इसके बावजूद कंपनी फिलहाल अपने वाहनों की कीमतों में बड़ा बदलाव करने की योजना नहीं बना रही है। Nio कुछ लागत खुद वहन करके भी अपने प्रीमियम ब्रांड की स्थिति बनाए रखना चाहती है।
इसके उलट Li Auto ने ज्यादा आक्रामक कीमत रणनीति अपनाई है। कंपनी ने अपने अपडेटेड L9 SUV की प्री‑सेल कीमत 509,800 युआन तय की है, जिससे यह चीन के भीड़भाड़ वाले प्रीमियम SUV सेगमेंट में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सके।
यह कदम उद्योग के एक बड़े ट्रेंड को भी दर्शाता है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आर्थिक अनिश्चितता के कारण कई ऑटो निर्माता नए मॉडल लॉन्च करते समय कम शुरुआती कीमत तय कर रहे हैं ताकि बिक्री और बाजार हिस्सेदारी बनी रहे।
हालाँकि निवेशकों ने इस रणनीति को सकारात्मक तरीके से नहीं लिया। L9 की कीमत कम करने और लॉन्च पर बाजार की ठंडी प्रतिक्रिया के बाद Li Auto के हांगकांग में सूचीबद्ध शेयर लगभग 14% गिरकर करीब HK$64.90 पर आ गए।
इस गिरावट से संकेत मिलता है कि निवेशकों को डर है कि कीमत घटाने की रणनीति से कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है—खासकर ऐसे समय में जब कंपोनेंट और कच्चे माल की लागत पहले से बढ़ रही है।
दोनों कंपनियों के प्रमुख SUV मॉडल की कीमतों की तुलना उनके अलग दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है।
इसका मतलब है कि ES9 की कीमत L9 से करीब 18,200 युआन (लगभग 3.6%) अधिक है। यह अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि Nio जानबूझकर अपने मॉडल को प्रीमियम सेगमेंट में बनाए रखना चाहती है।
इन रणनीतियों के पीछे चीन के ऑटो बाजार में हो रहा एक बड़ा बदलाव भी है। आर्थिक अनिश्चितता और तीखी प्रतिस्पर्धा के कारण कई उपभोक्ता अब कम कीमत वाले वाहनों को प्राथमिकता देने लगे हैं।
इस बदलाव ने प्रीमियम EV निर्माताओं के सामने मुश्किल संतुलन खड़ा कर दिया है—क्या वे बिक्री बढ़ाने के लिए कीमतें कम करें या ब्रांड वैल्यू और मुनाफे की रक्षा करें?
Nio और Li Auto की अलग‑अलग रणनीतियाँ उद्योग की मूल दुविधा को सामने लाती हैं:
आने वाले समय में यह साफ होगा कि चीनी ग्राहक प्रीमियम फीचर्स के लिए ज्यादा कीमत देने को तैयार रहते हैं या फिर EV बाजार में कम कीमत वाले विकल्प ही जीतते हैं।