डिमन ने यह भी माना है कि लंबे समय में AI कुछ नौकरियों की संख्या घटा सकती है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगता है कि आगे चलकर यह हमारी कुछ नौकरियों को कम कर देगा।”
यह कमी मुख्यतः उन कामों में हो सकती है जिन्हें AI तेजी से और स्वचालित रूप से कर सकती है, जैसे:
जब इन प्रक्रियाओं का ऑटोमेशन बढ़ता है, तो उसी काम के लिए पहले जितने कर्मचारियों की जरूरत थी उतनी नहीं रहती। कई मामलों में कर्मचारियों को अधिक विशिष्ट या उच्च‑मूल्य वाली भूमिकाओं में स्थानांतरित किया जा सकता है।
बैंकों द्वारा AI अपनाने का एक बड़ा कारण उत्पादकता है। डिमन का कहना है कि यह तकनीक कर्मचारियों को “काफी अधिक उत्पादक” बना सकती है।
AI टूल्स कर्मचारियों की कई तरह से मदद कर सकते हैं:
इसका मतलब है कि AI की मदद से एक कर्मचारी वह काम कर सकता है जिसके लिए पहले कई लोगों की जरूरत पड़ती थी।
डिमन का कहना यह नहीं है कि बैंकिंग नौकरियाँ पूरी तरह खत्म हो जाएँगी। बल्कि बदलाव कौशल के प्रकार में होगा। AI से जुड़े तकनीकी पद बढ़ सकते हैं, जबकि कुछ पारंपरिक भूमिकाएँ घट सकती हैं या बदल सकती हैं।
वॉल स्ट्रीट के बड़े बैंकों में व्यापक धारणा यही है कि भविष्य में कार्यबल का ढांचा बदलेगा—रूटीन काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या कम और उन्नत तकनीक बनाने व संभालने वाले विशेषज्ञों की संख्या अधिक होगी।
जो लोग वित्तीय क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक स्पष्ट संकेत है: आने वाले समय में बैंकिंग करियर में वित्तीय ज्ञान के साथ‑साथ डेटा साइंस, इंजीनियरिंग और AI की समझ भी महत्वपूर्ण होती जाएगी।
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