चार्ल्स हॉस्किन्सन का मानना है कि उद्योग को संभावित खतरे का इंतज़ार करने के बजाय अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
उन्होंने उन सरकारी और अनुसंधान कार्यक्रमों का हवाला दिया है जो यह आकलन कर रहे हैं कि उपयोगी क्वांटम कंप्यूटर 2033 तक संभव हो सकते हैं या नहीं। उनके अनुसार अगले कुछ वर्षों में यह स्पष्ट संकेत मिल सकते हैं कि यह खतरा जल्द आने वाला है या कई दशक दूर है ।
कुछ रिपोर्टों में उन्होंने यह भी कहा कि 2033 तक क्वांटम कंप्यूटर द्वारा कुछ विकेंद्रीकृत सिस्टम की क्रिप्टोग्राफी टूटने की संभावना 50% से अधिक हो सकती है, इसलिए उद्योग को अभी से माइग्रेशन रणनीति तैयार करनी चाहिए ।
फिर भी हॉस्किन्सन यह भी मानते हैं कि खतरा तुरंत नहीं है। कई पोस्ट‑क्वांटम एल्गोरिदम अभी प्रदर्शन के मामले में भारी पड़ते हैं, इसलिए उन्हें जल्दी अपनाने से नेटवर्क की गति और लागत पर असर पड़ सकता है ।
Cardano का संभावित समाधान Post‑Quantum Cryptography (PQC) अपनाना है—ऐसे एल्गोरिदम जो बड़े क्वांटम कंप्यूटरों के खिलाफ भी सुरक्षित माने जाते हैं।
वर्तमान शोध का बड़ा हिस्सा lattice‑based cryptography पर केंद्रित है। यह जटिल गणितीय समस्याओं पर आधारित होती है जिन्हें क्लासिकल और क्वांटम दोनों तरह के कंप्यूटरों के लिए कठिन माना जाता है।
यह दिशा अमेरिकी मानकीकरण संस्था NIST (National Institute of Standards and Technology) के नए पोस्ट‑क्वांटम मानकों से भी मेल खाती है। अगस्त 2024 में NIST ने तीन आधिकारिक मानक जारी किए:
इन मानकों को विशेष रूप से भविष्य के क्वांटम हमलों का सामना करने के लिए बनाया गया है और उद्योग को सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी की ओर स्थानांतरित होने के लिए मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से जारी किया गया है ।
कुछ उद्योग चर्चाओं में FIPS 206 का भी उल्लेख मिलता है, लेकिन NIST की आधिकारिक 2024 घोषणा में मुख्य रूप से ऊपर बताए गए तीन मानकों को अंतिम रूप दिया गया था ।
किसी लाइव ब्लॉकचेन में क्रिप्टोग्राफी बदलना केवल नया एल्गोरिदम जोड़ने जितना सरल नहीं होता। पूरे इकोसिस्टम—वॉलेट, एक्सचेंज, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, और इन्फ्रास्ट्रक्चर—को अपडेट करना पड़ता है।
हॉस्किन्सन ने एक चरणबद्ध माइग्रेशन रणनीति का विचार रखा है:
Cardano में ऐसे बड़े बदलाव आम तौर पर नेटवर्क की गवर्नेंस प्रक्रिया के माध्यम से होते हैं—जहाँ प्रस्ताव, समुदाय समीक्षा और व्यापक नेटवर्क सहमति की आवश्यकता होती है।
फिलहाल पोस्ट‑क्वांटम अपग्रेड के लिए कोई अंतिम Cardano Improvement Proposal (CIP) या निश्चित एक्टिवेशन टाइमलाइन घोषित नहीं की गई है। यह अभी शोध और रणनीतिक चर्चा के चरण में है।
पोस्ट‑क्वांटम क्रिप्टोग्राफी अपनाने की एक बड़ी समस्या प्रदर्शन है। ECC की तुलना में कई PQC एल्गोरिदम में:
इनका सीधा असर ट्रांजैक्शन साइज़, ब्लॉक क्षमता और नेटवर्क की गति पर पड़ सकता है। हॉस्किन्सन के अनुसार कुछ क्वांटम‑सुरक्षित प्रोटोकॉल काफी धीमे और महंगे हो सकते हैं, इसलिए अधिकांश ब्लॉकचेन अभी तुरंत उन्हें लागू नहीं कर रहे हैं ।
Cardano इकोसिस्टम में कुछ प्रयोगात्मक वातावरण—जैसे प्राइवेसी‑फोकस्ड Midnight साइडचेन—नई क्रिप्टोग्राफी को परीक्षण के लिए उपयोगी प्लेटफ़ॉर्म बन सकते हैं।
हालाँकि सार्वजनिक स्रोतों में इस बात का ठोस प्रमाण सीमित है कि "Nightstream" नाम की कोई प्रणाली Cardano की क्वांटम‑रेज़िस्टेंस माइग्रेशन का आधिकारिक हिस्सा है। साइडचेन पर परीक्षण संभव है, लेकिन इसे मुख्य रणनीति के रूप में पुष्टि नहीं मिली है।
Cardano अकेला प्रोजेक्ट नहीं है जो क्वांटम जोखिम पर विचार कर रहा है। Bitcoin समुदाय में भी इस विषय पर सक्रिय चर्चा चल रही है।
कुछ प्रस्ताव—जैसे BIP‑360 और BIP‑361—Bitcoin को ECDSA और Schnorr सिग्नेचर से हटाकर क्वांटम‑रेज़िस्टेंट विकल्पों की ओर ले जाने की रूपरेखा देते हैं । इन प्रस्तावों के कुछ संस्करणों में उपयोगकर्ताओं को अपने फंड नए एड्रेस प्रकार में स्थानांतरित करना पड़ सकता है, अन्यथा पुराने एड्रेस असुरक्षित हो सकते हैं।
यही कारण है कि Bitcoin समुदाय में इस मुद्दे पर काफी बहस है, क्योंकि इससे ऐसे परिदृश्य बन सकते हैं जहाँ पुराने कॉइन्स स्थायी रूप से फ्रीज़ हो जाएँ।
इसके विपरीत Cardano फिलहाल धीरे‑धीरे शोध, परीक्षण और गवर्नेंस‑आधारित माइग्रेशन पर जोर देता है, न कि तुरंत अनिवार्य अपग्रेड पर।
जहाँ तक Ripple या XRP Ledger का सवाल है, उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों में Cardano या Bitcoin जैसी विस्तृत पोस्ट‑क्वांटम माइग्रेशन योजना का स्पष्ट रोडमैप कम दिखाई देता है।
कुल मिलाकर Cardano की रणनीति अभी रणनीतिक तैयारी के चरण में है, न कि लागू समाधान के। नेटवर्क पोस्ट‑क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पर शोध कर रहा है, NIST मानकों के साथ तालमेल बैठा रहा है और भविष्य में गवर्नेंस‑आधारित माइग्रेशन की योजना बना रहा है।
अंतिम सवाल अभी भी वही है: बड़े और भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर वास्तव में कब आएँगे। लेकिन क्रिप्टो उद्योग में एक बात पर सहमति बन रही है—यदि क्वांटम जोखिम वास्तविक बनता है, तो सुरक्षित क्रिप्टोग्राफी में परिवर्तन करने में खुद कई साल लग सकते हैं।
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