इसी कारण इसे सब‑2nm लॉजिक चिप्स और अगली पीढ़ी की मेमोरी स्केलिंग का प्रमुख सक्षमकर्ता माना जा रहा है।
High‑NA EUV सिस्टम आधुनिक इंजीनियरिंग के सबसे जटिल औद्योगिक उपकरणों में गिने जाते हैं।
इतनी बड़ी लागत के कारण चिप कंपनियों को सावधानी से तय करना पड़ता है कि कम स्टेप्स और ज्यादा डेंसिटी का लाभ इस भारी निवेश को सही ठहराता है या नहीं।
इस तकनीक को अभी केवल दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियाँ ही अपना रही हैं।
उद्योग विश्लेषकों के अनुसार Intel, Samsung और SK hynix शुरुआती बड़े उपयोगकर्ताओं में शामिल रहेंगे क्योंकि तकनीक धीरे‑धीरे बड़े पैमाने पर उत्पादन की ओर बढ़ रही है।
High‑NA EUV अब केवल प्रयोगशाला तकनीक नहीं रह गई है।
हालांकि निकट भविष्य में पारंपरिक EUV और High‑NA दोनों साथ‑साथ इस्तेमाल होंगे। कई लेयर्स के लिए मौजूदा EUV सिस्टम अभी भी पर्याप्त और अधिक किफायती रहेंगे।
CPU, GPU और AI एक्सेलरेटर के लिए High‑NA EUV कई फायदे देता है:
AI और हाई‑परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग चिप्स में यह खास तौर पर अहम है क्योंकि ट्रांजिस्टर डेंसिटी सीधे कंप्यूटिंग क्षमता को प्रभावित करती है।
मेमोरी उद्योग—खासतौर पर उन्नत DRAM—को भी लगातार छोटे फीचर साइज की जरूरत होती है। High‑NA EUV भविष्य के AI‑केंद्रित सिस्टम के लिए आवश्यक सब‑2nm DRAM संरचनाओं को संभव बनाने में मदद कर सकता है।
ASML का कारोबार सीधे सेमीकंडक्टर उद्योग की प्रगति से जुड़ा है। कंपनी ने 2025 में €32.7 अरब की कुल बिक्री और €9.6 अरब का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
कंपनी का कहना है कि AI वर्कलोड—विशेषकर अधिक कंप्यूट डेंसिटी और हाई‑बैंडविड्थ मेमोरी की मांग—आने वाले वर्षों में उन्नत लिथोग्राफी सिस्टम की मांग को तेज करेगी।
इसी वजह से High‑NA EUV केवल एक तकनीकी छलांग नहीं है, बल्कि ASML के लिए एक बड़ा व्यावसायिक अवसर भी है। कंपनी फिलहाल दुनिया में कटिंग‑एज EUV लिथोग्राफी सिस्टम की एकमात्र सप्लायर है।
नई तकनीक के साथ‑साथ ASML उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में साझेदारी भी बढ़ा रहा है।
2026 में Tata Electronics और ASML ने गुजरात में भारत की पहली फ्रंट‑एंड सेमीकंडक्टर फैब के लिए समझौता किया, जो देश के घरेलू चिप उद्योग के निर्माण का हिस्सा है।
हालांकि सार्वजनिक जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि इस प्लांट में High‑NA EUV मशीनें सीधे इस्तेमाल होंगी या नहीं।
High‑NA EUV को कई विशेषज्ञ EUV तकनीक के बाद का सबसे बड़ा अपग्रेड मानते हैं। कम स्टेप्स में अधिक सटीक पैटर्न प्रिंट करने की क्षमता से यह 2nm से नीचे की चिप स्केलिंग को संभव बनाता है।
लेकिन इसकी कीमत और जटिलता इतनी अधिक है कि अभी केवल कुछ ही कंपनियाँ इसे अपनाने में सक्षम हैं। यदि वर्तमान समयसीमा सही रहती है, तो दशक के अंत तक High‑NA EUV दुनिया की सबसे उन्नत चिप फैक्ट्रियों की आधारभूत तकनीक बन सकती है।
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