फिल्म उद्योग के सभी लोग इसे खतरे की तरह नहीं देखते। कुछ निर्देशक मानते हैं कि AI सिर्फ एक नई तकनीकी परत है—जैसे कभी फिल्म उद्योग ने व्यावहारिक इफेक्ट्स से CGI (कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी) की ओर कदम बढ़ाया था।
फ्रांसीसी निर्देशक Xavier Gens ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी नेटफ्लिक्स फिल्म Under Paris के विजुअल इफेक्ट्स में AI का इस्तेमाल होता, तो लागत लगभग €4 मिलियन से घटकर करीब €2 मिलियन रह सकती थी और एक साल का काम कुछ ही महीनों में पूरा हो सकता था।
इस दृष्टिकोण के अनुसार, AI मुख्य रूप से तकनीकी प्रक्रियाओं में मदद कर सकता है, जैसे:
समर्थकों का कहना है कि इससे छोटे स्टूडियो और स्वतंत्र फिल्मकार भी बड़े स्तर के प्रोजेक्ट बना सकेंगे।
कान्स फिल्म फेस्टिवल AI को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की बजाय एक सीमा खींचने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, फेस्टिवल AI टूल्स के इस्तेमाल को पूरी तरह नहीं रोकता, लेकिन जिन फिल्मों में लेखन, निर्देशन या प्रदर्शन मुख्य रूप से जनरेटिव AI द्वारा संचालित हो, उन्हें सर्वोच्च पुरस्कार Palme d’Or की प्रतिस्पर्धा से बाहर रखा जाता है।
कान्स के निर्देशक Thierry Frémaux ने एक और विचार भी रखा है—ऐसा प्रमाणपत्र या लेबल, जो बताए कि कोई फिल्म AI के बिना बनाई गई है। यह कुछ वैसा ही होगा जैसे खाद्य उत्पादों पर “ऑर्गेनिक” का लेबल होता है।
इसका उद्देश्य AI फिल्मों को रोकना नहीं, बल्कि दर्शकों को यह बताने का विकल्प देना है कि कौन‑सी फिल्म पूरी तरह मानवीय रचनात्मकता से बनी है।
हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित संस्था, Academy of Motion Picture Arts and Sciences, ने भी AI को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं।
नए नियमों के अनुसार:
हालांकि, अकादमी ने AI को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया है। विजुअल इफेक्ट्स, साउंड या एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में AI टूल्स का इस्तेमाल अभी भी संभव है।
कान्स में चल रही बहस एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। सवाल अब यह नहीं है कि AI फिल्म निर्माण में आएगा या नहीं—वह पहले ही आ चुका है। असली मुद्दा यह है कि AI की भूमिका कहाँ तक स्वीकार्य है।
फिल्म उद्योग अब तीन चीज़ों के बीच संतुलन ढूंढ रहा है:
अभी जो रुझान उभर रहा है, वह एक मध्य मार्ग जैसा है: AI तकनीकी प्रक्रियाओं को तेज करने में मदद कर सकता है, लेकिन कहानी, अभिनय और मूल रचनात्मकता का श्रेय इंसानों को ही मिलना चाहिए।
भविष्य में जैसे‑जैसे AI और सक्षम होता जाएगा, कान्स और ऑस्कर जैसे संस्थानों द्वारा बनाए जा रहे ये नियम यह तय कर सकते हैं कि दर्शक किसी फिल्म को तकनीक से बनी मानें या तकनीक द्वारा बनाई गई।