यूरोप और उत्तरी अमेरिका में वाहनों व उद्योगों से PM2.5 घटा है, लेकिन जंगलों की आग से निकला धुआँ और गर्मी में बनने वाला ओज़ोन उस स्वास्थ्य लाभ का एक हिस्सा पलट रहे हैं। जंगल की आग के धुएँ में मौजूद PM2.5 का संबंध श्वसन संबंधी अस्पताल भर्ती और मृत्यु के बढ़े जोखिम से मिला है; शोध बताता है कि इसका असर सामान्य शहरी कण प...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is climate change—through more frequent and intense heatwaves and wildfires—undermining global air-quality gains despite reduced industr. Article summary: Climate change is increasingly offsetting air-quality progress from cleaner industry and transport: hotter, drier conditions raise wildfire risk, while heat and sunlight accelerate the chemistry that forms ground-level o. Topic tags: general, government, general web, education, academic. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
स्वच्छ ईंधन, बेहतर बिजली व्यवस्था और कम-उत्सर्जन वाले वाहन रोजमर्रा का वायु प्रदूषण घटा सकते हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन से जुड़ी भीषण गर्मी और जंगलों की आग एक ऐसे प्रदूषण स्रोत को बढ़ा रही हैं, जिस पर स्थानीय शहरों का नियंत्रण सीमित है: धुआँ। इसके महीन कण सैकड़ों-हजारों किलोमीटर दूर तक पहुँच सकते हैं। साथ ही गर्मी और धूप, आग से निकली गैसों से नीचे की हवा में हानिकारक ओज़ोन बना सकती हैं। नतीजा यह है कि उद्योग और परिवहन में हुई सफाई की प्रगति हर समय साफ हवा में नहीं बदल रही।22
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जंगलों की आग से बड़ी मात्रा में महीन कण निकलते हैं, जिन्हें PM2.5 कहा जाता है। इसका मतलब 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे कण हैं—इतने छोटे कि फेफड़ों के भीतर तक पहुँच सकते हैं और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं।51
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गर्मी इस जोखिम को कई तरह से बढ़ाती है। वह वनस्पति और मिट्टी को सुखाकर आग के अनुकूल मौसम बना सकती है, और ओज़ोन बनने वाली वायुमंडलीय रासायनिक प्रक्रियाओं को तेज करती है। ऊपरी वायुमंडल की सुरक्षात्मक ओज़ोन परत से अलग, धरातल के पास बनने वाला ओज़ोन एक प्रदूषक है। आग उससे पहले बनने वाली गैसें छोड़ती है, इसलिए ओज़ोन आग के स्थान पर ही नहीं, हवा के बहाव की दिशा में दूरवर्ती इलाकों में भी बन सकता है।52
धुआँ केवल जले हुए क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। कॉपरनिकस ने 2025 में कनाडा की आग से उठे धुएँ को उत्तरी अटलांटिक पार करते हुए दक्षिणी यूरोप, भूमध्यसागरीय क्षेत्र, अज़ोरेस और उत्तर-पश्चिमी यूरोप तक पहुँचते दर्ज किया था।17 यानी किसी शहर के स्थानीय उत्सर्जन घट भी रहे हों, तब भी वह गंभीर धुएँ की घटना झेल सकता है।
सबसे स्पष्ट प्रमाण श्वसन तंत्र पर असर के हैं। एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में जंगल की आग-विशिष्ट PM2.5 का संबंध उसी दिन होने वाली कुल मृत्यु, श्वसन संबंधी अस्पताल भर्ती और आपात विभाग में आने वाले श्वसन मामलों की बढ़ोतरी से मिला। पुराने समीक्षात्मक अध्ययनों में दमा और क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (COPD) के बिगड़ने के ठोस संकेत मिले हैं; श्वसन संक्रमण और मृत्यु के संबंध में भी प्रमाण बढ़ रहे हैं।34
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मुख्य बातें:
मृत्यु के अनुमानों को सावधानी से पढ़ना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग अध्ययनों में पद्धति, संपर्क का अनुमान और समय-सीमा भिन्न होती है। फिर भी 2026 के एक अध्ययन ने अनुमान लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के सन्निहित 48 राज्यों में जंगल की आग के धुएँ से जुड़े PM2.5 का संबंध हर वर्ष लगभग 24,100 कुल मौतों से था। यह न तो वैश्विक कुल है और न ही हर देश पर लागू होने वाला आंकड़ा, लेकिन संभावित स्वास्थ्य बोझ का पैमाना जरूर दिखाता है।33
आग के धुएँ पर चर्चा अक्सर कणों तक सीमित रहती है, जबकि आग ओज़ोन के लिए भी अहम है। धरातलीय ओज़ोन श्वसन तंत्र में जलन और कार्यक्षमता में कमी ला सकता है। इसका संबंध श्वसन व हृदय संबंधी बीमारी तथा मृत्यु से जोड़ा गया है।
हालाँकि विशेष रूप से जंगल की आग से बने ओज़ोन के स्वास्थ्य प्रभावों पर शोध, PM2.5 की तुलना में नया और कम विकसित है। इसलिए उसके स्रोत-विशिष्ट स्वास्थ्य बोझ का अनुमान अभी कम निश्चित है।38 इसका अर्थ जोखिम को नज़रअंदाज़ करना नहीं, बल्कि गर्म और धुएँ वाले दिनों में बेहतर माप व पूर्वानुमान की जरूरत है—जब कण प्रदूषण और ओज़ोन साथ-साथ मौजूद हो सकते हैं।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के मुताबिक यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में नियमों से औद्योगिक व परिवहन PM2.5 उत्सर्जन घटे हैं, लेकिन आग से जुड़े PM2.5 के संपर्क में बढ़ोतरी हुई है।22
WMO के 2025 आकलन में बढ़ी आग गतिविधि के साथ उत्तरी कनाडा, रूसी संघ के कुछ हिस्सों और पश्चिम-मध्य अफ्रीका में PM2.5 दीर्घकालिक औसत से अधिक पाया गया। गर्मियों के अंत में असाधारण आग के कारण उत्तर-पश्चिमी स्पेन भी प्रदूषण का हॉटस्पॉट बना।22
2025 की यूरोपीय गर्मियों में, खासकर दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व में, आग से वायु गुणवत्ता पर व्यापक असर पड़ा। कॉपरनिकस के अनुसार जून के आखिर और जुलाई की शुरुआत में ग्रीस, तुर्किये और साइप्रस में बड़ी आग लगी; अगस्त में पुर्तगाल और उत्तर-पश्चिमी स्पेन में आग तेजी से फैली।18
अगला वर्ष भी गंभीर रहा। यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र के अनुसार, 1 जनवरी से 6 सितंबर 2026 तक यूरोपीय संघ में 650,458 हेक्टेयर क्षेत्र जल चुका था और 1,940 आग की घटनाएँ दर्ज हुई थीं। यह पूरे साल का अंतिम आंकड़ा नहीं, बल्कि उस समय तक का संचयी, अद्यतन अनुमान था। यह उसी तारीख तक 2025 के आंकड़े से कम, लेकिन पिछले 20 वर्षों के औसत से अधिक था।2
किसी क्षेत्र में साल भर कितनी बारिश होती है, सिर्फ यही आग के जोखिम को तय नहीं करता। किसी विशेष अवधि में तेज गर्मी, कम नमी और हवा के कारण वनस्पति व मिट्टी कितनी सूखती है, यह अधिक अहम है।
2025 के असाधारण यूरोपीय आग-सीजन पर शोध में सूखी गर्मियों और अत्यधिक वाष्प-दाब घाटे (vapour-pressure deficit या VPD)—अर्थात हवा की नमी खींचने की क्षमता—की ओर मजबूत रुझान पाए गए। अध्ययन का निष्कर्ष था कि वायुमंडलीय सूखापन बढ़ना उन गर्म, शुष्क और तेज हवा वाली परिस्थितियों के अधिक बार बनने की मुख्य वजह है, जो प्राकृतिक उतार-चढ़ाव से अपेक्षित नहीं थीं।19
इसका मतलब यह नहीं कि हर उत्तरी या अधिक वर्षा वाले क्षेत्र में हर साल ज्यादा आग लगेगी। आग लगने के स्रोत, भूमि प्रबंधन, ज्वलनशील सामग्री, आग बुझाने की क्षमता और मौसम की अनिश्चितता अब भी मायने रखते हैं। लेकिन घने वन, पीटलैंड और ईंधन-समृद्ध भू-दृश्य तीव्र सूखे के दौरान बहुत ज्वलनशील हो सकते हैं। इसलिए ऐतिहासिक नमी, अचानक उठने वाले धुएँ के जोखिम से भरोसेमंद सुरक्षा-कवच नहीं है।
ज्यादातर नियमित वायु-गुणवत्ता नेटवर्क PM2.5 और ओज़ोन जैसी सांद्रताओं को मापते हैं। ये माप अत्यंत जरूरी हैं, लेकिन वे यह पूरी तरह नहीं बताते कि धुएँ में क्या-क्या है, वह कहाँ से आया और स्वास्थ्य व जलवायु पर उसका प्रभाव कैसा हो सकता है।
WMO ने खास तौर पर ब्लैक कार्बन और माइक्रोप्लास्टिक जैसे उभरते एरोसोल के अपर्याप्त अवलोकन का उल्लेख किया है, साथ ही PM2.5 और धरातलीय ओज़ोन की मजबूत निगरानी की जरूरत पर जोर दिया है।50
तीन प्रमुख कमियाँ हैं:
बेहतर निगरानी केवल वैज्ञानिक सुधार नहीं है। इससे समय पर जन-चेतावनी, स्वास्थ्य संबंधी फैसले और अधिक लक्षित उत्सर्जन नीति संभव होती है।
WMO का तर्क व्यावहारिक है: वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के स्रोत, वायुमंडलीय रसायन और परिणाम आपस में जुड़े हैं। गर्मी और सूखा आग व धुएँ का जोखिम बढ़ा सकते हैं; आग कण और गैसें छोड़ती है; और उसका धुआँ आग के स्थान से बहुत दूर तक लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकता है। दूसरी ओर, दहन-आधारित प्रदूषण घटाने वाले कई कदम स्वास्थ्य लाभ देने के साथ तापवृद्धि सीमित करने में भी मदद कर सकते हैं।50
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इसलिए एक समन्वित नीति में उत्सर्जन कटौती के साथ आग-अनुकूल मौसम का पूर्वानुमान, धुएँ की भविष्यवाणी, सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनियाँ, गंभीर प्रदूषण के दौरान घर के भीतर अपेक्षाकृत साफ हवा के विकल्प और बेहतर वायुमंडलीय अवलोकन शामिल होने चाहिए। सीमापार समन्वय भी जरूरी है, क्योंकि धुआँ राष्ट्रीय सीमाओं को नहीं मानता।50
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वाहनों और उद्योगों को स्वच्छ बनाना अब भी महत्वपूर्ण है। लेकिन जंगलों की आग के इस दौर ने स्वच्छ हवा की नीति की परिभाषा बदल दी है: उसे रोजमर्रा के प्रदूषण को घटाने के साथ उन धुएँ और ओज़ोन प्रकरणों के लिए समुदायों को तैयार भी करना होगा, जिन्हें केवल स्थानीय उत्सर्जन नियंत्रण से रोका नहीं जा सकता।
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यूरोप और उत्तरी अमेरिका में वाहनों व उद्योगों से PM2.5 घटा है, लेकिन जंगलों की आग से निकला धुआँ और गर्मी में बनने वाला ओज़ोन उस स्वास्थ्य लाभ का एक हिस्सा पलट रहे हैं।
यूरोप और उत्तरी अमेरिका में वाहनों व उद्योगों से PM2.5 घटा है, लेकिन जंगलों की आग से निकला धुआँ और गर्मी में बनने वाला ओज़ोन उस स्वास्थ्य लाभ का एक हिस्सा पलट रहे हैं। जंगल की आग के धुएँ में मौजूद PM2.5 का संबंध श्वसन संबंधी अस्पताल भर्ती और मृत्यु के बढ़े जोखिम से मिला है; शोध बताता है कि इसका असर सामान्य शहरी कण प्रदूषण से अलग हो सकता है।[34][39]
WMO का निष्कर्ष है कि वायु गुणवत्ता नीति, जलवायु कार्रवाई, आग की तैयारी और वायुमंडलीय निगरानी को अलग अलग नहीं, बल्कि साथ मिलाकर बनाना होगा।[50]