जनवरी जुलाई 2026 में रूस का संघीय बजट घाटा 6.455 ट्रिलियन रूबल, यानी GDP का 2.8%, हो गया—यह पूरे साल के 3.786 ट्रिलियन रूबल के लक्ष्य का लगभग 1.7 गुना है। अप्रैल से अधिकांश गैर प्राथमिक बजट मदों में करीब 35% कटौती की रिपोर्ट है। एजेंसियों को गैर जरूरी खर्च टालने और संभावित 15% कर्मचारियों की कमी के लिए तैयार रहने को...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How have Russia’s escalating war costs pushed the federal budget into a severe cash and deficit crisis in 2026, prompting a 35% cut to most. Article summary: Russia’s fiscal problem appears to be both a deficit problem and a cash-timing problem: war-related outlays have risen faster than revenues and borrowing, leaving the Treasury short of liquid funds even as the government. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts wi
रूस का 2026 का वित्तीय संकट दो अलग लेकिन जुड़े हुए दबावों से बना है: बजट घाटा तेजी से बढ़ रहा है और सरकार के पास तुरंत इस्तेमाल की जा सकने वाली नकदी पर भी दबाव है। वित्त मंत्रालय के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-जुलाई में संघीय बजट घाटा 6.455 ट्रिलियन रूबल रहा, जो GDP का 2.8% है। पूरे साल के लिए घाटे का लक्ष्य 3.786 ट्रिलियन रूबल, यानी GDP का 1.6%, रखा गया था। 8
इसका अर्थ है कि जुलाई खत्म होने तक रूस का संचयी घाटा पूरे साल के अनुमान से करीब 70% अधिक हो चुका था। इसके बाद मॉस्को ने कथित तौर पर युद्ध, सामाजिक भुगतान और अन्य राजनीतिक रूप से संवेदनशील मदों को बचाते हुए नागरिक और गैर-प्राथमिक कार्यक्रमों पर कटौती का बोझ डालना शुरू किया।
2026 के बजट कानून में रूस ने 40.283 ट्रिलियन रूबल राजस्व, 44.070 ट्रिलियन रूबल खर्च और 3.786 ट्रिलियन रूबल घाटे का अनुमान लगाया था। 56 लेकिन पहली तिमाही में ही घाटा 4.576 ट्रिलियन रूबल पहुंच गया। जनवरी-अप्रैल तक यह 5.877 ट्रिलियन रूबल और जनवरी-जुलाई तक 6.455 ट्रिलियन रूबल हो गया।
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जुलाई में अकेले करीब 724 अरब रूबल का घाटा हुआ, जबकि जून में बजट में अधिशेष दर्ज किया गया था। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों पर आधारित ब्लूमबर्ग की गणना के अनुसार, जनवरी-जुलाई में कुल सरकारी खर्च 28.6 ट्रिलियन रूबल रहा और सरकारी खरीद में तेज बढ़ोतरी हुई। 1
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रॉयटर्स ने रूस के बजट पोर्टल का हवाला देते हुए 2026 का संभावित खर्च 45.11 ट्रिलियन रूबल और घाटा 4.83 ट्रिलियन रूबल बताया था—यह भी बजट कानून में तय लक्ष्य से अधिक है, हालांकि बाद में सामने आए आंकड़े इससे कहीं बड़े हैं। 46
रिपोर्ट किया गया माइनस 5.5 ट्रिलियन रूबल का आंकड़ा ट्रेजरी के एकीकृत खाते का संतुलन है। इसी खाते में संघीय राजस्व जमा होता है और सरकारी भुगतान किए जाते हैं। ब्लूमबर्ग के अनुसार, अप्रैल में यह खाता इस स्तर तक गिर गया था। उस समय वित्त मंत्री एंतोन सिलुआनोव ने प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन को चेतावनी दी थी कि सरकार सभी जरूरी भुगतान समय पर करने के लिए पर्याप्त नकदी जुटाने में कठिनाई का सामना कर सकती है। 17
इस आंकड़े को 5.877 ट्रिलियन रूबल के अप्रैल तक के बजट घाटे या 6.455 ट्रिलियन रूबल के जनवरी-जुलाई घाटे में जोड़ना सही नहीं होगा। दोनों अलग चीजें मापते हैं:
नकारात्मक ट्रेजरी संतुलन का यह मतलब अपने-आप नहीं है कि रूस हर भुगतान करने में असमर्थ हो गया। लेकिन यह जरूर दिखाता है कि राजस्व आने, उधार जुटाने और भुगतान करने के समय में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। इस मामले में नकदी की चेतावनी ऐसे समय आई जब बजट घाटा पहले ही पूरे साल के लक्ष्य को पार कर चुका था।
मामले से परिचित लोगों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल के तरलता संकट के बाद रूस ने खर्च पर सख्त नियंत्रण लागू किया। अधिकांश गैर-प्राथमिक बजट मदों में अप्रैल से करीब 35% कटौती की गई। रक्षा, सामाजिक भुगतान, सरकारी कर्मचारियों के वेतन, क्षेत्रों को दी जाने वाली सब्सिडी और सरकारी कर्ज की अदायगी को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा गया। 2
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एजेंसियों को गैर-जरूरी खर्च टालने और संभावित 15% स्टाफ कटौती के लिए तैयारी करने का निर्देश भी दिए जाने की खबर है। 20
यह पूरे सरकारी खर्च पर समान कटौती नहीं, बल्कि चुनिंदा मितव्ययिता की नीति है। सरकार युद्ध और राजनीतिक रूप से संवेदनशील दायित्वों को बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि ऐसे नागरिक कार्यक्रमों को टाल या सीमित कर रही है जिन्हें अपेक्षाकृत आसानी से स्थगित किया जा सकता है।
वित्त मंत्री सिलुआनोव ने सार्वजनिक रूप से कहा कि बजट में तय सभी खर्चों के लिए संसाधन उपलब्ध हैं और बजट के वित्तपोषण में कोई समस्या नहीं है। 9 तकनीकी रूप से यह बयान आपात खर्च नियंत्रण के साथ मौजूद रह सकता है: सरकार कानूनी रूप से निर्धारित दायित्वों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए विवेकाधीन खर्चों को घटा, टाल या प्राथमिकता के आधार पर पुनर्व्यवस्थित कर सकती है।
फिर भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर विरोधाभास स्पष्ट है। अप्रैल में समय पर भुगतान न कर पाने की चेतावनी और उसके बाद अधिकांश गैर-प्राथमिक खर्चों में 35% कटौती एक ऐसे माहौल की ओर इशारा करती है जो मंत्री के सार्वजनिक आश्वासनों से कहीं अधिक तंग है। जुलाई तक आधिकारिक घाटा पूरे साल के लक्ष्य का 1.7 गुना हो चुका था। 8
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दबाव की प्रमुख वजह युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी है। ब्लूमबर्ग से जुड़ी रिपोर्टिंग में कहा गया कि घाटे के बढ़ने का मुख्य कारण सरकारी खर्च, खासकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध से संबंधित खर्च, में तेज वृद्धि रही। 7
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पहले के विश्लेषणों के अनुसार, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा मदें कुल खर्च का करीब 40% हिस्सा बन रही थीं। करों में बढ़ोतरी और तेल से होने वाली अधिक आय भी इस दबाव की पूरी भरपाई नहीं कर पाई। 26
हालांकि, घाटे की हर रूबल को केवल सैन्य खर्च से जोड़ना सही नहीं होगा। राजस्व, तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतें, कर नीति, सरकारी खरीद और भुगतान का समय—सभी मासिक आंकड़ों को प्रभावित करते हैं। वित्त मंत्रालय ने योजना से अंतर के एक हिस्से को ‘एडवांस्ड कॉस्ट फाइनेंसिंग’ बताया है, यानी कुछ खर्च तय समय से पहले कर दिए गए हो सकते हैं। 11
द्वितीयक रिपोर्टों में कहा गया है कि 24 अगस्त तक बजट घाटा 8.654 ट्रिलियन रूबल पहुंच गया था। 2 यदि यह आंकड़ा सही है, तो यह मूल वार्षिक लक्ष्य 3.786 ट्रिलियन रूबल का करीब 2.3 गुना होगा—और वित्तीय वर्ष के कई महीने अभी बाकी थे।
लेकिन उपलब्ध सामग्री में यह आंकड़ा वित्त मंत्रालय की नियमित मासिक आधिकारिक विज्ञप्ति के रूप में दर्ज नहीं है। इसलिए इसे रिपोर्ट किया गया आंकड़ा मानकर देखना चाहिए, पूरी तरह सत्यापित आधिकारिक अपडेट के रूप में नहीं। फिलहाल सबसे मजबूत आधिकारिक आंकड़ा वित्त मंत्रालय का जनवरी-जुलाई वाला 6.455 ट्रिलियन रूबल है। 8
जिन मदों को कटौती से बाहर रखा गया, वे सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हैं: रक्षा, सामाजिक भुगतान, सरकारी वेतन, क्षेत्रीय सब्सिडी और कर्ज की अदायगी को सुरक्षा दी गई है। दूसरी ओर, अन्य नागरिक खर्चों को टाला या घटाया जा रहा है। 2
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इस रणनीति से सेना के लिए तत्काल व्यवधान और लाभ या वेतन में कटौती का राजनीतिक जोखिम कम हो सकता है। लेकिन इसकी कीमत नागरिक निवेश, सार्वजनिक प्रशासन और कम-संरक्षित सेवाओं को चुकानी पड़ती है। यदि एजेंसियों को कर्मचारियों की संख्या घटानी पड़ती है, तो इन सेवाओं को लागू करने की उनकी क्षमता पर अतिरिक्त दबाव आएगा।
इसका अर्थ तत्काल संप्रभु भुगतान संकट होना जरूरी नहीं है। अधिक सटीक तस्वीर यह है कि सरकार की नीति-निर्माण और वित्तीय गुंजाइश सिकुड़ रही है: उसे अधिक राजस्व या उधार जुटाना होगा, नागरिक खर्च टालना होगा या बजट में नए संशोधन स्वीकार करने होंगे।
यह वित्तीय दबाव रूस में सितंबर के संसदीय चुनावों से पहले सामने आ रहा है। रूस के सुप्रीम कोर्ट ने याब्लोको पार्टी को चुनाव लड़ने से रोक दिया है। रॉयटर्स ने इसे मॉस्को के यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र आधिकारिक रूप से पंजीकृत पार्टी बताया। 31
इस फैसले से युद्ध की लागत के खिलाफ औपचारिक चुनावी असहमति दर्ज कराने का सबसे स्पष्ट मंच मतपत्र से हट गया है। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि बजट दबाव ने जनता की कोई खास प्रतिक्रिया पैदा की है। इतना जरूर है कि खर्चों में कटौती और युद्ध संबंधी प्राथमिकताओं को जिस राजनीतिक माहौल में संभाला जा रहा है, वह अधिक सीमित हो गया है।
रूस की 2026 की बजट समस्या को बजट घाटे के लक्ष्य से आगे निकलने और नकदी संकट—दोनों के मेल के रूप में समझना चाहिए। जनवरी-जुलाई का आधिकारिक घाटा 6.455 ट्रिलियन रूबल था, जो पूरे साल के लक्ष्य से पहले ही काफी अधिक है। वहीं, अप्रैल में ट्रेजरी खाते के लगभग 5.5 ट्रिलियन रूबल नकारात्मक होने की रिपोर्ट तत्काल नकदी प्रबंधन की गंभीर समस्या की ओर इशारा करती है। 8
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मॉस्को ने रक्षा और अन्य संरक्षित दायित्वों को बचाते हुए अधिकांश गैर-प्राथमिक नागरिक खर्चों में कथित 35% कटौती की है और एजेंसियों को संभावित 15% स्टाफ कटौती के लिए तैयार रहने को कहा है। 2
20 8.654 ट्रिलियन रूबल का बाद का आंकड़ा आधिकारिक रूप से कितना पुष्ट होता है, यह अलग सवाल है। लेकिन व्यापक दिशा स्पष्ट है: युद्ध अर्थव्यवस्था रूस की वित्तीय गुंजाइश खा रही है और समायोजन का बड़ा हिस्सा नागरिक राज्य पर डाला जा रहा है।
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जनवरी जुलाई 2026 में रूस का संघीय बजट घाटा 6.455 ट्रिलियन रूबल, यानी GDP का 2.8%, हो गया—यह पूरे साल के 3.786 ट्रिलियन रूबल के लक्ष्य का लगभग 1.7 गुना है।
जनवरी जुलाई 2026 में रूस का संघीय बजट घाटा 6.455 ट्रिलियन रूबल, यानी GDP का 2.8%, हो गया—यह पूरे साल के 3.786 ट्रिलियन रूबल के लक्ष्य का लगभग 1.7 गुना है। अप्रैल से अधिकांश गैर प्राथमिक बजट मदों में करीब 35% कटौती की रिपोर्ट है। एजेंसियों को गैर जरूरी खर्च टालने और संभावित 15% कर्मचारियों की कमी के लिए तैयार रहने को कहा गया।
ट्रेजरी के लगभग 5.5 ट्रिलियन रूबल के नकारात्मक संतुलन को बजट घाटे में जोड़ना सही नहीं होगा। यह नकदी और तरलता की स्थिति है, जबकि बजट घाटा आय और खर्च के बीच संचयी अंतर को दर्शाता है।