उद्योग विश्लेषकों के अनुसार, कुछ फाउंड्रियाँ 8‑इंच और 12‑इंच दोनों तरह की mature‑node क्षमता को AI‑संबंधित पावर‑मैनेजमेंट प्रक्रियाओं की ओर मोड़ रही हैं, क्योंकि इससे प्रति वेफर अधिक लाभ मिलता है । TrendForce का अनुमान है कि दुनिया की बड़ी फाउंड्रियों में 8‑इंच क्षमता का उपयोग 2026 तक लगभग 90% तक पहुँच सकता है और 2027 तक भी 80% से ऊपर रह सकता है—जो एक कसे हुए बाजार का संकेत है
।
भले ही AI चिप्स खुद advanced nodes पर बनती हों, लेकिन उनका विस्तार अप्रत्यक्ष रूप से अन्य चिप्स की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।
सेमीकंडक्टर सप्लाई‑चेन में कई संसाधन साझा होते हैं—जैसे निर्माण उपकरण, सामग्री, इंजीनियरिंग टैलेंट और पूंजी निवेश। जब AI की मांग तेज़ होती है, तो कंपनियाँ स्वाभाविक रूप से डेटा‑सेंटर और उच्च‑मुनाफे वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देती हैं ।
इससे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक उपकरण और एम्बेडेड सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली चिप्स के लिए संसाधन कम पड़ सकते हैं। परिणामस्वरूप एक असंतुलन पैदा होता है: AI की मांग तेजी से बढ़ती है, लेकिन रोज़मर्रा के चिप्स की उत्पादन क्षमता उतनी तेजी से नहीं बढ़ती।
जब कुछ अंतरराष्ट्रीय फाउंड्रियाँ AI‑केंद्रित उत्पादन में व्यस्त हो जाती हैं, तो कई ग्राहक mature‑node क्षमता के लिए दूसरे विकल्प ढूंढते हैं। यहीं पर चीन की फाउंड्रियाँ—खासकर Semiconductor Manufacturing International Corp. (SMIC)—महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगती हैं।
उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, AI बूम के कारण वैश्विक ग्राहक अपने ऑर्डर चीनी फाउंड्रियों की ओर शिफ्ट कर रहे हैं, क्योंकि अन्य निर्माता अधिक मुनाफे वाले AI चिप्स और मेमोरी पर ध्यान दे रहे हैं । इससे SMIC की mature‑node लाइनों की मांग और उपयोग दर दोनों बढ़े हैं।
SMIC ने बताया है कि ग्राहकों द्वारा अग्रिम स्टॉकपाइलिंग और औद्योगिक ऑर्डरों की वापसी भी कंपनी के ऑर्डर बैकलॉग और मुनाफे को बढ़ा रही है । आम तौर पर जब कंपनियों को लगता है कि भविष्य में क्षमता कम हो सकती है, तो वे पहले से बड़े या जल्दी ऑर्डर देने लगती हैं।
एक और बड़ा कारक है सप्लाई‑चेन का स्थानीयकरण। कई सरकारें और कंपनियाँ अब यह कोशिश कर रही हैं कि महत्वपूर्ण चिप्स की आपूर्ति केवल एक ही क्षेत्र पर निर्भर न रहे।
क्योंकि अधिकतर चिप्स mature nodes पर बनती हैं, इसलिए ऐसे घरेलू या क्षेत्रीय निर्माता रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाते हैं। चीन में भी यही कारण है कि स्थानीय फाउंड्रियाँ उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और औद्योगिक उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए अधिक प्रासंगिक बनती जा रही हैं ।
mature‑node चिप्स की कमी का असर खास तौर पर उन उद्योगों पर पड़ सकता है जो इन प्रक्रियाओं पर ज्यादा निर्भर हैं, जैसे:
इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कई एनालॉग, सेंसर, पावर‑मैनेजमेंट और माइक्रोकंट्रोलर चिप्स पुराने निर्माण नोड्स पर ही बनते हैं। इसलिए यदि इन लाइनों की क्षमता कम पड़ती है, तो कंपनियों को लंबा इंतज़ार या अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है—even जब AI चिप्स की सप्लाई उपलब्ध हो।
AI का उछाल केवल उन्नत चिप्स की मांग नहीं बढ़ा रहा—यह पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बदल रहा है। जैसे‑जैसे निवेश और उत्पादन क्षमता अधिक मुनाफे वाले AI प्रोसेसर और मेमोरी की ओर जा रही है, वैसे‑वैसे mature‑node चिप्स की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है।
इस स्थिति में कई कंपनियाँ अपने सप्लाई‑चेन को विविध बना रही हैं और mature‑node उत्पादन में विशेषज्ञ फाउंड्रियों—खासकर SMIC जैसी चीनी कंपनियों—के साथ अधिक ऑर्डर देने लगी हैं। भविष्य में कमी कितनी गंभीर होगी, यह चिप के प्रकार और क्षेत्र के अनुसार अलग‑अलग हो सकता है, लेकिन इतना साफ है कि AI की तेज़ वृद्धि पूरे चिप उद्योग की दिशा बदल रही है।
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