मुख्य विवाद शर्तों के क्रम पर है: इज़राइल पहले हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग करता है, जबकि हमास हमले रुकने और इज़राइली वापसी को हथियार सौंपने की शर्त बताता है। [33][34] अमेरिका समर्थित योजना में सत्यापित निरस्त्रीकरण, चरणबद्ध इज़राइली वापसी, फिलिस्तीनी नागरिक प्रशासन और पुनर्निर्माण को एक दूसरे से जुड़ी प्रक्रि...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is the Gaza ceasefire, nearly a year after it began in October 2025, nearing collapse amid Benjamin Netanyahu’s rejection of Donald Trum. Article summary: The ceasefire is nearing collapse because its central bargain has broken down: the U.S.-backed roadmap envisaged phased, linked Israeli withdrawal and Hamas disarmament, but Israel demands complete disarmament first whil. Topic tags: general, general web, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
गाज़ा में 10 अक्टूबर 2025 से लागू युद्धविराम अब एक टिकाऊ शांति-प्रक्रिया से अधिक, नाम भर का संघर्ष-विराम बनता दिख रहा है। इसका सबसे बड़ा सवाल केवल यह नहीं है कि हमास हथियार छोड़ेगा या इज़राइल सेना हटाएगा। असली विवाद यह है कि पहला निर्णायक कदम कौन उठाएगा, उसकी स्वतंत्र निगरानी कैसे होगी और क्या यह सब जारी लड़ाई के बीच संभव है। 33
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अमेरिका समर्थित बोर्ड ऑफ पीस की रूपरेखा में हमास के निरस्त्रीकरण को इज़राइली वापसी, फिलिस्तीनी तकनीकी प्रशासन और गाज़ा के पुनर्निर्माण से जोड़ा गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 ने व्यापक ‘कॉम्प्रिहेंसिव प्लान’ का समर्थन किया था, जिसमें निरस्त्रीकरण, चरणबद्ध इज़राइली वापसी और पुनर्निर्माण का ढांचा शामिल है। 35
लेकिन इसके क्रियान्वयन पर दोनों पक्षों की शर्तें एक-दूसरे से मेल नहीं खातीं:
यही व्यावहारिक गतिरोध है। इज़राइल का तर्क है कि निरस्त्रीकरण से पहले पीछे हटने पर हमास फिर से अपनी सैन्य क्षमता खड़ी कर सकता है। वहीं हमास के लिए, इज़राइली तैनाती और हमलों के बीच हथियार डालना अपनी सुरक्षा और बातचीत की ताकत छोड़ने जैसा है। नतीजतन, कोई भी पक्ष पहला ऐसा कदम लेने को तैयार नहीं दिखता जिसे पलटा न जा सके।
बार-बार की सैन्य कार्रवाई ने संघर्ष-विराम को और कमजोर किया है। गाज़ा के हमास-प्रशासित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 10 अक्टूबर के युद्धविराम के बाद से इज़राइली हमलों में 1,300 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए; इनमें 2026 में शुरुआती सितंबर तक 900 से अधिक मौतें हुईं। इज़राइल का कहना है कि उसके हमले हमास की ओर से हुए उल्लंघनों के जवाब में किए गए। 17
जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग हैं, लेकिन एक व्यापक तथ्य नहीं बदलता: भारी जनहानि वाले बार-बार के हमले निरस्त्रीकरण के लिए जरूरी राजनीतिक और व्यावहारिक माहौल को नष्ट करते हैं। हथियार इकट्ठा करने, सत्यापन, नागरिक प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपने और अंतरराष्ट्रीय सहायता जुटाने की प्रक्रिया निरंतर शत्रुता के बीच प्रभावी ढंग से नहीं चल सकती।
बोर्ड ऑफ पीस के गाज़ा उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने चेतावनी दी है कि जारी हमले निरस्त्रीकरण में देरी करते हैं और नागरिक शासन की ओर संक्रमण रोकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ण युद्ध की वापसी गाज़ा के लिए व्यवहार्य पुनरुद्धार का रास्ता खत्म कर देगी। 4
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यह केवल हथियारों का समझौता नहीं है। योजना का लक्ष्य एक ही फिलिस्तीनी नागरिक प्राधिकरण बनाना, गाज़ा के शासन में सशस्त्र समूहों की भूमिका समाप्त करना और पुनर्बहाली की स्थितियां तैयार करना है। संयुक्त राष्ट्र के सामने रखे गए ढांचे के अनुसार, केवल राष्ट्रीय समिति से अधिकृत कर्मियों को ही हथियार रखने की अनुमति होगी; अन्य सभी सशस्त्र समूहों को सैन्य गतिविधियां बंद करनी होंगी। 15
इस व्यवस्था के लिए कई परस्पर जुड़ी शर्तें जरूरी हैं:
लड़ाई जारी रहने पर हर कड़ी जोखिम में पड़ती है: हथियारों को भरोसेमंद ढंग से एकत्र नहीं किया जा सकता, नागरिक संस्थाएं विश्वसनीय ढंग से सत्ता नहीं संभाल सकतीं, और संभावित अंतरराष्ट्रीय भागीदार अधिक जोखिम वाले तथा अनिश्चित मिशन से पीछे हट सकते हैं।
टिकाऊ व्यवस्था के लिए पक्षों और मध्यस्थों को राजनीतिक घोषणाओं के बजाय स्पष्ट संचालनात्मक शर्तों पर सहमति बनानी होगी। इसमें हमलों पर लागू होने वाला विराम, तैनाती की साफ सीमाएं, चरणबद्ध हथियार निष्क्रियकरण की स्वतंत्र निगरानी और गाज़ा चलाने वाले नागरिक प्रशासन की ठोस सुरक्षा शामिल होगी।
सबसे अहम अंतर पूर्ण निरस्त्रीकरण को अंतिम लक्ष्य मानने और उस लक्ष्य तक पहुंचने के सत्यापित चरणों के बीच है। बोर्ड ऑफ पीस की योजना को चरणबद्ध प्रक्रिया के रूप में पेश किया गया है, जबकि नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पूर्ण निरस्त्रीकरण से पहले कोई वापसी नहीं होगी। 33
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जब तक इन दोनों रुखों के बीच व्यावहारिक समझौता नहीं बनता, युद्धविराम नए तनाव और हिंसा के प्रति बेहद नाजुक बना रहेगा। और जिस नागरिक शासन व पुनर्निर्माण योजना के लिए यह युद्धविराम आधार होना था, वह शुरू होने से पहले ही ठहर सकती है।
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मुख्य विवाद शर्तों के क्रम पर है: इज़राइल पहले हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग करता है, जबकि हमास हमले रुकने और इज़राइली वापसी को हथियार सौंपने की शर्त बताता है। [33][34]
मुख्य विवाद शर्तों के क्रम पर है: इज़राइल पहले हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग करता है, जबकि हमास हमले रुकने और इज़राइली वापसी को हथियार सौंपने की शर्त बताता है। [33][34] अमेरिका समर्थित योजना में सत्यापित निरस्त्रीकरण, चरणबद्ध इज़राइली वापसी, फिलिस्तीनी नागरिक प्रशासन और पुनर्निर्माण को एक दूसरे से जुड़ी प्रक्रिया के रूप में रखा गया है। [33][35]
लगातार सैन्य हमले और हताहतों की खबरें युद्धविराम को कमजोर कर रही हैं तथा निगरानी, नागरिक प्रशासन और पुनर्निर्माण शुरू करने की स्थितियां खराब कर रही हैं। [17][4]