2025 में बिग फोर की लगभग 7% जॉब पोस्टिंग में AI कौशल की मांग थी, जबकि पारंपरिक ऑडिट भूमिकाएँ 3% से भी कम रह गईं। [3] फर्में AI प्लेटफ़ॉर्म, ऑटोमेशन और एजेंटिक सिस्टम पर अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं, जिससे ऑडिट, टैक्स और कंसल्टिंग का काम तेज़ी से तकनीक‑आधारित हो रहा है। AI के कारण एंट्री‑लेवल अकाउंटिंग भूमिकाएँ घट रही...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is AI reshaping hiring and staffing models at the Big Four firms (Deloitte, EY, KPMG, and PwC), why did AI job postings surpass traditio. Article summary: AI is shifting the Big Four from labor-heavy audit/consulting delivery toward technology-enabled, AI-specialist-heavy teams. In 2025, AI-related job ads overtook traditional audit roles because firms needed machine-learn. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Big Four firms now advertise more AI specialist roles than auditor roles, a workforce inflection putting UK audit quality, FRC oversight," source context "Big Four AI hiring overtakes auditor recruitment: what it means for UK assurance - Resultsense" Reference image 2: visual subject "They are deploying proprieta
दुनिया की सबसे बड़ी प्रोफेशनल सर्विस फर्में — Deloitte, EY, KPMG और PwC, जिन्हें सामूहिक रूप से “बिग फोर” कहा जाता है — तेज़ी से अपना काम करने का तरीका बदल रही हैं।
पारंपरिक मॉडल में इन फर्मों का बड़ा हिस्सा मानव श्रम पर आधारित था: बड़ी संख्या में जूनियर कर्मचारी डेटा जांचते, दस्तावेज़ तैयार करते और ऑडिट प्रक्रियाएँ चलाते थे। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस मॉडल को बदल रहा है।
2025 में पहली बार ऐसा हुआ कि इन कंपनियों ने ऑडिटरों से ज़्यादा AI विशेषज्ञों के लिए नौकरियाँ पोस्ट कीं — जो इस बदलाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
उद्योग विश्लेषण के अनुसार, 2025 में अंग्रेज़ी बोलने वाले देशों में बिग फोर की करीब 7% जॉब पोस्टिंग में AI कौशल की मांग थी, जबकि पारंपरिक ऑडिट भूमिकाएँ 3% से भी कम रह गईं।
यह बदलाव अचानक नहीं आया। 2022 में, जब ChatGPT लॉन्च हुआ था, तब AI से जुड़ी स्किल्स सिर्फ 2% से भी कम जॉब पोस्टिंग में मांगी जाती थीं। तीन साल में यह मांग तीन गुना से अधिक बढ़ गई।
AI से जुड़े नए पदों में शामिल हैं:
यह संकेत देता है कि बिग फोर अब सिर्फ अकाउंटिंग फर्म नहीं रहना चाहते — वे टेक्नोलॉजी‑सक्षम प्रोफेशनल सर्विस कंपनियों में बदल रहे हैं।
इस बदलाव के पीछे कई संरचनात्मक कारण हैं।
ऑडिट और टैक्स से जुड़े कई काम बहुत संरचित होते हैं — जैसे डेटा मिलान, दस्तावेज़ जांच, कंप्लायंस चेक और रिसर्च। ऐसे कार्य AI सिस्टम आसानी से ऑटोमेट या तेज़ कर सकते हैं।
विश्लेषकों का अनुमान है कि डेटा‑भारी और संरचित प्रोफेशनल सर्विस कामों का बड़ा हिस्सा अगले कुछ वर्षों में ऑटोमेट हो सकता है।
आज बड़ी कंपनियाँ अपने फाइनेंस, जोखिम प्रबंधन और ऑपरेशंस में AI लागू करना चाहती हैं। इसलिए बिग फोर अब टेक कंपनियों और IT कंसल्टेंसी के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं ताकि वे क्लाइंट्स को AI इंटीग्रेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मदद दे सकें।
इस वजह से उन्हें पारंपरिक अकाउंटेंट्स से ज़्यादा AI इंजीनियर, डेटा विशेषज्ञ और प्रोडक्ट डेवलपर चाहिए।
2025 तक ऑडिट, टैक्स और कंसल्टिंग टीमों में कर्मचारी जनरेटिव AI असिस्टेंट और एजेंटिक AI सिस्टम का नियमित उपयोग करने लगे थे, जो विश्लेषण और रिपोर्टिंग को तेज़ करते हैं।
बिग फोर कंपनियाँ सिर्फ प्रयोग नहीं कर रहीं — वे AI पर भारी निवेश कर रही हैं।
इन निवेशों का उद्देश्य केवल आंतरिक दक्षता बढ़ाना नहीं है — बल्कि नए AI‑आधारित सेवाएँ और उत्पाद बनाना भी है जिन्हें कंपनियाँ खरीद सकें।
अब अगला चरण है Agentic AI — यानी ऐसे AI सिस्टम जो कई चरणों वाले काम खुद कर सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर:
ये सिस्टम दस्तावेज़ विश्लेषण, लेन‑देन सैंपलिंग, अनियमितताओं की पहचान और कंप्लायंस जांच जैसे काम तेज़ी से कर सकते हैं।
AI एंट्री‑लेवल नौकरियाँ पूरी तरह खत्म नहीं कर रहा, लेकिन उनका स्वरूप बदल रहा है।
पहले जूनियर कर्मचारियों का काम होता था:
इनमें से बहुत सा काम अब AI सिस्टम तेज़ी से कर सकते हैं।
इसी कारण कुछ फर्मों ने ग्रेजुएट भर्ती कार्यक्रम कम किए या एंट्री‑लेवल भर्ती घटाई है।
अब जूनियर कर्मचारियों का काम अधिकतर होगा:
दूसरे शब्दों में, भूमिका बदल रही है — काम करने से ज़्यादा काम की व्याख्या और निगरानी करने की ओर।
दशकों से बिग फोर का बिज़नेस मॉडल एक पिरामिड जैसा रहा है: नीचे बहुत सारे जूनियर कर्मचारी और ऊपर कम संख्या में मैनेजर और पार्टनर।
लेकिन जब AI दोहराए जाने वाले काम कर देता है, तो इतने बड़े जूनियर वर्ग की ज़रूरत कम हो जाती है।
इसका मतलब:
भविष्य में सेवाएँ बिल योग्य घंटों (billable hours) की जगह इन मॉडलों में बिक सकती हैं:
AI सिर्फ पुरानी सेवाओं को बदल नहीं रहा — यह नई सेवाएँ भी बना रहा है।
जब कंपनियाँ AI सिस्टम लागू करती हैं, तो उन्हें स्वतंत्र जांच की जरूरत होती है जैसे:
ये क्षेत्र बिग फोर की पारंपरिक विशेषज्ञता — ऑडिट, जोखिम और गवर्नेंस — से मेल खाते हैं। इसलिए कई विश्लेषक मानते हैं कि AI assurance और AI governance आने वाले वर्षों में बड़ी नई सेवा श्रेणी बन सकती है।
एक बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है।
बिग फोर दशकों से एंट्री‑लेवल भर्ती के जरिए भविष्य के मैनेजर और पार्टनर तैयार करते रहे हैं। अगर जूनियर भर्ती बहुत कम हो जाती है, तो उद्योग की पारंपरिक प्रशिक्षण प्रणाली कमजोर पड़ सकती है।
इसलिए सफल वही फर्में होंगी जो संतुलन बना सकें —
AI से कम‑मूल्य वाले काम हटाएँ, लेकिन युवा पेशेवरों को इतना वास्तविक अनुभव दें कि वे भविष्य में भरोसेमंद सलाहकार बन सकें।
एक बात साफ है: प्रोफेशनल सर्विस उद्योग तेजी से बदल रहा है। बिग फोर अब केवल अकाउंटिंग और कंसल्टिंग फर्म नहीं रह गए हैं — वे धीरे‑धीरे AI‑संचालित टेक्नोलॉजी और एश्योरेंस कंपनियों में बदल रहे हैं।
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2025 में बिग फोर की लगभग 7% जॉब पोस्टिंग में AI कौशल की मांग थी, जबकि पारंपरिक ऑडिट भूमिकाएँ 3% से भी कम रह गईं। [3]
2025 में बिग फोर की लगभग 7% जॉब पोस्टिंग में AI कौशल की मांग थी, जबकि पारंपरिक ऑडिट भूमिकाएँ 3% से भी कम रह गईं। [3] फर्में AI प्लेटफ़ॉर्म, ऑटोमेशन और एजेंटिक सिस्टम पर अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं, जिससे ऑडिट, टैक्स और कंसल्टिंग का काम तेज़ी से तकनीक‑आधारित हो रहा है।
AI के कारण एंट्री‑लेवल अकाउंटिंग भूमिकाएँ घट रही हैं और जूनियर कर्मचारियों का काम अब AI के आउटपुट की समीक्षा, डेटा समझने और निर्णय लेने की ओर बढ़ रहा है।