यह प्लेटफ़ॉर्म मुख्यतः edge network पर काम करता है—यानी Akamai के वैश्विक नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर—जहाँ से वेबसाइट तक पहुँचने वाले अनुरोध पहले गुजरते हैं।
Akamai की बॉट डिटेक्शन तकनीक एज पर ही यह पहचान सकती है कि वेबसाइट पर आने वाला ट्रैफ़िक इंसान का है या किसी AI एजेंट का। इससे अनुरोध वेबसाइट के मूल सर्वर तक पहुँचने से पहले ही अलग किए जा सकते हैं।
जब कोई AI एजेंट साइट को एक्सेस करता है, तो सिस्टम उसी पेज का संरचित और मशीन‑रीडेबल संस्करण भेज सकता है, जिससे बड़े भाषा मॉडल (LLM) उसे आसानी से समझ सकें।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बदलाव एज पर होता है, इसलिए अधिकांश कंपनियों को अपने CMS या बैक‑एंड सिस्टम में बदलाव करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
प्लेटफ़ॉर्म डैशबोर्ड के माध्यम से यह जानकारी भी देता है:
साथ ही यह citation trends, AI answers में share of voice और पेज‑लेवल ऑप्टिमाइज़ेशन के अवसर भी दिखाता है।
Akamai इस बदलाव को Generative Engine Optimization (GEO) कहता है। इसमें लक्ष्य केवल सर्च रैंकिंग नहीं बल्कि AI‑जनरेटेड जवाबों में मौजूदगी बढ़ाना है।
इस नए माहौल में सफलता को अलग तरह से मापा जाता है, जैसे:
उत्पाद लॉन्च से पहले Akamai ने इसे अपनी ही वैश्विक वेबसाइट पर परीक्षण के तौर पर इस्तेमाल किया। इसमें मानव उपयोगकर्ताओं के लिए सामान्य साइट और AI एजेंट्स के लिए AI‑ready संस्करण समानांतर रूप से उपलब्ध कराया गया।
कंपनी के अनुसार पायलट से कुछ उल्लेखनीय परिणाम सामने आए:
ये आँकड़े संकेत देते हैं कि AI‑अनुकूल संरचित कंटेंट यह प्रभावित कर सकता है कि AI असिस्टेंट किसी कंपनी को कितनी बार उद्धृत या संदर्भित करते हैं।
इंटरनेट पर जानकारी खोजने की संरचना बदल रही है। पहले SEO का मुख्य लक्ष्य सर्च रिज़ल्ट में ऊपर आना था ताकि यूज़र लिंक पर क्लिक करें। अब लक्ष्य यह भी है कि AI सिस्टम जानकारी सही ढंग से पढ़ें, समझें और ब्रांड को अपने जवाबों में शामिल करें।
साथ ही AI एजेंट्स का तेज़ी से बढ़ता उपयोग तकनीकी और सुरक्षा चुनौतियाँ भी पैदा कर रहा है। कंपनियों को अब भारी मात्रा में आने वाले बॉट ट्रैफ़िक को समझना और नियंत्रित करना पड़ रहा है, क्योंकि यही सिस्टम वेबसाइट कंटेंट को क्रॉल, सारांशित और पुन: उपयोग करते हैं।
Akamai ने 19 मई 2026 को AI Brand Presence की घोषणा की। शुरुआत में इसे सीमित उपलब्धता (limited rollout) के तहत लॉन्च किया जा रहा है।
पहले चरण में यह सेवा उत्तर अमेरिका के चुनिंदा ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी, जिसके बाद धीरे‑धीरे अन्य क्षेत्रों में विस्तार की योजना है।
AI‑आधारित सर्च के बढ़ते प्रभाव के साथ, यह लॉन्च संकेत देता है कि भविष्य में ब्रांडों को केवल इंसानों के लिए नहीं बल्कि AI सिस्टम के लिए भी अपनी ऑनलाइन मौजूदगी को ऑप्टिमाइज़ करना पड़ेगा।
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