Stellantis 2028 से इटली के Pomigliano d’Arco प्लांट में लगभग €15,000 कीमत वाली छोटी इलेक्ट्रिक ‘E‑Car’ बनाने की योजना बना रहा है ताकि यूरोप के घटते एंट्री‑लेवल कार बाज़ार को फिर से जीवित किया जा सके। यह प्लेटफॉर्म Fiat, Opel और Citroën जैसे कई ब्रांडों के लिए साझा आधार बनेगा, जिससे उत्पादन मात्रा बढ़ाकर लागत कम रखने...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is Stellantis’s new affordable “E-Car” project—set for 2028 production at the Pomigliano d’Arco plant in Italy, priced around 15,000 eur. Article summary: Stellantis’s “E-Car” is best understood as Antonio Filosa’s attempt to rebuild Stellantis’s European volume base from the bottom of the market: a cheap, Italy-built, multi-brand EV designed to make electrification afford. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Stellantis to build affordable E-Car in Naples from 2028. The choice for Pomigliano d’Arco is also politically motivated as Stellantis was accused of neglecting its Italian manuf" source context "Stellantis to build affordable E-Car in Naples from 2028 - newmobility.news" Reference image 2: visual subject "# Stellantis to buil
यूरोप में सस्ती छोटी कारों का बाजार पिछले कई वर्षों से लगातार सिकुड़ रहा है। इलेक्ट्रिफिकेशन की बढ़ती लागत, कड़े सुरक्षा नियम और कंपनियों का अधिक मुनाफे वाले बड़े वाहनों की ओर झुकाव—इन सबने एंट्री‑लेवल कारों को लगभग गायब कर दिया है। अब ऑटो दिग्गज Stellantis इस ट्रेंड को पलटने की कोशिश कर रहा है।
कंपनी का नया “E‑Car” प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। योजना है कि 2028 से इटली के Pomigliano d’Arco प्लांट में इसका उत्पादन शुरू किया जाए और इसकी शुरुआती कीमत लगभग €15,000 रखी जाए—जो यूरोप में बने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए काफी कम मानी जाती है ।
यह सिर्फ एक नई कार नहीं, बल्कि CEO Antonio Filosa की उस रणनीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य यूरोप में कंपनी की प्रतिस्पर्धा को फिर से मजबूत करना है।
यूरोप में सस्ती छोटी कारें बनाना अब पहले जितना आसान नहीं रहा। इलेक्ट्रिक पावरट्रेन, बैटरी और नए सुरक्षा नियमों ने विकास लागत को काफी बढ़ा दिया है। इसी वजह से कई ऑटो कंपनियों ने छोटे मॉडलों की जगह बड़े और महंगे वाहनों पर ध्यान देना शुरू कर दिया, जहां मार्जिन ज्यादा मिलता है ।
Stellantis का मानना है कि शहरों में रहने वाले ग्राहकों के लिए छोटी और सस्ती इलेक्ट्रिक कारों की मांग अभी भी मौजूद है। कंपनी के मुताबिक यह सेगमेंट भविष्य में बड़े पैमाने पर उत्पादन की क्षमता रखता है ।
इसी कारण E‑Car को यूरोप में ही बनाने का फैसला लिया गया है, ताकि स्थानीय उद्योग और नौकरियों को भी सहारा मिले और यूरोपीय बाजार के लिए स्थानीय EV उपलब्ध हो सकें ।
Stellantis के पास ऑटो उद्योग के सबसे बड़े ब्रांड पोर्टफोलियो में से एक है—जिसमें Fiat, Opel, Citroën, Peugeot जैसे ब्रांड शामिल हैं। E‑Car को सिर्फ एक मॉडल के रूप में लॉन्च करने के बजाय कंपनी इसे कई ब्रांडों के लिए साझा प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
इससे विकास लागत बड़े उत्पादन वॉल्यूम में फैल जाती है—जो EV उद्योग में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैटरी और प्लेटफॉर्म विकास सबसे महंगे हिस्से होते हैं।
दूसरे शब्दों में, यह एक साझा “अफोर्डेबल EV आर्किटेक्चर” होगा जिसे अलग‑अलग देशों के बाजार के हिसाब से अलग ब्रांडों के तहत पेश किया जा सकेगा।
कीमत कम रखने के लिए Stellantis साझेदारियों पर भी भरोसा कर रहा है। कंपनी ने चीनी EV निर्माता Leapmotor के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सस्ती इलेक्ट्रिक कारों को तेजी से उपलब्ध कराना है ।
रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी बैटरी टेक्नोलॉजी और EV प्लेटफॉर्म के लिए बाहरी साझेदारों की मदद भी ले सकती है, जिससे लागत घटाने और विकास प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी ।
यह जरूरी भी है, क्योंकि चीन की कई कंपनियां पहले ही बेहद कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारें बाजार में उतार चुकी हैं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
सस्ती EV की ओर यह झुकाव Stellantis की हाल की वित्तीय चुनौतियों से भी जुड़ा है। कंपनी ने 2025 में €153.5 अरब का राजस्व दर्ज किया, लेकिन उसी वर्ष €22.3 अरब का शुद्ध घाटा हुआ—जिसका बड़ा कारण उसकी इलेक्ट्रिफिकेशन रणनीति में बदलाव से जुड़े बड़े खर्च थे ।
कंपनी ने पहले EV की ओर तेजी से संक्रमण की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में मांग और बाजार वास्तविकताओं को देखते हुए उस रणनीति को संशोधित करना पड़ा। अब Stellantis एक लचीली रणनीति अपना रहा है जिसमें EV, हाइब्रिड और अन्य पावरट्रेन सभी शामिल हैं।
इस नई रणनीति में सस्ती इलेक्ट्रिक कारें खास भूमिका निभाती हैं—खासकर यूरोप में, जहां उत्सर्जन नियम लगातार सख्त होते जा रहे हैं।
अगर Stellantis इस कीमत को हासिल कर लेता है, तो यह यूरोप में बनी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारों में से एक हो सकती है। इससे EV अपनाने की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक—उच्च शुरुआती कीमत—को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हालांकि, इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कंपनी को बैटरी सप्लाई, डिजाइन, निर्माण दक्षता और सप्लाई चेन—हर स्तर पर लागत को कड़ाई से नियंत्रित करना होगा। अभी तक कंपनी ने कार की अंतिम स्पेसिफिकेशन, बैटरी तकनीक या यह स्पष्ट नहीं किया है कि €15,000 की कीमत सब्सिडी से पहले होगी या बाद में।
E‑Car प्रोजेक्ट केवल एक नई कार लॉन्च नहीं है। यह Stellantis की उस कोशिश का हिस्सा है जिसमें वह इलेक्ट्रिफिकेशन को अपनी पुरानी ताकत—उच्च वॉल्यूम और किफायती कारों—के साथ फिर से जोड़ना चाहता है।
अगर यह रणनीति सफल होती है, तो यह यूरोप के एक लगभग भुला दिए गए बाजार सेगमेंट को फिर से जीवित कर सकती है और कंपनी को उसके हालिया रणनीतिक झटकों से उबरने में मदद दे सकती है। लेकिन अगर यह विफल होती है, तो यह भी साफ हो जाएगा कि यूरोप में सचमुच सस्ती इलेक्ट्रिक कार बनाना कितना मुश्किल हो चुका है।
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Stellantis 2028 से इटली के Pomigliano d’Arco प्लांट में लगभग €15,000 कीमत वाली छोटी इलेक्ट्रिक ‘E‑Car’ बनाने की योजना बना रहा है ताकि यूरोप के घटते एंट्री‑लेवल कार बाज़ार को फिर से जीवित किया जा सके।
Stellantis 2028 से इटली के Pomigliano d’Arco प्लांट में लगभग €15,000 कीमत वाली छोटी इलेक्ट्रिक ‘E‑Car’ बनाने की योजना बना रहा है ताकि यूरोप के घटते एंट्री‑लेवल कार बाज़ार को फिर से जीवित किया जा सके। यह प्लेटफॉर्म Fiat, Opel और Citroën जैसे कई ब्रांडों के लिए साझा आधार बनेगा, जिससे उत्पादन मात्रा बढ़ाकर लागत कम रखने की रणनीति अपनाई जाएगी।
यह कदम कंपनी के 2025 में €22.3 अरब के नुकसान और EV रणनीति में बदलाव के बाद आए बड़े रणनीतिक रीसेट का हिस्सा है।