2025 में दुनिया भर में $100 से कम कीमत के 17.3 करोड़ स्मार्टफोन भेजे गए थे, लेकिन 2026 की दूसरी तिमाही में इस श्रेणी की शिपमेंट साल दर साल लगभग 60% गिर गई। AI सर्वरों के लिए HBM और सर्वर DRAM को प्राथमिकता मिलने से बजट फोन की मेमोरी लागत बढ़ी। $200 से कम कीमत वाले फोन में मेमोरी अब कुल पुर्जों की लागत का करीब 60% है...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is artificial intelligence’s demand for high-bandwidth memory reshaping the global smartphone market in 2026—particularly why shipments. Article summary: AI’s demand for high-bandwidth memory (HBM) is effectively reallocating scarce memory-fab capacity away from commodity mobile DRAM and NAND, turning the 2026 smartphone market into a higher-price, lower-volume business. . Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers,
AI के लिए बन रहे डेटा सेंटरों का असर अब सीधे मोबाइल फोन की दुकान तक पहुंच गया है। वजह है मेमोरी चिप्स की कमी। हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और सर्वर DRAM जैसे अधिक मुनाफे वाले उत्पादों की मांग बढ़ने पर मेमोरी निर्माता अपनी क्षमता उधर लगा रहे हैं। इससे फोन में इस्तेमाल होने वाली सामान्य DRAM और NAND स्टोरेज की आपूर्ति तंग हुई है। 2026 में इसका सबसे बड़ा झटका एंट्री-लेवल स्मार्टफोन को लगा है: विकल्प कम हुए हैं, कीमतें बढ़ी हैं और कंपनियां प्रीमियम मॉडल बेचने पर ज्यादा जोर दे रही हैं। 11
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बहुत कम कीमत वाले फोन के कारोबार में मुनाफे की गुंजाइश पहले ही बेहद सीमित होती है। 2025 में वैश्विक स्तर पर $100 से कम कीमत के 17.3 करोड़ स्मार्टफोन भेजे गए थे। लेकिन 2026 की दूसरी तिमाही में इस वर्ग की शिपमेंट एक साल पहले की तुलना में लगभग 60% घट गई, जैसा कि CNBC द्वारा रिपोर्ट किए गए IDC के आंकड़ों से पता चलता है। 7
मुख्य समस्या यह है कि सस्ते फोन की कुल लागत में मेमोरी का हिस्सा अब बहुत बड़ा हो गया है। Omdia के अनुमान के मुताबिक, $200 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन में मेमोरी कुल पुर्जा-लागत (बिल ऑफ मैटेरियल्स) का लगभग 60% है। ऐसे में DRAM और स्टोरेज महंगी होने पर कंपनियों के पास चार ही रास्ते बचते हैं: कम मार्जिन स्वीकार करना, स्पेसिफिकेशन घटाना, खुदरा कीमत बढ़ाना या मॉडल को बंद कर देना। 7
यह दबाव हर फोन श्रेणी पर एक जैसा नहीं है। Counterpoint के अनुसार, यदि बाकी पुर्जों की लागत स्थिर रहे, तो 6GB LPDDR4X रैम और 128GB eMMC स्टोरेज वाले एक सामान्य लो-एंड फोन की कुल पुर्जा-लागत 2026 की पहली तिमाही में तिमाही-दर-तिमाही 25% बढ़ सकती थी। 40
HBM एक विशेष मेमोरी है, जिसका उपयोग AI एक्सेलेरेटर के साथ होता है, जबकि सर्वर DRAM व्यापक डेटा सेंटर विस्तार की जरूरतों को पूरा करती है। ये उत्पाद सामान्य मोबाइल मेमोरी की तुलना में चिप निर्माताओं के लिए ज्यादा आकर्षक हैं। Counterpoint के मुताबिक, AI-केंद्रित HBM और सर्वर DRAM की ओर उत्पादन क्षमता का स्थानांतरण 2026 की मेमोरी आपूर्ति समस्या का प्रमुख कारण है; इसका असर विशेष रूप से कम कीमत वाले फोन बनाने वाली कंपनियों पर पड़ा है। 11
कीमतों में उछाल भी असाधारण रहा। Counterpoint ने 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल DRAM की कीमतों में तिमाही-दर-तिमाही 50% से अधिक और NAND फ्लैश में 90% से अधिक वृद्धि दर्ज की। 40 बाद में Omdia ने कहा कि उसी तिमाही में औसत DRAM और NAND कीमतें 80% से ज्यादा बढ़ीं और दूसरी तिमाही में भी बढ़ोतरी जारी रही।
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इसीलिए यह सिर्फ सामान्य पार्ट्स-कॉस्ट बढ़ने का मामला नहीं है। मेमोरी हर स्मार्टफोन के लिए जरूरी है, लेकिन बजट फोन की लागत में इसका अनुपात ज्यादा होने से सबसे पहले उसी श्रेणी की व्यावसायिक व्यवहार्यता खत्म होती है।
कमी लंबी खिंचने के साथ बाजार अनुमान भी ज्यादा नकारात्मक होते गए हैं। IDC के अगस्त अनुमान के अनुसार, 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 16.7% घटकर एक अरब यूनिट से थोड़ा अधिक रह सकती है। IDC ने इस गिरावट का कारण 2025 के आखिर में शुरू हुई मेमोरी कमी को बताया और कहा कि NAND व DRAM की लागत साल-दर-साल 300% से अधिक बढ़ चुकी है। 2
दूसरी ओर, फोन कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं और महंगे मॉडलों का हिस्सा बढ़ा रही हैं। Omdia का अनुमान है कि वैश्विक स्मार्टफोन औसत बिक्री मूल्य 2025 के $467 से बढ़कर 2026 में $565 हो जाएगा—यानी 21% की बढ़ोतरी। 35 इसमें महंगे पुर्जों का बोझ ग्राहकों तक पहुंचना और कम-मार्जिन वाले मॉडलों से रणनीतिक दूरी, दोनों शामिल हैं।
खरीदारों के लिए सीधी बात यह है: सबसे सस्ते नए स्मार्टफोन ढूंढना मुश्किल होता जा रहा है, और जो विकल्प बचेंगे उनमें पहले के मुकाबले उसी कीमत पर कम रैम या स्टोरेज मिल सकती है।
Samsung मेमोरी चक्र के दोनों पक्षों पर मौजूद है। उसका Device Solutions सेमीकंडक्टर डिवीजन AI-आधारित मेमोरी मांग से लाभ कमा रहा है, लेकिन फोन कारोबार को महंगे कंपोनेंट्स का दबाव झेलना पड़ रहा है।
2026 की दूसरी तिमाही में Samsung के Device Solutions डिवीजन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 89.2 ट्रिलियन कोरियाई वॉन रहा। इसी तिमाही में उसके MX और Networks कारोबार ने राजस्व बढ़ने के बावजूद 0.7 ट्रिलियन वॉन का ऑपरेटिंग घाटा दर्ज किया। 24 यह अंतर दिखाता है कि वर्टिकल इंटीग्रेशन कंपनी स्तर पर फायदा देता है, लेकिन उससे हैंडसेट कारोबार का मुनाफा अपने-आप सुरक्षित नहीं हो जाता।
Samsung का बड़ा पैमाना, अपना सेमीकंडक्टर कारोबार और प्रीमियम ब्रांड उसे कई कम-लागत प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक गुंजाइश देते हैं कि वह सबसे सस्ते एंड्रॉयड फोन की दौड़ में उतरने के बजाय ज्यादा मूल्य वाले मॉडलों को प्राथमिकता दे। व्यापक रुझान साफ है: जिन कंपनियों की खरीद शक्ति मजबूत है, जिनके पास प्रीमियम प्रोडक्ट लाइन है या जो खुद कंपोनेंट बनाती हैं, वे इस कमी को बेहतर ढंग से संभाल सकती हैं।
Xiaomi के पोर्टफोलियो में भी यही बदलाव दिखता है। 2025 की पहली छमाही में $100 से कम कीमत वाले डिवाइस उसके वैश्विक शिपमेंट का 27.7% थे। एक साल बाद यह हिस्सा घटकर 11.2% रह गया। 7
इसका यह अर्थ नहीं कि किफायती फोन की मांग खत्म हो गई है। असल समस्या यह है कि पुराने मूल्य स्तर पर नया फोन बनाकर बेचना अब ज्यादा कठिन हो गया है। चीनी निर्माताओं के लिए अधिक प्रीमियम फोन बेचना और कम मार्जिन वाले मॉडल घटाना अब केवल ब्रांडिंग की रणनीति नहीं, बल्कि वित्तीय जरूरत बनती जा रही है।
मेमोरी उत्पादन क्षमता रातोंरात नहीं बढ़ सकती। नई फैब बनाने, उपकरण लगाने, उत्पादन को प्रमाणित करने और बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने में वर्षों लगते हैं। Samsung ने कहा है कि वैश्विक चिप कमी 2028 तक खिंच सकती है। 17 IDC भी मानता है कि मेमोरी कीमतें कम-से-कम 2028 तक बढ़ती रह सकती हैं, भले ही कंपनियां स्थायी रूप से ऊंची लागत के अनुरूप अपने पोर्टफोलियो बदल रही हों।
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आखिरकार आपूर्ति सुधरने पर लागत बढ़ने की रफ्तार कम हो सकती है। मगर इससे $100 से सस्ते स्मार्टफोन के पुराने दौर की वापसी तय नहीं होती। एक बार कंपनियां लो-एंड मॉडल घटा दें और ग्राहक ऊंची कीमतों के अभ्यस्त हो जाएं, तो उद्योग के पास ज्यादा प्रीमियम प्रोडक्ट मिक्स बनाए रखने का व्यावसायिक प्रोत्साहन रहेगा।
निष्कर्ष यह नहीं है कि AI ने स्मार्टफोन को कम महत्वपूर्ण बना दिया है। AI ने यह बदल दिया है कि कौन-से स्मार्टफोन बनाना आर्थिक रूप से समझदारी है। 2026 में सीमित मेमोरी चिप आपूर्तिकर्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धात्मक ताकत बन गई है और फोन निर्माताओं के लिए निर्णायक बाधा—खासकर उनके लिए जो बाजार के सबसे निचले मूल्य स्तर पर फोन बेचना चाहते हैं। 11
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Studio Global AI
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2025 में दुनिया भर में $100 से कम कीमत के 17.3 करोड़ स्मार्टफोन भेजे गए थे, लेकिन 2026 की दूसरी तिमाही में इस श्रेणी की शिपमेंट साल दर साल लगभग 60% गिर गई।
2025 में दुनिया भर में $100 से कम कीमत के 17.3 करोड़ स्मार्टफोन भेजे गए थे, लेकिन 2026 की दूसरी तिमाही में इस श्रेणी की शिपमेंट साल दर साल लगभग 60% गिर गई। AI सर्वरों के लिए HBM और सर्वर DRAM को प्राथमिकता मिलने से बजट फोन की मेमोरी लागत बढ़ी। $200 से कम कीमत वाले फोन में मेमोरी अब कुल पुर्जों की लागत का करीब 60% है।
बाजार अब कम यूनिट बेचकर अधिक मूल्य वाले फोन बेचने की ओर बढ़ रहा है। Omdia के अनुसार, 2026 में वैश्विक औसत स्मार्टफोन बिक्री मूल्य 21% बढ़कर $565 हो सकता है।