Pictet AM ने पहली बार 2008 में SimCorp के साथ काम शुरू किया था, जब कंपनी इसकी तकनीक का उपयोग मुख्य रूप से बैक‑ऑफिस कार्यों के लिए करती थी। अब SimCorp One अपनाने के साथ यह संबंध एक बड़े फ्रंट‑टू‑बैक ऑपरेटिंग प्लेटफ़ॉर्म में बदल रहा है जो ट्रेडिंग, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और ऑपरेशनल प्रक्रियाओं को जोड़ता है।
पहले अलग‑अलग सिस्टम पोर्टफोलियो निर्माण, ट्रेड निष्पादन, रिकन्सिलिएशन और रिपोर्टिंग जैसे काम संभालते थे। नए मॉडल में ये सभी प्रक्रियाएँ एक साझा डेटा आर्किटेक्चर के ज़रिये जुड़ेंगी, जिससे निवेश जीवनचक्र के हर चरण में डेटा की समानता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियाँ समय के साथ कई विशेष सॉफ़्टवेयर और प्लेटफ़ॉर्म जोड़ती रहती हैं। इससे अक्सर तकनीकी ढांचा जटिल हो जाता है और डेटा अलग‑अलग सिस्टम में बिखर जाता है।
Pictet AM का लक्ष्य इस स्थिति को बदलना है। प्लेटफ़ॉर्म कंसॉलिडेशन से कंपनी को उम्मीद है कि:
एकीकृत डेटा लेयर से प्री‑ट्रेड और पोस्ट‑ट्रेड प्रक्रियाएँ तेज़ हो सकती हैं और निवेश टीमों को पोर्टफोलियो पोज़िशन तथा जोखिम एक्सपोज़र की स्पष्ट जानकारी मिलती है।
हालाँकि कंपनी अपने सभी पुराने सिस्टम बंद नहीं कर रही है। Pictet AM अपने स्वयं विकसित ट्रेडिंग टूल्स को बनाए रखेगी और उन्हें API के माध्यम से SimCorp One से जोड़ेगी।
इस हाइब्रिड मॉडल का मतलब है:
इस तरह कंपनी को स्केलेबिलिटी और ऑपरेशनल दक्षता भी मिलेगी और अपनी विशेष ट्रेडिंग क्षमताएँ भी बनी रहेंगी।
SimCorp के अनुसार यह परिवर्तन एक बहु‑वर्षीय परियोजना है जिसमें डेटा माइग्रेशन, सिस्टम इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल बदलाव शामिल हैं। मौजूदा योजना के अनुसार पूरा प्लेटफ़ॉर्म दिसंबर 2026 तक लागू हो जाएगा।
Pictet AM का यह कदम केवल एक कंपनी की रणनीति नहीं है, बल्कि निवेश उद्योग में उभरते बड़े ट्रेंड का हिस्सा है।
SimCorp की 2026 InvestOps Report के अनुसार वैश्विक निवेश संस्थानों में 58% फर्मों ने टेक्नोलॉजी वेंडर और प्लेटफ़ॉर्म को कम करके एकीकृत करना अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया है।
इसके पीछे कई कारण हैं:
SimCorp One लागू करके और अपने विशेष ट्रेडिंग टूल्स को बनाए रखते हुए Pictet AM एक ऐसा मॉडल बना रही है जिसमें केंद्रीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमित कस्टमाइज़ेशन दोनों शामिल हैं।
अगर यह रणनीति सफल रहती है, तो कंपनी को एक मजबूत ऑपरेशनल बैकबोन मिलेगा, जबकि निवेश टीमों के पास अपने विशिष्ट ट्रेडिंग टूल्स का उपयोग जारी रखने की स्वतंत्रता भी रहेगी।
वैश्विक बाज़ारों और कई एसेट क्लास में काम करने वाले बड़े एसेट मैनेजरों के लिए यही संतुलन — मानकीकरण और लचीलापन — तेजी से टेक्नोलॉजी रणनीति का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है।