यही वह कानूनी व्याख्या है जिसके कारण ट्रेलर‑माउंटेड टर्बाइन अस्थायी रूप से चलाए जा सकते हैं, जबकि वे डेटा सेंटर को बिजली दे रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार साउथहेवन साइट पर लगभग 46 प्राकृतिक‑गैस टर्बाइन इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ये टर्बाइन बड़े AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर—जिसमें मेम्फिस के पास कंपनी का "Colossus" डेटा सेंटर नेटवर्क भी शामिल है—को बिजली देने के लिए लगाए गए हैं।
परमिट की स्थिति भी मिश्रित बताई जाती है:
कुछ रिपोर्टों के अनुसार लगभग 15 टर्बाइनों के पास परमिट हैं जबकि कुल संख्या लगभग 46 तक पहुंच चुकी है, जिससे नियामकीय अंतर पर बहस तेज हो गई है।
नागरिक‑अधिकार और पर्यावरण संगठनों का कहना है कि “मोबाइल” का लेबल वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता।
NAACP, जिसे Southern Environmental Law Center (SELC) और Earthjustice का समर्थन प्राप्त है, का तर्क है कि ये टर्बाइन स्थायी रूप से एक ही जगह लगाए गए हैं और एक बड़े डेटा सेंटर को बिजली दे रहे हैं। उनके अनुसार यह व्यवस्था व्यवहार में एक “de facto” यानी वास्तविक पावर प्लांट की तरह काम कर रही है।
इसी आधार पर उनका कहना है कि इन टर्बाइनों को अमेरिका के संघीय Clean Air Act के तहत स्थायी प्रदूषण स्रोत माना जाना चाहिए, जिसके लिए निर्माण से पहले परमिट और उत्सर्जन नियंत्रण अनिवार्य होते हैं।
कानूनी दलील यह भी है कि पर्यावरण कानून केवल उपकरण के पहियों या ट्रेलर पर होने से तय नहीं होता—बल्कि यह देखा जाता है कि वह व्यवहार में कैसे उपयोग हो रहा है।
2026 में NAACP ने xAI और उसकी सहायक कंपनी MZX Tech के खिलाफ मुकदमा दायर किया। आरोप है कि कंपनी दर्जनों बिना‑परमिट गैस टर्बाइनों को चलाकर डेटा सेंटर को बिजली दे रही है, जो कानून के खिलाफ हो सकता है।
संगठन ने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि मामले की सुनवाई के दौरान अस्थायी रोक (injunction) लगाकर टर्बाइनों का संचालन रोका जाए, क्योंकि इससे कथित तौर पर अवैध वायु प्रदूषण हो रहा है।
स्थानीय निवासियों और पर्यावरण समूहों ने भी कई चिंताएँ उठाई हैं। प्राकृतिक गैस के दहन से आम तौर पर नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य प्रदूषक निकलते हैं, जो वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
इसके अलावा आसपास के लोगों ने शोर, औद्योगिक गतिविधि की बढ़ती मात्रा और आवासीय इलाकों के करीब भारी ऊर्जा ढांचे को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
यह विवाद केवल एक परियोजना तक सीमित नहीं है। AI मॉडल और बड़े डेटा सेंटर भारी मात्रा में बिजली मांगते हैं, और कई तकनीकी कंपनियां बिजली की कमी या ग्रिड सीमाओं के कारण ऑन‑साइट ऊर्जा उत्पादन की ओर जा रही हैं।
मिसिसिपी में नियामकों ने पहले ही xAI की ऊर्जा जरूरतों के लिए 41 स्थायी गैस टर्बाइनों वाला एक बड़ा पावर प्लांट बनाने की अनुमति भी दी है, हालांकि उस फैसले को लेकर भी कानूनी चुनौतियां जारी हैं।
अंततः अदालत को यह तय करना पड़ सकता है कि क्या ट्रेलर‑माउंटेड टर्बाइनों को “मोबाइल” मानने की राज्य की व्याख्या संघीय Clean Air Act के नियमों के साथ संगत है। इसका फैसला भविष्य में अमेरिका में AI डेटा सेंटरों के ऊर्जा मॉडल के लिए महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
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