सबसे बड़ा बदलाव यह है कि Gemini Live अब अलग fullscreen मोड में नहीं खुलता। अब यह सीधे चैट इंटरफेस के अंदर काम करता है।
नए इंटरफेस में:
इसका मतलब है कि आप पहले सवाल टाइप कर सकते हैं, फिर उसी बातचीत में बोलकर बात जारी रख सकते हैं और बाद में फिर से टेक्स्ट पर लौट सकते हैं—बिना किसी मोड बदलने के।
Gemini Live का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट है Connected Apps का विस्तार। ये इंटीग्रेशन Gemini को अन्य ऐप्स और सेवाओं से जोड़ते हैं—लेकिन केवल तब जब उपयोगकर्ता अनुमति देता है।
इनकी मदद से Gemini सिर्फ जानकारी देने के बजाय कई वास्तविक कार्य कर सकता है।
इन सभी कामों को आप Gemini Live की वॉइस बातचीत के दौरान भी ट्रिगर कर सकते हैं। यानी बातचीत करते‑करते ही AI ऐप्स के जरिए काम पूरा कर सकता है।
Gemini Live का यह अपडेट केवल एक UI बदलाव नहीं है—यह Google की बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसमें AI को ऐसा एजेंट बनाया जा रहा है जो काम भी कर सके।
Google I/O 2026 में इसके साथ कई नई तकनीकें भी पेश की गईं:
एक नया AI मॉडल जो तेज प्रतिक्रिया और मजबूत तर्क क्षमता को जोड़ता है। यह धीरे‑धीरे Gemini ऐप और Search में डिफ़ॉल्ट मॉडल बन रहा है।
यह मल्टीमॉडल मॉडल टेक्स्ट, इमेज या अन्य इनपुट से वीडियो जनरेट करने में सक्षम है। इससे Gemini की क्रिएटिव AI क्षमता काफी बढ़ जाती है।
Google ने Gemini Spark नाम का एक क्लाउड‑आधारित AI एजेंट भी पेश किया है जो उपयोगकर्ताओं की ओर से लगातार काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इन सभी अपडेट्स का उद्देश्य है कि Gemini केवल सवालों के जवाब देने वाला टूल न रहकर एक हमेशा उपलब्ध डिजिटल असिस्टेंट बन जाए।
Google के अनुसार Gemini ऐप का उपयोग तेजी से बढ़ा है। Google I/O 2026 तक इसके लगभग 900 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हो चुके हैं—जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है।
इतने बड़े यूज़र बेस के कारण Google इन नए फीचर्स और इंटीग्रेशन को बड़े पैमाने पर रोलआउट कर सकता है।
Gemini Live का नया संस्करण केवल फीचर जोड़ने का अपडेट नहीं है—यह मोबाइल पर AI के उपयोग का तरीका बदल सकता है।
अब उपयोगकर्ता:
सीधे शब्दों में कहें तो Google Android पर Gemini को एक केंद्रीय AI कंट्रोल लेयर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है—जहाँ बातचीत, ऐप कंट्रोल और AI जनरेशन सब एक ही जगह मिलते हैं।
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