इस फीचर की एक खास बात यह है कि इसमें एक ही समय पर कई AI एजेंट चलाए जा सकते हैं।
मतलब यह कि टीम एक एजेंट से लेआउट तैयार करवा सकती है, दूसरे से डिजाइन के वेरिएशन बनवा सकती है और तीसरे से कंपोनेंट्स एडिट करवा सकती है—सब कुछ समानांतर तरीके से।
इस तरह AI को एक तरह के अतिरिक्त “टीम मेंबर” की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है जो एक ही कैनवास पर अलग‑अलग काम कर रहे हों।
यह असिस्टेंट सामान्य चैटबॉट की तरह नहीं है। Figma इसे purpose‑built design agent कहता है, जिसे इंटरफेस एलिमेंट्स, लेआउट स्ट्रक्चर और डिजाइन सिस्टम समझने के लिए ट्रेन किया गया है।
क्योंकि यह सीधे कैनवास के अंदर काम करता है, इसलिए यह फाइल में मौजूद फ्रेम, कंपोनेंट और स्टाइल को पहचान सकता है। इससे यह मौजूदा डिजाइन सिस्टम के नियमों का पालन करते हुए बदलाव या नए डिजाइन बना सकता है।
Figma ने हाल के महीनों में Anthropic और OpenAI के साथ साझेदारी भी की है, जिससे Claude Code और Codex जैसे AI कोडिंग टूल्स को डिजाइन वर्कफ्लो के साथ जोड़ा जा सके। इसका उद्देश्य डिजाइन और कोड के बीच की दूरी कम करना है।
यह AI एजेंट सबसे पहले Figma Design प्रोडक्ट में लॉन्च हो रहा है, जो कंपनी का मुख्य इंटरफेस डिजाइन टूल है। शुरुआत में इसे धीरे‑धीरे बीटा रूप में जारी किया जा रहा है और बाद में इसे ज्यादा यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
बीटा अवधि के दौरान इस फीचर के इस्तेमाल पर AI क्रेडिट्स खर्च नहीं होंगे, लेकिन सामान्य उपलब्धता (general availability) के बाद क्रेडिट सिस्टम लागू हो सकता है।
Figma का लक्ष्य केवल डिजाइन टूल बने रहना नहीं है। कंपनी धीरे‑धीरे ऐसा प्लेटफॉर्म बना रही है जहाँ आइडिया से लेकर प्रोडक्शन तक का पूरा वर्कफ्लो एक ही जगह हो सके।
अपने वार्षिक Config कॉन्फ्रेंस में Figma ने कई नए प्रोडक्ट पेश किए, जैसे:
इन टूल्स का मकसद टीमों को डिजाइन, प्रोटोटाइप, डेवलपमेंट और पब्लिशिंग का काम एक ही प्लेटफॉर्म में पूरा करने देना है।
Figma का यह कदम ऐसे समय में आया है जब AI‑आधारित डिजाइन टूल्स की प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है।
Canva, Adobe और अन्य नए AI प्लेटफॉर्म ऐसे टूल्स बना रहे हैं जो केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से डिजाइन, मार्केटिंग ग्राफिक्स या प्रोटोटाइप तैयार कर सकते हैं। इससे पारंपरिक डिजाइन सॉफ्टवेयर कंपनियों पर अपने प्रोडक्ट में AI को गहराई से शामिल करने का दबाव बढ़ गया है।
Figma का मानना है कि AI डिजाइनरों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने के लिए होना चाहिए। इसलिए कंपनी AI को सीधे collaborative canvas में लाकर डिजाइन प्रक्रिया का सहयोगी (collaborator) बनाना चाहती है।
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