपनी पाइपलाइन 43 GW से घटाकर 36 GW कर दी।
मकसद AI आधारित बिजली मांग को खारिज करना नहीं, बल्कि वास्तविक और समयबद्ध परियोजनाओं को अनुमानित या अधूरी परियोजनाओं से अलग करना है, ताकि ग्रिड निवेश और उपभोक्ता लागत वास्तविक जरूरत के अनुरूप रहें।