Google का CodeMender एक AI सिक्योरिटी एजेंट है जो कोड में कमजोरियां खोजकर अपने‑आप पैच बना सकता है और उन्हें वैलिडेट कर सकता है। यह सिस्टम Gemini Deep Think मॉडल्स पर आधारित है और Google Cloud के Gemini Enterprise Agent Platform में इंटीग्रेट किया जा रहा है। CodeMender का लक्ष्य बड़े ओपन‑सोर्स प्रोजेक्ट्स और एंटरप्रा...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is Google expanding its AI security efforts with the CodeMender tool announced at I/O 2026—including its integration into Google Cloud’s. Article summary: Google is turning CodeMender from a DeepMind research system into a Google Cloud security agent: at I/O 2026, Google said CodeMender will be delivered through the Gemini Enterprise Agent Platform, where it can help find . Topic tags: general, documentation, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Cloud Next 2026: Agentic AI Defence with Google Cloud. Google Cloud Next 2026, held in Las Vegas, delivered significant developments for security teams, with Google Cloud unveili" source context "Cloud Next 2026: Agentic AI Defence with Google Cloud | Cybersecurity Magazine" Reference image 2: vi
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ कोड लिखने तक सीमित नहीं रह गई है—अब वही तकनीक कोड की सुरक्षा कमजोरियां ढूंढने और उन्हें ठीक करने में भी इस्तेमाल हो रही है। Google I/O 2026 में कंपनी ने इसी दिशा में एक बड़ा कदम दिखाया: CodeMender, एक AI‑आधारित सिक्योरिटी एजेंट जो बड़े कोडबेस में मौजूद कमजोरियों को पहचान सकता है, उनके लिए पैच बना सकता है और उन्हें टेस्ट भी कर सकता है।
यह टूल मूल रूप से Google DeepMind के अंदर एक रिसर्च प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन अब इसे Google Cloud के Gemini Enterprise Agent Platform में लाया जा रहा है। इसका मतलब है कि AI अब सिर्फ डेवलपमेंट में मदद नहीं करेगा—वह सॉफ्टवेयर की सुरक्षा को भी सक्रिय रूप से संभालने लगेगा।
Google ने CodeMender को पहले एक प्रयोगात्मक AI एजेंट के रूप में पेश किया था, जिसका लक्ष्य सॉफ्टवेयर सिक्योरिटी को बेहतर बनाना था। I/O 2026 में कंपनी ने घोषणा की कि इसे Google Cloud Agent Platform के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा, जहां डेवलपर्स सुरक्षित क्लाउड वातावरण में AI एजेंट्स को डिप्लॉय कर सकते हैं।
इस प्लेटफॉर्म के अंदर CodeMender एक स्पेशलाइज्ड सिक्योरिटी एजेंट की तरह काम करता है। यह कोडबेस को स्कैन करता है और कमजोरियों को पहचानकर उन्हें ठीक करने के सुझाव देता है—कई मामलों में तो यह पैच तैयार करके सबमिट भी कर सकता है।
यह कदम Google की AI इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति का हिस्सा भी है। कंपनी Vertex AI को आगे बढ़ाकर Gemini Enterprise Agent Platform बना रही है, जहां संगठन Gemini मॉडल्स से चलने वाले एजेंट बना, चला और मैनेज कर सकते हैं।
CodeMender का आधार Gemini Deep Think मॉडल्स हैं, जो उन्नत विश्लेषण क्षमता के साथ कोड की जांच कर सकते हैं और सुरक्षा खामियों की जड़ तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।
आमतौर पर इसका काम करने का तरीका कुछ इस तरह होता है:
• पूरे कोडबेस को स्कैन करके संभावित कमजोरियां पहचानना
• समस्या की मूल वजह (root cause) ढूंढना
• संभावित सुरक्षित पैच या सुधार तैयार करना
• ऑटोमेटेड विश्लेषण या टेस्ट के जरिए पैच को वैलिडेट करना
• अंतिम डिप्लॉयमेंट से पहले मानव रिव्यू के लिए सबमिट करना
सिस्टम सिर्फ एक बग ठीक करने तक सीमित नहीं है। यह कभी‑कभी प्रोएक्टिव हार्डनिंग भी करता है—यानी संबंधित कोड को फिर से लिखकर पूरी तरह से उस तरह की कमजोरियों को खत्म करने की कोशिश करता है।
Google के शुरुआती परीक्षणों में CodeMender ने खुद ही कई सिक्योरिटी पैच तैयार किए। छह महीने के एक टेस्ट पीरियड में इसने ओपन‑सोर्स प्रोजेक्ट्स के लिए 72 सिक्योरिटी पैच सबमिट किए, जिनमें कुछ कोडबेस लाखों लाइनों के थे।
I/O 2026 में Google ने बताया कि अब CodeMender को रिसर्च वातावरण से बाहर लाकर डेवलपर्स और कंपनियों तक पहुंचाया जा रहा है। इसे Agent Platform के जरिए कुछ चुने हुए टेस्टर्स और एंटरप्राइज़ ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि किन कंपनियों ने इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करना शुरू किया है या वास्तविक प्रोडक्शन वातावरण में इसके नतीजे कितने प्रभावी रहे हैं। फिलहाल अधिकतर जानकारी शुरुआती परीक्षण और उत्पाद घोषणाओं से ही आती है।
CodeMender का एक अहम उद्देश्य ओपन‑सोर्स सॉफ्टवेयर की सुरक्षा को मजबूत करना भी है।
आज इंटरनेट पर चलने वाले बहुत से एप्लिकेशन छोटे‑छोटे ओपन‑सोर्स लाइब्रेरीज़ पर निर्भर होते हैं। इन लाइब्रेरीज़ को अक्सर छोटे डेवलपर समूह संभालते हैं, जिनके पास हर सुरक्षा समस्या को तुरंत ठीक करने के संसाधन नहीं होते।
ऐसे में CodeMender जैसे सिस्टम कमजोरियों की पहचान कर सकते हैं और उनके लिए तैयार पैच प्रस्तावित कर सकते हैं, जिससे ओपन‑सोर्स प्रोजेक्ट्स का रखरखाव आसान हो सकता है।
Google पहले ही संकेत दे चुका है कि AI‑आधारित सुरक्षा टूल्स को ओपन‑सोर्स सुरक्षा मजबूत करने की व्यापक पहल में शामिल किया जाएगा, जिनमें Linux Foundation से जुड़े प्रोग्राम भी शामिल हैं।
CodeMender ऐसे समय में आया है जब बड़ी AI कंपनियां स्वचालित साइबरसिक्योरिटी सिस्टम बनाने की दौड़ में लगी हैं।
उदाहरण के लिए Anthropic ने Claude Mythos Preview नाम का एक शक्तिशाली AI मॉडल पेश किया है, जो सॉफ्टवेयर में कमजोरियां ढूंढने में मदद कर सकता है। लेकिन संभावित दुरुपयोग के खतरे के कारण इसे सीमित पार्टनर्स तक ही रखा गया है।
Google की रणनीति थोड़ी अलग दिखती है:
• प्रोडक्ट‑फर्स्ट दृष्टिकोण: CodeMender को सीधे Google Cloud के एंटरप्राइज़ प्लेटफॉर्म में एक सेवा के रूप में शामिल किया जा रहा है।
• वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन: इसे एक स्वतंत्र मॉडल की तरह नहीं बल्कि डेवलपमेंट पाइपलाइन के भीतर काम करने वाले सुरक्षा एजेंट के रूप में डिजाइन किया गया है।
दोनों कंपनियों की रणनीतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन एक बात स्पष्ट है—AI अब पूरे कोडबेस का विश्लेषण करके सुरक्षा समस्याओं को बड़े पैमाने पर पहचानने और ठीक करने की क्षमता हासिल कर रहा है।
AI‑जनरेटेड कोड की तेज़ वृद्धि के साथ दुनिया भर में सॉफ्टवेयर की मात्रा भी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन अगर उसी गति से सुरक्षा ऑडिट और पैचिंग नहीं हुई तो कमजोरियां भी बढ़ सकती हैं।
CodeMender जैसे AI एजेंट इसी समस्या को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर ये बड़े पैमाने पर सफल होते हैं, तो किसी कमजोरी के पता चलने और उसके पैच जारी होने के बीच का समय काफी कम हो सकता है।
फिलहाल तकनीक शुरुआती चरण में है, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि CodeMender वास्तव में प्रतिस्पर्धी सिस्टम—जैसे Claude Mythos—से बेहतर है या नहीं।
लेकिन इतना साफ है कि AI विकास का अगला चरण सिर्फ कोड लिखने का नहीं होगा, बल्कि दुनिया के सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर में छिपी सुरक्षा कमजोरियों को ढूंढने, सत्यापित करने और ठीक करने का होगा।
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Google का CodeMender एक AI सिक्योरिटी एजेंट है जो कोड में कमजोरियां खोजकर अपने‑आप पैच बना सकता है और उन्हें वैलिडेट कर सकता है।
Google का CodeMender एक AI सिक्योरिटी एजेंट है जो कोड में कमजोरियां खोजकर अपने‑आप पैच बना सकता है और उन्हें वैलिडेट कर सकता है। यह सिस्टम Gemini Deep Think मॉडल्स पर आधारित है और Google Cloud के Gemini Enterprise Agent Platform में इंटीग्रेट किया जा रहा है।
CodeMender का लक्ष्य बड़े ओपन‑सोर्स प्रोजेक्ट्स और एंटरप्राइज़ कोडबेस को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।