D1 में मॉड्यूलरिटी केवल औज़ार बदलने तक सीमित नहीं है: अलग रोबोट यूनिट हेड टू हेड या टेल टू टेल जुड़कर नई बॉडी संरचना बना सकती हैं। जुड़ने के बाद सिस्टम नई संरचना को पहचानकर मल्टी बॉडी डायनेमिक्स मॉडल अपडेट करता है और सभी यूनिट को एकीकृत गति व नियंत्रण ढांचे में लाता है। D1 SET कार्गो योजना में बॉडी जोड़कर पेलोड क्षे...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is Dongguan-based Direct Drive making its D1 platform a body-level modular “Lego” robot system, and how do its self-developed joining me. Article summary: Direct Drive’s strategy is to make the robot’s body—not merely its software or end effectors—reconfigurable. A D1 can operate alone or physically join other D1s, so a common set of modules can be recomposed into task-spe. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
Direct Drive का D1 रोबोट मॉड्यूलरिटी को केवल सॉफ्टवेयर बदलने या अलग औज़ार लगाने तक सीमित नहीं रखता। कंपनी का विचार रोबोट के पूरे भौतिक शरीर को दोबारा विन्यास योग्य बनाना है: एक D1 यूनिट अकेले काम कर सकती है, या दूसरी यूनिटों से जुड़कर नई मशीन का रूप ले सकती है। लक्ष्य यह है कि हर औद्योगिक काम के लिए बिल्कुल नया रोबोट विकसित करने के बजाय एक साझा तकनीकी आधार को अलग-अलग कामों में इस्तेमाल किया जाए। 4
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D1 में कंपनी का विकसित किया हुआ जोड़ने का तंत्र है, जो हेड-टू-हेड और टेल-टू-टेल जैसे विन्यासों को समर्थन देता है। कई यूनिट जुड़ने पर मशीन की कुल लंबाई, सहारा देने वाली संरचना और कार्य-रूप बदल सकते हैं। इससे पेलोड के लिए अधिक जगह बन सकती है या रोबोट की बनावट किसी विशेष रास्ते अथवा काम के लिए अधिक उपयुक्त हो सकती है। 4
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इसी अर्थ में इसे “लेगो रोबोट” कहना उपयोगी है—लेकिन एक अहम अंतर के साथ। यह निष्क्रिय ब्लॉकों का समूह नहीं है। वास्तविक कार्यस्थल में उपयोगी होने के लिए, जुड़ने के बाद रोबोट को यह भी समझना होगा कि उसका नया शरीर कैसा है।
प्लेटफ़ॉर्म संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, कई D1 यूनिटों के जुड़ने के बाद सिस्टम बनी हुई नई बॉडी संरचना की स्वतः पहचान करता है और अपना मल्टी-बॉडी डायनेमिक्स मॉडल अपडेट करता है। फिर जुड़ी हुई यूनिटों को एकीकृत गति और नियंत्रण प्रणाली में लाया जाता है। 4
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सरल शब्दों में, नियंत्रक को बदले हुए भौतिक रोबोट को पहचानकर उसी के मुताबिक काम करना होता है, न कि उसे मूल एकल रोबोट मानकर। जुड़ी हुई संरचना की ज्यामिति, भार-वितरण और सहारा व्यवस्था अलग होती है; इसलिए उसकी चाल और समन्वित गति को एक मशीन के रूप में नियंत्रित करना पड़ता है। Direct Drive अपने व्हील-लेग्ड रोबोटों में समन्वित नियंत्रण को रोबोट के एक संयुक्त इकाई की तरह कार्य करने की क्षमता बताती है। 3
यही यांत्रिक डोकिंग और वास्तव में उपयोगी पुनर्विन्यास के बीच का फर्क है। डोकिंग नई संरचना बनाती है; जबकि स्वचालित पहचान और मॉडल का पुनर्निर्माण नियंत्रण तंत्र को उस संरचना के अनुरूप प्रतिक्रिया देने लायक बनाते हैं।
D1 की अवधारणा अलग-अलग विन्यासों में मुख्य प्रणालियों के पुन: उपयोग पर टिकी है। रिपोर्ट के मुताबिक प्लेटफ़ॉर्म हार्डवेयर बस, सेंसर डेटा और मल्टी-बॉडी डायनेमिक्स गणना को जोड़ता है। वहीं, Direct Drive की डायरेक्ट-ड्राइव मोटर और इंटीग्रेटेड जॉइंट तकनीक व्हील-लेग्ड गति के लिए एक्ट्यूएशन आधार देती हैं। 3
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यही साझा आर्किटेक्चर इसका व्यावसायिक तर्क भी है। हर विशेष मशीन के लिए मोटर, जॉइंट, बिजली व्यवस्था, सेंसर, संचार और नियंत्रण को नए सिरे से बनाने के बजाय कंपनी एक सामान्य प्लेटफ़ॉर्म को अलग-अलग बॉडी विन्यास और पेलोड सेटअप के अनुसार ढालने का प्रयास कर सकती है। D1 के संभावित उपयोगों में निरीक्षण, डिलीवरी और आपातकालीन प्रतिक्रिया कार्य शामिल बताए गए हैं। 4
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इसका अर्थ यह नहीं कि काम-विशेष इंजीनियरिंग समाप्त हो जाती है। पेलोड इंटरफ़ेस, सुरक्षा सत्यापन, स्वायत्त व्यवहार और साइट इंटीग्रेशन को हर तैनाती के अनुरूप होना ही होगा। फिर भी, यदि मूल गतिशीलता और नियंत्रण प्रणाली समान रहे, तो पूरे रोबोट को फिर से विकसित करने की जरूरत कम हो सकती है।
D1-SET कार्गो-बॉक्स योजना इस प्लेटफ़ॉर्म रणनीति का अधिक ठोस उदाहरण है। रिपोर्ट की गई क्षमताओं में बॉडी डोकिंग से बीच के पेलोड क्षेत्र को बड़ा करना, कार्गो बॉक्स को स्वायत्त रूप से लगाना और हटाना, तथा अधिक ढुलाई स्थान के लिए रोबोट के शरीर की दिशा में कई बॉक्स लगाना शामिल है। 4
उसी रिपोर्ट में UWB और डेप्थ कैमरों के उपयोग से व्यक्ति का पीछा करने वाला मोड भी बताया गया है। प्रदर्शनों में अंदर और बाहर दोनों जगह चलना, लिफ्ट और सीढ़ियों से गुजरना तथा भार के साथ सीढ़ियां पार करना शामिल था। 4
लॉजिस्टिक्स में इसकी उपयोगिता लचीलेपन में है। सीमित भार या छोटे मार्ग के लिए छोटा रोबोट इस्तेमाल हो सकता है; क्षमता बढ़ने पर अतिरिक्त मॉड्यूल और बॉक्स जोड़े जा सकते हैं। यह स्थिर आधार वाले डिलीवरी रोबोट से अलग प्रस्ताव है, जिसका आकार और पेलोड क्षमता खरीद के समय काफी हद तक तय हो जाती है।
D1 की मॉड्यूलर बॉडी अवधारणा कंपनी की व्यापक डायरेक्ट-ड्राइव तकनीक से समर्थित है। कंपनी कहती है कि D1 को अक्टूबर 2025 में पूरी तरह मॉड्यूलर डुअल-व्हील-लेग्ड रोबोट के रूप में लॉन्च किया गया था; उसके सार्वजनिक दस्तावेज़ में समन्वित नियंत्रण को उसके व्हील-लेग्ड सिस्टम की क्षमता बताया गया है। 3
डायरेक्ट-ड्राइव मोटर और एकीकृत जॉइंट मॉड्यूल इसलिए प्रासंगिक हैं क्योंकि बदलती संरचना वाली मशीन में उसके हिस्सों का दोहराने योग्य और समन्वित एक्ट्यूएशन जरूरी होता है। कंपनी ने P10 जॉइंट मॉड्यूल में मोटर, सेंसर, ड्राइवर और नियंत्रक को एकीकृत करने की बात कही है; रिपोर्टिंग इन्हें तेज बहु-मॉड्यूल असेंबली और समन्वित नियंत्रण एल्गोरिद्म से जोड़ती है। 23
रणनीतिक बात यह नहीं है कि सिर्फ एक मोटर रोबोट को मॉड्यूलर बना देती है। बात यह है कि मानकीकृत प्रोपल्शन, सेंसिंग और नियंत्रण घटक एक ही मोशन प्लेटफ़ॉर्म को कई बॉडी विन्यासों तक ले जाना अधिक व्यावहारिक बनाते हैं।
मॉड्यूलर प्लेटफ़ॉर्म तभी व्यावसायिक रूप से उपयोगी होगा जब उसे पुन: उपयोग के लागत और समय लाभ खोए बिना कॉन्फ़िगर तथा वितरित किया जा सके। एक रिपोर्ट के अनुसार, Direct Drive के 40% से अधिक कर्मचारी अनुसंधान एवं विकास में हैं और कंपनी 30-दिन के त्वरित-डिलीवरी मॉडल का परीक्षण कर रही है। 4 हालांकि, कंपनी की फाइलिंग के आंकड़ों पर आधारित एक अलग रिपोर्ट के अनुसार 30 जून 2026 तक उसके 192 आरएंडडी कर्मचारी थे, जो कुल कर्मचारियों का 34.9% थे।
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इन आंकड़ों को सीधे समान नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि दोनों की रिपोर्टिंग तिथि या परिभाषा अलग हो सकती है। लेकिन दोनों से यह संकेत मिलता है कि कंपनी अपने आरएंडडी संसाधनों और लचीले विनिर्माण को D1 की तकनीकी मॉड्यूलरिटी के पूरक के रूप में पेश कर रही है।
उपलब्ध रिपोर्टिंग मुख्य तकनीकी दावे का समर्थन करती है: D1 यूनिट भौतिक रूप से जुड़ सकती हैं, सिस्टम नई संरचना पहचान सकता है और अपना डायनेमिक्स मॉडल व एकीकृत नियंत्रण ढांचा अपडेट कर सकता है। 4
6 कार्गो-बॉक्स अवधारणा भी दिखाती है कि बदलती बॉडी संरचना को परिवहन में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।
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लेकिन औद्योगिक उपयोगिता से जुड़े सबसे मजबूत दावे अभी शुरुआती चरण में हैं। विस्तृत साक्ष्य का बड़ा हिस्सा कंपनी-केंद्रित कवरेज, उत्पाद रिपोर्टिंग और प्रदर्शनों से आता है, न कि उत्पादन स्थलों पर लंबी अवधि के स्वतंत्र संचालन डेटा से। D1 की असली परीक्षा यह होगी कि बार-बार वास्तविक तैनाती में उसकी डोकिंग विश्वसनीयता, नियंत्रण की मजबूती, रखरखाव जरूरतें और सुरक्षा प्रदर्शन कैसे टिकते हैं।
फिलहाल D1 को एक प्लेटफ़ॉर्म दांव के रूप में समझना बेहतर है: भौतिक असेंबली के जरिए रोबोट के शरीर को ही “प्रोग्राम” करने योग्य बनाना, और फिर एक ही एक्ट्यूएशन व नियंत्रण स्टैक को एक से अधिक प्रकार की मशीनों में पुन: इस्तेमाल करना।
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D1 में मॉड्यूलरिटी केवल औज़ार बदलने तक सीमित नहीं है: अलग रोबोट यूनिट हेड टू हेड या टेल टू टेल जुड़कर नई बॉडी संरचना बना सकती हैं।
D1 में मॉड्यूलरिटी केवल औज़ार बदलने तक सीमित नहीं है: अलग रोबोट यूनिट हेड टू हेड या टेल टू टेल जुड़कर नई बॉडी संरचना बना सकती हैं। जुड़ने के बाद सिस्टम नई संरचना को पहचानकर मल्टी बॉडी डायनेमिक्स मॉडल अपडेट करता है और सभी यूनिट को एकीकृत गति व नियंत्रण ढांचे में लाता है।
D1 SET कार्गो योजना में बॉडी जोड़कर पेलोड क्षेत्र बढ़ाने, बॉक्स लगाने हटाने और कई बॉक्स जोड़ने की क्षमता दिखाई गई है; हालांकि दीर्घकालिक स्वतंत्र तैनाती के प्रमाण अभी सीमित हैं।