रूस के लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन कई तरह से बदल रहे हैं। नए Geran मॉडल में जेट इंजन उन्हें पुराने प्रोपेलर वाले ड्रोनों से तेज़ बनाते हैं, जबकि mesh radio से एक ड्रोन दूसरे तक संचार पहुँचा सकता है। इससे यूक्रेन की वायु रक्षा के सामने चुनौती बढ़ती है—पर यह साबित नहीं होता कि इन ड्रोनों को रोकने का कोई तरीका नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेनी सेना अब भी कई जेट ड्रोन मार गिरा या निष्क्रिय कर रही है; असली दबाव हमलों की संख्या और उनकी लगातार बढ़ती रफ्तार से बनता है।
1
4
5
तेज़ रफ्तार और बढ़ते हमले
Geran-4 और Geran-5 जेट इंजन वाले ड्रोन हैं। रिपोर्टों में उनके इंजनों का संबंध चीनी आपूर्तिकर्ताओं से जोड़ा गया है।
5
10 उनकी तेज़ रफ्तार के कारण उन्हें उन अवरोधक प्रणालियों से रोकना कठिन हो सकता है जिन्हें धीमे, प्रोपेलर वाले ड्रोनों के लिए बनाया गया था।
1
13
यूक्रेन की सेना ने BBC को बताया कि जेट इंजन वाले ड्रोनों के हमले जून 2026 में करीब 350, जुलाई में 1,600 और अगस्त में 2,800 तक पहुँच गए। BBC Verify के विश्लेषण के मुताबिक, अगस्त में हर दिन ऐसे ड्रोन छोड़े गए।
1 Kyiv Post की एक अलग रिपोर्ट ने यूक्रेनी वायु सेना के हवाले से सितंबर के लिए 3,177 लॉन्च बताए।
28 वहीं, 1 अक्टूबर को प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से रूस ने 2,730 से अधिक जेट-संचालित Geran ड्रोन इस्तेमाल किए थे।
4 सितंबर के ये आँकड़े अलग हैं और रिपोर्टें इस अंतर की वजह नहीं बतातीं; इसलिए इन्हें एक ही आधार पर सीधे तुलना करना ठीक नहीं होगा।
हवा में एक-दूसरे तक संदेश पहुँचाते ड्रोन
रिपोर्टों में चीन में बने mesh radio का ज़िक्र है। यह तय पंखों वाले ड्रोनों को एक-दूसरे तक संचार पहुँचाने वाले रिले की तरह काम करने दे सकता है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर की रिपोर्ट में उद्धृत यूक्रेनी आकलन के मुताबिक, mesh से जुड़े Geran-प्रकार के ड्रोनों की शृंखला के ज़रिए ज़मीनी नियंत्रण केंद्र से सबसे दूर स्थित ड्रोन तक ऑपरेटर का लाइव नियंत्रण 150 से 175 किलोमीटर तक पहुँच सकता है।
2
19 यह रिपोर्ट किया गया अनुमान है—हर उड़ान या युद्ध परिस्थिति में भरोसेमंद नियंत्रण की गारंटी नहीं।
ऐसी रिले-व्यवस्था एक सीधे संचार लिंक के मुकाबले संदेशों को बाधित करना कठिन बना सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ड्रोन जामिंग से बेअसर हो जाते हैं। इसी तरह, हवा में रिले नेटवर्क होने से यह साबित नहीं होता कि ड्रोन दूरसंचार टावरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उपलब्ध स्रोत टावरों के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं करते।
कुछ रिपोर्टों में कैमरों और मार्गदर्शन प्रणालियों में बदलाव का भी उल्लेख है। लेकिन उपलब्ध जानकारी से यह पता नहीं चलता कि अधिक स्पष्ट तस्वीर देने वाले कैमरे कितने ड्रोनों में लगे हैं या उनसे निशाना साधने की क्षमता कितनी बढ़ी है।
7
26
अवरोधन हो रहा है—चुनौती है पैमाना
Militarnyi में प्रकाशित यूक्रेनी रक्षा बलों के आँकड़े के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से जेट इंजन वाले Geran ड्रोनों में से करीब 55% को मार गिराया या निष्क्रिय किया गया: 2,730 से अधिक में से 1,500 से ज़्यादा।
4 इससे पता चलता है कि यूक्रेन इन ड्रोनों का मुकाबला कर रहा है, लेकिन बताई गई अवधि में एक बड़ा हिस्सा निष्क्रिय नहीं हुआ। एक अन्य रिपोर्ट नए जेट-संचालित मॉडलों के लिए अवरोधन दर करीब 60% बताती है—पुराने ड्रोन प्रकारों के लिए दी गई ऊँची दरों से कम।
13
लॉन्च ठिकानों का विस्तार भी तस्वीर का हिस्सा है। उपग्रह तस्वीरों पर आधारित रिपोर्टिंग में रूस के ओर्योल क्षेत्र स्थित त्सिम्बुलोवा ठिकाने पर नए शेल्टर और एक लॉन्चर का ज़िक्र है। यह ठिकाना जेट इंजन वाले ड्रोनों के लॉन्च के लिए इस्तेमाल होता है।
28 यह विस्तार की रिपोर्टों से मेल खाता है, लेकिन इससे अकेले यह तय नहीं होता कि वहाँ से कितने ड्रोन छोड़े जा सकते हैं या अभियान कितने समय तक जारी रखा जा सकता है।
लगातार बड़े हमलों को रोकने में संसाधनों का सवाल भी उठता है। हर बार बड़ी संख्या में ड्रोनों का सामना करने के लिए काफी रक्षा-संसाधनों की ज़रूरत पड़ सकती है; विश्लेषण में रूस की बड़ी संख्या में जेट ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता को भी अहम माना गया है।
5
9 उपलब्ध रिपोर्टें हर ड्रोन और उसे रोकने वाले हथियार की लागत की कोई एक सत्यापित तुलना नहीं देतीं, इसलिए खर्च के असर को किसी सटीक अनुपात में बताना सही नहीं होगा।
पुतिन के ‘कोई तोड़ नहीं’ वाले दावे में क्या छूटता है?
पुतिन का यह दावा कि यूक्रेन के पास इन ड्रोनों का कोई ‘तोड़’ नहीं है, उपलब्ध सबूतों से बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात है। यूक्रेन जेट-संचालित ड्रोनों को मार गिरा या निष्क्रिय कर चुका है।
4
9 असली कठिनाई यह है कि तेज़ रफ्तार, आपस में संदेश पहुँचाने की क्षमता और बढ़ते लॉन्च के बीच लगातार पर्याप्त संख्या में ड्रोनों को कैसे रोका जाए। चुनौती यह नहीं कि ये ड्रोन अजेय हैं—बल्कि यह कि बार-बार होने वाले बड़े हमलों के सामने पहचान और अवरोधन की क्षमता टिकाऊ बनी रहे।