बर्लिन की स्टार्टअप Dunia Innovations AI मॉडल, रोबोटिक्स और ऑटोमेटेड प्रयोगों को जोड़कर ‘सेल्फ‑ड्राइविंग लैब’ बना रही है जो मटेरियल्स डिस्कवरी के पूरे Design‑Make‑Test‑Analyze चक्र को स्वचालित करती है। कंपनी का physics‑informed AI मॉडल संभावित नई सामग्रियाँ डिज़ाइन करता है और रोबोटिक सिस्टम उन्हें बनाकर परीक्षण करते...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is Dunia Innovations planning to industrialise AI‑driven materials discovery with its €280 million, 6,000 m² Berlin GigaLab—what technol. Article summary: I can verify Dunia’s core strategy—AI plus robotic “self-driving” labs for faster materials discovery—but I found insufficient public evidence for the specific €280 million, 6,000 m² Berlin “GigaLab,” its named partner s. Topic tags: general, general web, user generated, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Dunia Innovations scores $11.5M for its ‘self-driving lab’ to speed up discovery of new materials. Dunia Innovations, a Berlin-based deeptech startup specialising in AI-driven ma" source context "Dunia Innovations scores $11.5M for its 'self-driving lab' to speed up ..." Reference image 2: visual su
आज की लगभग हर आधुनिक तकनीक—बैटरियाँ, सेमीकंडक्टर, रासायनिक कैटालिस्ट या स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियाँ—नई सामग्रियों (materials) पर निर्भर करती हैं। लेकिन इन सामग्रियों की खोज की पारंपरिक प्रक्रिया बेहद धीमी और महंगी रही है।
सामान्य तौर पर वैज्ञानिक शोध में Design → Make → Test → Analyze (DMTA) नाम का चक्र चलता है। वैज्ञानिक पहले किसी संभावित सामग्री का डिज़ाइन बनाते हैं, उसे प्रयोगशाला में तैयार करते हैं, फिर उसका परीक्षण करते हैं और अंत में डेटा का विश्लेषण करते हैं। एक उपयोगी कैटालिस्ट या सामग्री तक पहुँचने में अक्सर कई साल लग सकते हैं।
AI मॉडल अब हजारों संभावित सामग्रियों की भविष्यवाणी कर सकते हैं, लेकिन समस्या यह है कि हर उम्मीदवार को वास्तविक प्रयोगों में बनाकर और जांचकर साबित करना पड़ता है—यही चरण सबसे धीमा है।
बर्लिन की डीपटेक स्टार्टअप Dunia Innovations इस समस्या को हल करने के लिए AI और रोबोटिक्स को जोड़कर स्वचालित प्रयोगशालाएँ विकसित कर रही है। इसका लक्ष्य मटेरियल्स डिस्कवरी को एक निरंतर चलने वाली स्वचालित प्रक्रिया में बदलना है।
कंपनी का प्लेटफ़ॉर्म मूल रूप से एक क्लोज़्ड‑लूप डिस्कवरी सिस्टम है, जहाँ AI और प्रयोगशाला उपकरण लगातार एक‑दूसरे से सीखते हैं।
यह चक्र कुछ इस तरह काम करता है:
इस तरह प्रयोग लगातार चलते रहते हैं और सिस्टम धीरे‑धीरे बेहतर सामग्री खोजने में अधिक सक्षम होता जाता है।
कई AI मॉडल केवल सांख्यिकीय पैटर्न पर आधारित होते हैं। लेकिन Dunia अपने प्लेटफ़ॉर्म में physics‑informed AI का उपयोग करती है—यानी ऐसे एल्गोरिद्म जो भौतिक और रासायनिक नियमों को भी ध्यान में रखते हैं।
इसका फायदा यह है कि AI द्वारा सुझाए गए उम्मीदवार केवल सैद्धांतिक रूप से ही नहीं बल्कि प्रयोगशाला में वास्तव में बनाए जा सकने वाले होते हैं। इससे बेकार प्रयोगों की संख्या कम हो जाती है।
क्लाइमेट‑टेक एक्सेलरेटर Third Derivative के अनुसार, physics‑informed AI और रोबोटिक प्रयोगों का संयोजन कुछ इलेक्ट्रोएक्टिव सामग्रियों की खोज को लगभग 10 गुना तेज़ और पारंपरिक R&D लागत के लगभग एक‑तिहाई में संभव बना सकता है।
Dunia की शुरुआती रिसर्च खास तौर पर उन सामग्रियों पर केंद्रित है जो ऊर्जा संक्रमण में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उदाहरण के लिए:
कंपनी विशेष रूप से electroactive materials पर काम कर रही है जो power‑to‑X तकनीकों में इस्तेमाल होती हैं—ये तकनीकें नवीकरणीय बिजली को ईंधन या रासायनिक फीडस्टॉक में बदलती हैं।
Dunia की औद्योगिक सहयोग का एक बड़ा उदाहरण ASCEND catalyst‑discovery consortium है, जिसे जर्मनी में शुरू किया गया है।
इस पहल में कई प्रमुख संगठन शामिल हैं:
जर्मन संघीय सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए €30 मिलियन की फंडिंग दी है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा‑गहन उद्योगों के लिए बेहतर कैटालिस्ट विकसित करना है।
Dunia Innovations की स्थापना 2022 में हुई थी और कंपनी ने अब तक लगभग €10.6 मिलियन (करीब $11.5 मिलियन) जुटाए हैं।
इसके निवेशकों में शामिल हैं:
यह निवेश यूरोप में AI‑आधारित वैज्ञानिक खोज और क्लाइमेट टेक पर बढ़ते फोकस को भी दर्शाता है।
स्वचालित प्रयोगशालाएँ केवल एक लैब नहीं होतीं—वे कई तकनीकों के मेल से बनती हैं। उदाहरण के लिए:
ऐसी तकनीकें—डिजिटल ट्विन, AI सिमुलेशन और रोबोटिक्स—स्वचालित वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अगर इस तरह के प्लेटफ़ॉर्म बड़े पैमाने पर सफल होते हैं, तो वैज्ञानिक खोज की अर्थव्यवस्था ही बदल सकती है।
ऑटोनॉमस लैब के संभावित फायदे हैं:
यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्नत सामग्री ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन और विनिर्माण जैसे बड़े उद्योगों की नींव हैं।
Dunia Innovations उस नई दिशा का उदाहरण है जिसमें AI, रोबोटिक्स और वास्तविक प्रयोग एक ही सिस्टम के रूप में काम करते हैं।
कंपनी का क्लोज़्ड‑लूप प्लेटफ़ॉर्म पहले से ही ऊर्जा और कैटालिसिस से जुड़ी सामग्रियों की खोज में इस्तेमाल हो रहा है। अगर ऐसे ऑटोनॉमस लैब मॉडल बड़े पैमाने पर अपनाए जाते हैं, तो भविष्य की वैज्ञानिक खोज पारंपरिक प्रयोगशाला से हटकर एक लगातार चलने वाली “AI‑संचालित शोध फैक्टरी” में बदल सकती है।
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बर्लिन की स्टार्टअप Dunia Innovations AI मॉडल, रोबोटिक्स और ऑटोमेटेड प्रयोगों को जोड़कर ‘सेल्फ‑ड्राइविंग लैब’ बना रही है जो मटेरियल्स डिस्कवरी के पूरे Design‑Make‑Test‑Analyze चक्र को स्वचालित करती है।
बर्लिन की स्टार्टअप Dunia Innovations AI मॉडल, रोबोटिक्स और ऑटोमेटेड प्रयोगों को जोड़कर ‘सेल्फ‑ड्राइविंग लैब’ बना रही है जो मटेरियल्स डिस्कवरी के पूरे Design‑Make‑Test‑Analyze चक्र को स्वचालित करती है। कंपनी का physics‑informed AI मॉडल संभावित नई सामग्रियाँ डिज़ाइन करता है और रोबोटिक सिस्टम उन्हें बनाकर परीक्षण करते हैं, जिससे वास्तविक प्रयोगों का डेटा तुरंत AI को वापस मिलता है।
Dunia की शुरुआती रिसर्च ऊर्जा संक्रमण से जुड़े इलेक्ट्रोकैटलिस्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन और CO₂ रूपांतरण जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है और जर्मनी के €30 मिलियन ASCEND कंसोर्टियम से भी जुड़ी है।