2026 में मौजूदा स्मार्टफोन मॉडलों की औसत खुदरा कीमत करीब 15% बढ़ी है, जबकि नए लॉन्च पिछले वर्ष के तुलनीय मॉडलों से औसतन 25% महंगे हैं। 40% से अधिक स्मार्टफोन मॉडलों की कीमत बढ़ी है। सबसे अधिक असर कीमत संवेदनशील बाजारों पर है: भारत में 21%, एशिया प्रशांत में 19% और मध्य पूर्व व अफ्रीका में 18% की वृद्धि दर्ज की गई। A...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is an AI data-center-driven memory shortage reshaping the global smartphone market in 2026—including the 15% average rise in prices of e. Article summary: AI data-center buildouts are diverting scarce DRAM and NAND capacity toward higher-margin AI hardware, turning memory from a low-cost handset component into a major constraint on smartphone pricing, product planning, and. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
AI डेटा सेंटरों के तेज विस्तार ने 2026 में स्मार्टफोन उद्योग की लागत संरचना बदल दी है। फोन में लगने वाली DRAM (रैम) और NAND (स्टोरेज) मेमोरी की जरूरत AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी भारी मात्रा में है। चिप निर्माताओं ने अधिक मुनाफे वाले डेटा-सेंटर ग्राहकों को प्राथमिकता दी, इसलिए उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए पारंपरिक मेमोरी की उपलब्धता घट गई। नतीजा: फोन की कीमत, लॉन्च योजना, बिक्री और अपग्रेड का फैसला—सब पर दबाव है। 2
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इसका असर एक असामान्य बाजार तस्वीर के रूप में दिख रहा है: स्मार्टफोन महंगे हो रहे हैं, लेकिन बिक कम रहे हैं। IDC के ताजा अनुमान के अनुसार, 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 16.7% गिरकर सिर्फ 1 अरब से कुछ अधिक यूनिट रह सकते हैं। फिर भी, ऊंची कीमतों के कारण कुल बाजार मूल्य 6.3% बढ़कर 613 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। 8
काउंटरपॉइंट के मुताबिक, 2026 में अब तक मौजूदा स्मार्टफोन मॉडलों की औसत खुदरा कीमत लगभग 15% बढ़ चुकी है। 40% से अधिक मॉडलों के दाम बढ़े हैं और कुछ की कीमत लगभग दोगुनी तक पहुंच गई। नए लॉन्च हुए फोन, पिछले वर्ष के समान श्रेणी के लॉन्च की तुलना में औसतन 25% महंगे हैं। 20
यह सिर्फ फ्लैगशिप फोन का मामला नहीं है। एंट्री-लेवल और मिड-रेंज डिवाइस पर मेमोरी महंगी होने का दबाव ज्यादा पड़ता है, क्योंकि इनकी बिक्री कीमत में बुनियादी कंपोनेंटों का हिस्सा बड़ा होता है और कंपनियों के पास अतिरिक्त लागत खुद उठाने की गुंजाइश कम होती है। रॉयटर्स के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी खास तौर पर एंट्री और मिड-रेंज फोनों में अधिक रही है। 17
कमी का मूल कारण मेमोरी की महंगाई है। IDC कहता है कि यह कमी 2025 के आखिर में शुरू हुई और अगस्त के अंत तक NAND व DRAM की लागत साल-दर-साल 300% से अधिक बढ़ चुकी थी। अन्य बाजार रिपोर्टों में DRAM की औसत कीमत करीब चार गुना और NAND की करीब तीन गुना बताई गई है। 8
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AI डेटा सेंटरों को बड़ी मात्रा में मेमोरी चाहिए, जिसमें AI एक्सेलरेटर के साथ इस्तेमाल होने वाली विशेष हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) भी शामिल है। सैमसंग, SK hynix और माइक्रोन जैसे निर्माताओं ने ज्यादा मुनाफे वाले डेटा-सेंटर मेमोरी उत्पादों की ओर उत्पादन क्षमता मोड़ी है। इससे स्मार्टफोन, पीसी और अन्य उपभोक्ता उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली सामान्य मेमोरी की आपूर्ति कम हुई। 22
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फोन ब्रांडों के सामने अब तीन मुश्किल विकल्प हैं:
सभी श्रेणियों पर असर समान नहीं है। काउंटरपॉइंट ने पहले अनुमान लगाया था कि DRAM की महंगाई से लो-एंड स्मार्टफोन के बिल ऑफ मटेरियल्स में करीब 25%, मिड-रेंज में 15% और हाई-एंड में 10% तक की वृद्धि हो चुकी थी। 15
कीमत के प्रति संवेदनशील बाजार इस झटके को सबसे ज्यादा महसूस कर रहे हैं। काउंटरपॉइंट के मुताबिक, स्मार्टफोन खुदरा कीमतों में भारत 21% वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 19% और मध्य पूर्व व अफ्रीका में 18% वृद्धि दर्ज की गई। 20
इन बाजारों में सस्ते और मिड-रेंज फोन की हिस्सेदारी बड़ी है। ऐसे में ब्रांड लागत बढ़ने का झटका आसानी से अपने मार्जिन में नहीं समेट सकते। खरीदारों के लिए भी कुछ हजार रुपये की अतिरिक्त कीमत फोन को बजट से बाहर कर सकती है, इसलिए वे अपग्रेड टालने की अधिक संभावना रखते हैं।
अमेरिका में भी सूची मूल्य बढ़े हैं, लेकिन वहां फोन खरीदने का मॉडल कुछ राहत देता है। काउंटरपॉइंट के अनुसार, 2026 में सीधे उपभोक्ता को बेचे जाने वाले तुलनीय मॉडलों की कीमतों में 40 से 200 डॉलर तक की वृद्धि देखी गई, जबकि उत्तरी अमेरिका में औसत बिक्री मूल्य 13.5% बढ़ने का अनुमान था। 16 वहां 24 या 36 महीने की कैरियर किस्तों में भुगतान से महंगे फ्लैगशिप की तत्काल मासिक लागत कम महसूस हो सकती है, हालांकि फोन की कुल कीमत अधिक ही रहती है।
ऊंचे दामों का सीधा असर रिप्लेसमेंट खरीद पर पड़ रहा है। रॉयटर्स द्वारा रिपोर्ट किए गए काउंटरपॉइंट के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट साल-दर-साल 11% घटे—2013 के बाद किसी दूसरी तिमाही का सबसे निचला स्तर। 17
खरीदारों के व्यावहारिक विकल्प अब ये हैं:
ट्रेंडफोर्स के अनुसार, सेकंडरी मार्केट और रिपेयर की लगातार मांग ने स्मार्टफोन डिस्प्ले पैनल की मांग को अपेक्षा से बेहतर बनाए रखा है, भले ही नए फोन की शिपमेंट योजनाओं पर दबाव हो। 7
हालांकि, रिपेयर और रीसेल बाजार की मजबूती नए फोन की बिक्री में होने वाली गिरावट की भरपाई नहीं कर सकती। इससे ब्रांडों और डिस्प्ले सप्लायरों के अनुमानित वॉल्यूम पर असर बना रहता है।
मौजूदा iPhone कीमतों के मामले में Apple कई प्रतिद्वंद्वियों से ज्यादा सतर्क रहा है। जून में काउंटरपॉइंट ने कहा था कि Apple ने तब तक अपने मॉडलों की कीमत नहीं बढ़ाई थी। इससे उन स्थितियों में बाजार हिस्सेदारी पाने में मदद मिल सकती है, जहां प्रतिस्पर्धी अपने फोन महंगे कर रहे हों। 16
लेकिन इससे Apple मेमोरी संकट से अछूता नहीं हो जाता। Apple के सीईओ टिम कुक ने जून में कहा था कि मेमोरी और स्टोरेज की बढ़ी लागत के कारण उत्पादों की कीमत बढ़ाना अपरिहार्य है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन-से उत्पाद और कब प्रभावित होंगे। 31
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आने वाली iPhone 18 श्रृंखला के लिए ट्रेंडफोर्स का अनुमान है कि 2026 की तीसरी तिमाही में 256GB iPhone 18 Pro की मेमोरी लागत साल भर पहले के मुकाबले करीब 400% अधिक हो सकती है। फर्म को iPhone 18 की कीमतों में लगभग 10% से 20% वृद्धि की उम्मीद है, हालांकि Apple मांग और बाजार हिस्सेदारी बचाने के लिए लागत का कुछ हिस्सा खुद वहन कर सकता है। 11
ये अंतिम खुदरा कीमतें नहीं, बल्कि अनुमान हैं। मुख्य बात यह है कि Apple के पास सस्ते Android ब्रांडों की तुलना में कीमत और मार्जिन संभालने की अधिक क्षमता हो सकती है, लेकिन मेमोरी लागत का दबाव उस पर भी काफी बड़ा है।
2026 के प्रमुख आंकड़े विपरीत दिशा में जा रहे हैं। IDC के मुताबिक, यूनिट शिपमेंट में तेज गिरावट के बावजूद बाजार का कुल मूल्य बढ़ सकता है, क्योंकि राजस्व वृद्धि को अब वॉल्यूम नहीं बल्कि कीमत संभाल रही है। 8
यह बाजार को ऊपर से मजबूत दिखा सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं और सप्लायर्स का अनुभव अलग है। ज्यादा औसत बिक्री मूल्य राजस्व बचा सकते हैं, मगर वे कमजोर अपग्रेड चक्र, कम यूनिट बिक्री और किफायती फोन पर निर्भर ब्रांडों की मुश्किलें खत्म नहीं करते।
मेमोरी की कमी पूरे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। ट्रेंडफोर्स के अनुसार, बढ़ती मेमोरी कीमतें स्मार्टफोन सप्लाई चेन में लागत दबाव बढ़ा रही हैं और 2026 की शिपमेंट योजनाओं को प्रभावित कर रही हैं। 7
पीसी और गेमिंग डिवाइस भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। रॉयटर्स ने बताया कि कंपनियां महंगे मेमोरी चिप्स की लागत की भरपाई के लिए सूची मूल्य बढ़ा रही हैं, जबकि स्मार्टफोन, पीसी और गेमिंग कंसोल की वैश्विक मांग कमजोर होने की आशंका है। 2
AI की मेमोरी भूख स्मार्टफोन उद्योग को पुराने, रिप्लेसमेंट-आधारित वॉल्यूम मॉडल से सीमित आपूर्ति और ऊंची कीमतों वाले बाजार की ओर धकेल रही है। खरीदारों के लिए इसका अर्थ है कि तुलना करके खरीदना, फोन लंबे समय तक इस्तेमाल करना और रिफर्बिश्ड विकल्पों पर विचार करना पहले से अधिक अहम होंगे।
निर्माताओं के लिए चुनौती यह तय करना है कि कितनी लागत ग्राहक तक पहुंचाई जाए, किन मॉडल श्रेणियों को बचाया जाए और कितना मार्जिन छोड़ा जा सकता है। जब तक डेटा सेंटरों की मांग मेमोरी आपूर्ति को तंग रखेगी, कीमतें बाजार मूल्य को सहारा दे सकती हैं—लेकिन वे छूटे हुए अपग्रेड, कमजोर यूनिट शिपमेंट और बजट स्मार्टफोन सेगमेंट के दबाव की पूरी भरपाई नहीं कर पाएंगी। 8
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Studio Global AI
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2026 में मौजूदा स्मार्टफोन मॉडलों की औसत खुदरा कीमत करीब 15% बढ़ी है, जबकि नए लॉन्च पिछले वर्ष के तुलनीय मॉडलों से औसतन 25% महंगे हैं।
2026 में मौजूदा स्मार्टफोन मॉडलों की औसत खुदरा कीमत करीब 15% बढ़ी है, जबकि नए लॉन्च पिछले वर्ष के तुलनीय मॉडलों से औसतन 25% महंगे हैं। 40% से अधिक स्मार्टफोन मॉडलों की कीमत बढ़ी है। सबसे अधिक असर कीमत संवेदनशील बाजारों पर है: भारत में 21%, एशिया प्रशांत में 19% और मध्य पूर्व व अफ्रीका में 18% की वृद्धि दर्ज की गई।
AI डेटा सेंटरों की मांग के कारण DRAM और NAND महंगे हुए हैं। खरीदार अपग्रेड टाल रहे हैं, जबकि कंपनियां कीमत, मेमोरी कॉन्फ़िगरेशन और उत्पाद मिश्रण पर नए फैसले ले रही हैं।