2025 में कंपनी के निर्यात में तेज़ उछाल देखा गया था। उस वर्ष विदेशी शिपमेंट लगभग 1.29 मिलियन वाहनों तक पहुंच गया—जो साल-दर-साल 33.2% की वृद्धि थी।
कंपनी समूह ने 2026 के लिए कुल 3.2 मिलियन वाहनों की बिक्री का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले साल से लगभग 14% अधिक है। यदि निर्यात लक्ष्य हासिल होता है, तो कुल बिक्री का लगभग आधा हिस्सा विदेशी बाजारों से आ सकता है।
निर्यात की गति पहले से ही मजबूत दिखाई दे रही है। अप्रैल 2026 में Chery ने लगभग 177,600 वाहन विदेश भेजे, जो उस महीने BYD और SAIC जैसे प्रतिस्पर्धियों से अधिक था।
Chery की वैश्विक रणनीति में इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से केंद्र में आ रहे हैं।
कंपनी के अधिकारियों का अनुमान है कि विदेशों में EV बिक्री 10 लाख यूनिट से भी अधिक हो सकती है, क्योंकि कई देशों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की मांग तेज़ी से बढ़ रही है।
कंपनी बैटरी तकनीक पर भी निवेश बढ़ा रही है। उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, Chery ऐसी बैटरी सिस्टम पर काम कर रही है जो एक बार चार्ज पर लगभग 1,500 किलोमीटर (लगभग 932 मील) तक की ड्राइविंग रेंज देने का लक्ष्य रखते हैं।
पूरे चीनी ऑटो उद्योग में इलेक्ट्रिफिकेशन एक प्रमुख विकास इंजन बन चुका है—जो कंपनियों को नई तकनीक और अपेक्षाकृत कम लागत के साथ वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में मदद कर रहा है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता भी EV की मांग को प्रभावित कर रही है।
हाल के भू-राजनीतिक तनावों के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)—जो दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है—में तेल आपूर्ति बाधित हुई। इससे ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।
ऐसी स्थिति में कई देश तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए चीनी इलेक्ट्रिक कारों, बैटरियों और सौर तकनीक की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
इस बदलाव का फायदा Chery जैसी कंपनियों को मिल सकता है, जिनकी EV लाइन‑अप तेजी से विस्तार कर रही है।
Chery की वैश्विक रणनीति में यूरोप एक प्रमुख बाजार बनता जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, उसका अंतरराष्ट्रीय फोकस अब केवल तेजी से विस्तार नहीं बल्कि “quality deep cultivation” यानी मौजूदा बाजारों में नेटवर्क, ब्रांड और सेवा को मजबूत करने पर है।
हाल की प्रमुख पहलें शामिल हैं:
स्थानीय उत्पादन से कंपनी को व्यापार बाधाओं और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद मिल सकती है, साथ ही यूरोपीय ग्राहकों के बीच भरोसा भी बढ़ सकता है।
Chery अब उत्तरी अमेरिकी बाजार की संभावनाएँ भी देख रही है, हालांकि यह कदम अभी शुरुआती चरण में है।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि वह “उचित समय आने पर” अमेरिकी बाजार में प्रवेश करना चाहती है, लेकिन अभी इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।
कनाडा में भी कंपनी बाजार का अध्ययन कर रही है और स्थानीय साझेदारियों की संभावनाएँ तलाश रही है। Omoda और Jaecoo जैसे ब्रांडों से जुड़े पदों के लिए भर्ती भी की जा रही है—जो संभावित विस्तार की तैयारी का संकेत है।
हालांकि, अमेरिका और कनाडा में प्रवेश के रास्ते में टैरिफ, नियम और भू‑राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
Chery का निर्यात नेतृत्व अब अन्य चीनी कंपनियों से चुनौती का सामना कर रहा है।
हर कंपनी अलग‑अलग क्षेत्रीय रणनीति अपना रही है। उदाहरण के लिए:
इस वजह से Chery को तकनीक, ब्रांडिंग और स्थानीय साझेदारियों में लगातार निवेश करना पड़ेगा ताकि वह अपनी निर्यात बढ़त बनाए रख सके।
Chery की रणनीति दरअसल एक बड़े वैश्विक बदलाव का हिस्सा है।
कई चीनी ऑटो कंपनियाँ घरेलू बाजार की धीमी वृद्धि की भरपाई के लिए विदेशी बाजारों में तेजी से विस्तार कर रही हैं और अपनी EV तकनीक को वैश्विक स्तर पर स्केल कर रही हैं।
यदि Chery 2026 में 1.5 मिलियन से अधिक कार निर्यात करने का लक्ष्य हासिल कर लेती है, तो यह किसी भी चीनी ऑटोमेकर के लिए सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय विस्तारों में से एक होगा—और वैश्विक ऑटो उद्योग में प्रतिस्पर्धा को और तेज़ कर सकता है।
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