वुड मैकेंज़ी के अनुमान में चीन के डेटा सेंटर 2030 तक 774 TWh बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं—मौजूदा स्तर से करीब चार गुना और राष्ट्रीय खपत का लगभग 6%। [55] निकट अवधि में व्यावहारिक परमाणु विकल्प बड़े पारंपरिक रिएक्टर हैं: चीन में 64 रिएक्टर चालू हैं और 38 निर्माणाधीन हैं। [17] Junhe Atomic का लक्ष्य लगभग 2031 में प्रदर्श...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is China responding to AI-driven growth in data-center electricity demand—projected to rise fourfold to 774 TWh by 2030—by accelerating. Article summary: China is pursuing a layered response: scale up proven large reactors for near-term firm power, develop SMRs and microreactors for more flexible industrial and data-center uses, and fund fusion as a longer-term strategic . Topic tags: general, government, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, cha
चीन AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग से बढ़ने वाली बिजली मांग का जवाब किसी एक तकनीक से नहीं दे रहा है। उसकी रणनीति तीन परतों वाली है: अभी भरोसेमंद आपूर्ति के लिए बड़े पारंपरिक परमाणु रिएक्टर, आगे चलकर अधिक लचीले छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR), और बहुत लंबी अवधि के लिए परमाणु फ्यूजन।
वुड मैकेंज़ी का अनुमान है कि चीन के डेटा सेंटर 2030 तक सालाना 774 टेरावाट-घंटे (TWh) बिजली खपा सकते हैं—वर्तमान उपयोग से लगभग चार गुना और देश की कुल बिजली मांग का करीब 6%। यह अनुमानित परिदृश्य है, पक्का मांग-परिणाम नहीं। 55 फिर भी, इससे स्पष्ट है कि AI विस्तार के लिए बिजली उपलब्धता रणनीतिक मुद्दा बन रही है।
चीन के पास 64 चालू परमाणु रिएक्टर हैं, जिनकी कुल क्षमता 63,985 मेगावाट इलेक्ट्रिक (MWe) है। इसके अलावा, 38 रिएक्टर, जिनकी कुल क्षमता 39,694 MWe है, निर्माणाधीन हैं। 17 कंप्यूटिंग और अन्य क्षेत्रों की बढ़ती मांग के लिए यह निर्माण पाइपलाइन चीन का तत्काल लागू किया जा सकने वाला परमाणु विकल्प है।
बड़े रिएक्टर स्थिर और कम-उत्सर्जन बिजली दे सकते हैं, लेकिन डेटा सेंटरों की तेजी से बढ़ती मांग का पूरा समाधान वे अकेले नहीं हैं। इसके लिए ग्रिड विस्तार, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, दक्षता उपाय और अन्य उत्पादन स्रोत भी जरूरी होंगे। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, 2030 तक वैश्विक डेटा सेंटरों की अतिरिक्त बिजली मांग का लगभग आधा हिस्सा नवीकरणीय स्रोत पूरा कर सकते हैं; दशक के आखिर और उसके बाद परमाणु ऊर्जा की भूमिका बढ़ने का अनुमान है। 57
चीन हैनान चांगजियांग मल्टी-पर्पज़ स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर टेक्निकल डेमोंस्ट्रेशन प्रोजेक्ट पर भी आगे बढ़ रहा है। 18 छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों को बड़े संयंत्रों की तुलना में अधिक लचीले स्थान पर लगाने और मानकीकृत तरीके से बनाने की संभावना के लिए देखा जाता है। हालांकि, वाणिज्यिक पैमाने पर उनकी लागत और अर्थशास्त्र अभी पूरी तरह स्थापित नहीं हैं।
IEA का आकलन है कि डेटा सेंटरों की बिजली आपूर्ति में SMR की महत्वपूर्ण एंट्री 2030 के बाद होगी, न कि AI मांग के तत्काल समाधान के रूप में। 57
उपलब्ध जानकारी में “Junhe Nuclear” से आशय संभवतः Junhe Atomic (JHATOM) है। कंपनी के मुताबिक, यह 2025 में स्थापित चीन की निजी परमाणु-तकनीक कंपनी है, जो SMR और माइक्रोरिएक्टर प्रणालियों के विकास तथा व्यावसायिक तैनाती पर काम करती है। 19
रिपोर्टों के अनुसार, शंघाई स्थित कंपनी ने 30 करोड़ युआन का वेंचर निवेश जुटाया है, अभी डिजाइन चरण में है और लगभग 2031 के आसपास प्रदर्शन परियोजना चालू करने का लक्ष्य रखती है। 50
36 लेकिन यह किसी वित्तपोषित, लाइसेंस-प्राप्त या निर्माणाधीन रिएक्टर का प्रमाण नहीं है; न ही कोई पक्का डेटा-सेंटर बिजली खरीद समझौता सामने आया है।
मुख्य अनिश्चितताएं क्रियान्वयन से जुड़ी हैं। उपलब्ध स्रोत किसी विशिष्ट रिएक्टर डिजाइन, निर्माण आरंभ तिथि, ग्रिड से जुड़ने की तारीख या वाणिज्यिक बिजली-खरीद अनुबंध की पुष्टि नहीं करते। इसलिए Junhe Atomic को चीन की उन्नत विखंडन तकनीक में रुचि का संकेत तो माना जा सकता है, लेकिन AI डेटा सेंटरों के लिए निकट-अवधि का निश्चित बिजली आपूर्तिकर्ता नहीं।
शंघाई स्थित NovaFusionX, जो 2025 में स्थापित हुई, फील्ड-रिवर्स्ड कॉन्फ़िगरेशन (FRC) पर आधारित छोटे, मॉड्यूलर फ्यूजन सिस्टम विकसित कर रही है। कंपनी इन्हें डेटा सेंटर जैसे वितरित उपयोगों के लिए पेश करने की सोच रही है। 33
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कंपनी की फंडिंग तेज गति से बढ़ी है। अप्रैल 2026 में NovaFusionX ने कहा कि 70 करोड़ युआन के Angel+ दौर के बाद उसकी कुल फंडिंग एक वर्ष में 1.2 अरब युआन, यानी करीब 17.56 करोड़ डॉलर हो गई। 42 अगस्त में कंपनी ने 1.2 अरब युआन की प्री-सीरीज़ A फंडिंग की सूचना दी; रिपोर्ट के मुताबिक कुल फंडिंग 2.4 अरब युआन तक पहुंची और निवेश के बाद उसका मूल्यांकन 10 अरब युआन से ऊपर था।
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फंडिंग सुर्खियों से अलग असल समय-सीमा ज्यादा संयमित है: NovaFusionX का लक्ष्य अपने Nova One उपकरण में 2026 के अंत तक फर्स्ट प्लाज़्मा हासिल करना है। 38 फर्स्ट प्लाज़्मा एक प्रायोगिक मशीन के संचालन का शुरुआती वैज्ञानिक पड़ाव है। इसका अर्थ न तो शुद्ध बिजली उत्पादन है, न व्यावसायिक रिएक्टर, न नियामकीय मंजूरी और न ही डेटा सेंटर को भरोसेमंद बिजली आपूर्ति।
कंपनी के संस्थापक ने कहा है कि AI-प्रेरित मांग के कारण फ्यूजन के व्यावसायीकरण की अवधि को 30–50 वर्ष से घटाकर 5–10 वर्ष करना होगा। 37 यह कंपनी की महत्वाकांक्षा है, स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तैनाती समय-सीमा नहीं। दुनिया में अभी कहीं भी फ्यूजन से वाणिज्यिक बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है।
चीन के फ्यूजन समर्थन के अनुमान अलग-अलग हैं, क्योंकि सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक धन का पूरा हिसाब लगाना कठिन है। एक अमेरिकी द्विदलीय आयोग के आकलन में चीन ने 2023 से फ्यूजन पर कम से कम 6.5 अरब डॉलर लगाए हैं—तुलनीय अवधि में अमेरिकी ऊर्जा विभाग के फ्यूजन कार्यक्रम के बजट से लगभग तीन गुना। कुछ अन्य आकलन इसकी ऊपरी सीमा करीब 13 अरब डॉलर बताते हैं। इन आंकड़ों को ऑडिट किए गए कुल के बजाय अनुमान के रूप में पढ़ना चाहिए। 4
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निजी फ्यूजन निवेश में अमेरिका अब भी आगे है। एक उद्योग आकलन के अनुसार, 42 अमेरिकी कंपनियों में करीब 8.05 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि चीन की आठ कंपनियों में करीब 5.14 अरब डॉलर। 8
अमेरिकी संघीय समर्थन भी बढ़ रहा है। ऊर्जा विभाग के फ्यूजन एनर्जी साइंसेज़ कार्यक्रम का वित्त वर्ष 2025 का बजट 79 करोड़ डॉलर था, जबकि ARPA-E ने 2026 में फ्यूजन व्यावसायीकरण परियोजनाओं के लिए 18 महीनों में 13.5 करोड़ डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई। 5
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हालांकि, अधिक पैसा किसी खास फ्यूजन तकनीक के पहले विश्वसनीय और किफायती बिजली पैदा करने की गारंटी नहीं देता। तकनीकी तथा व्यावसायिक जोखिम दोनों देशों में बने हुए हैं।
चीन की संभावित बढ़त इस बात का प्रमाण नहीं कि उसने फ्यूजन की चुनौती हल कर ली है। उसकी ताकत शोध, विनिर्माण और लगातार निर्माण को बड़े घरेलू बाजार से जोड़ने की क्षमता में हो सकती है।
64 चालू और 38 निर्माणाधीन रिएक्टरों का सतत कार्यक्रम रिएक्टर विक्रेताओं, कलपुर्जा निर्माताओं, निर्माण टीमों, ऑपरेटरों और नियामकों के लिए निरंतर काम पैदा करता है। 17 बार-बार परियोजनाएं करने से मानकीकरण, कुशल कार्यबल को बनाए रखने और बड़े पैमाने पर खरीद में मदद मिल सकती है—ऐसे तत्व जो समय के साथ परियोजना-क्रियान्वयन का जोखिम घटा सकते हैं।
विश्लेषक चीन के फ्यूजन प्रयास को केंद्रीय व प्रांतीय फंडिंग, विश्वविद्यालयों और बड़े औद्योगिक खिलाड़ियों के संयोजन के रूप में देखते हैं। 6
7 यह ढांचा प्रयोगशाला से प्रोटोटाइप और विनिर्माण क्षमता तक पहुंचना आसान बना सकता है, हालांकि इससे बेहतर रिएक्टर प्रदर्शन या कम लागत सुनिश्चित नहीं होती।
यदि चीन के आपूर्तिकर्ता मानकीकृत तकनीक, भरोसेमंद समय-सीमा और वित्तपोषण की पेशकश कर पाते हैं, तो मजबूत घरेलू निर्माण आधार उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बना सकता है। लेकिन परमाणु सुरक्षा मानक, अप्रसार नियम, भू-राजनीति, वित्तपोषण की शर्तें, ईंधन-चक्र व्यवस्थाएं और हर परियोजना का स्थानीय अर्थशास्त्र निर्यात की राह को सीमित करेंगे।
2030 तक 774 TWh की अनुमानित डेटा-सेंटर मांग चीन के AI विस्तार में बिजली को केंद्रीय रणनीतिक सवाल बनाती है। 55 इस दशक में महत्वपूर्ण परमाणु कहानी बड़े पारंपरिक रिएक्टरों की निरंतर तैनाती है; SMR आगे चलकर पूरक भूमिका निभा सकते हैं।
Junhe Atomic उन्नत विखंडन क्षेत्र की शुरुआती कंपनी है, जिसका रिपोर्टेड प्रदर्शन-परियोजना लक्ष्य लगभग 2031 है। NovaFusionX ने उल्लेखनीय पूंजी जुटाई है और 2026 में फर्स्ट प्लाज़्मा का लक्ष्य रखा है। लेकिन दोनों में से किसी ने भी डेटा सेंटरों को बैंक योग्य, वाणिज्यिक बिजली देने का रास्ता सिद्ध नहीं किया है। 19
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फ्यूजन अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अहम रणनीतिक दांव है, मगर यह अभी लंबी अवधि का दांव ही है। चीन की सबसे ठोस संभावित बढ़त सिद्ध परमाणु प्रौद्योगिकियों को दोहराई जा सकने वाली औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने और साथ-साथ उन्नत विखंडन व फ्यूजन में निवेश करने की क्षमता है।
Studio Global AI
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वुड मैकेंज़ी के अनुमान में चीन के डेटा सेंटर 2030 तक 774 TWh बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं—मौजूदा स्तर से करीब चार गुना और राष्ट्रीय खपत का लगभग 6%। [55]
वुड मैकेंज़ी के अनुमान में चीन के डेटा सेंटर 2030 तक 774 TWh बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं—मौजूदा स्तर से करीब चार गुना और राष्ट्रीय खपत का लगभग 6%। [55] निकट अवधि में व्यावहारिक परमाणु विकल्प बड़े पारंपरिक रिएक्टर हैं: चीन में 64 रिएक्टर चालू हैं और 38 निर्माणाधीन हैं। [17]
Junhe Atomic का लक्ष्य लगभग 2031 में प्रदर्शन परियोजना है, जबकि NovaFusionX 2026 के अंत तक अपने प्रयोगात्मक उपकरण में ‘फर्स्ट प्लाज़्मा’ हासिल करना चाहता है; ये वाणिज्यिक बिजली आपूर्ति के प्रमाण नहीं हैं। [36][38]