AI मांग बढ़ने के साथ कई प्रमुख पैसिव‑कंपोनेंट निर्माताओं ने कीमतों में बढ़ोतरी की है।
उदाहरण के तौर पर:
उद्योग रिपोर्टों के अनुसार 2026 में कई इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट श्रेणियों में व्यापक रूप से कीमतों में समायोजन देखने को मिला है।
इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं।
AI सर्वरों को पारंपरिक सर्वरों की तुलना में कहीं ज्यादा पैसिव कंपोनेंट चाहिए होते हैं। इससे उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा AI हार्डवेयर के लिए इस्तेमाल हो रहा है, और अन्य बाजारों के लिए सप्लाई कम पड़ रही है।
MLCC बाजार में अग्रणी कंपनियां—जैसे Murata और Samsung Electro‑Mechanics—अब AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई‑वैल्यू सेक्टर को प्राथमिकता दे रही हैं। इससे अन्य सेगमेंट के लिए उपलब्धता घट रही है।
कैपेसिटर निर्माण में चांदी, टैंटलम और पैलेडियम जैसे धातुओं का इस्तेमाल होता है। इनकी कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत भी बढ़ गई है।
जब मांग तेज़ी से बढ़ती है और प्रमुख निर्माता हाई‑एंड ऑर्डरों को प्राथमिकता देते हैं, तब कंपनियां अपने सप्लायर नेटवर्क को विविध बनाना शुरू करती हैं। यही वह जगह है जहां ताइवान की पैसिव‑कंपोनेंट कंपनियां फायदा उठा सकती हैं।
ताइवान पहले से इस क्षेत्र में मजबूत है। यहां की कंपनियां—जैसे Yageo और Walsin Technology—MLCC, रेज़िस्टर और अन्य पैसिव कंपोनेंट बनाती हैं जो सर्वर और नेटवर्किंग हार्डवेयर में उपयोग होते हैं।
सर्वर निर्माता और इलेक्ट्रॉनिक्स ODM अब एक ही सप्लायर पर निर्भर रहने के बजाय कई सप्लायरों को योग्य (qualify) कर रहे हैं ताकि सप्लाई बाधित न हो। ऐसी स्थिति में ताइवान की कंपनियां सेकेंड‑सोर्स के रूप में शामिल हो सकती हैं।
यदि जापान और दक्षिण कोरिया की कंपनियां हाई‑एंड AI या ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स पर ध्यान देती हैं, तो मध्यम श्रेणी के ऑर्डर ताइवान की कंपनियों को मिल सकते हैं।
AI सर्वर प्लेटफॉर्म हर नई पीढ़ी के साथ अधिक जटिल हो रहे हैं। अधिक GPU, तेज़ नेटवर्किंग और उच्च पावर घनत्व के कारण सिस्टम में:
की आवश्यकता होती है। इसी वजह से कई वर्षों की धीमी मांग के बाद पैसिव कंपोनेंट उद्योग अब एक नए मांग चक्र में प्रवेश करता दिख रहा है।
हालांकि अवसर बड़े हैं, लेकिन हर निर्माता तुरंत फायदा नहीं उठा सकता। AI सर्वरों के लिए इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स को बेहद सख्त तकनीकी मानकों और विश्वसनीयता परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
इसका मतलब है कि सबसे अधिक लाभ उन्हीं कंपनियों को मिल सकता है जो पहले से सर्वर, नेटवर्किंग या पावर‑सप्लाई सप्लाई चेन में प्रमाणित (qualified) हैं।
AI डेटा‑सेंटर की वैश्विक दौड़ ने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के छोटे‑से‑छोटे पार्ट तक को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
यदि AI इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार इसी गति से जारी रहता है, तो पैसिव कंपोनेंट—जो कभी इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का अपेक्षाकृत कम चर्चित हिस्सा था—आने वाले समय में वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बॉटलनेक बन सकता है।
Comments
0 comments