ब्लूमबर्ग के एक माप के अनुसार, उभरते बाजारों का कैरी ट्रेड 2025 में करीब 17% चढ़ा—2009 के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन। डॉलर से वित्तपोषित कैरी ट्रेड की जीत का सिलसिला 2008 के बाद सबसे लंबा बताया गया।[4][6] इस तेजी के पीछे बड़े ब्याज अंतर, कम मुद्रा अस्थिरता, अपेक्षाकृत कमजोर डॉलर, मजबूत पूंजी प्रवाह और उभरती अर्थव्यवस्थ...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How have dollar-funded carry trades—borrowing cheaply in US dollars to invest in higher-yielding emerging-market currencies and bonds—perfor. Article summary: Dollar-funded EM carry was exceptionally profitable in 2025 and remained broadly resilient into 2026, but the trade has become more selective and more fragile. A Bloomberg carry measure returned about 17% in 2025—the bes. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
उभरते बाजारों का कैरी ट्रेड सुनने में सरल है: निवेशक कम ब्याज वाली मुद्रा में उधार लेते हैं और उस रकम को अधिक ब्याज देने वाली मुद्रा या स्थानीय बॉन्ड में लगाते हैं। डॉलर-फंडेड कैरी ट्रेड में आम तौर पर डॉलर में अपेक्षाकृत सस्ता वित्तपोषण लेकर तुर्की, ब्राजील, भारत, इंडोनेशिया या अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं और स्थानीय बॉन्ड में निवेश किया जाता है।49
2025 में इस रणनीति को असाधारण रूप से अनुकूल माहौल मिला। ब्लूमबर्ग के एक कैरी इंडेक्स ने करीब 17% रिटर्न दिया—2009 के बाद इसका सबसे अच्छा साल। एक अन्य रिपोर्ट ने डॉलर-फंडेड उभरते बाजारों के कैरी ट्रेड की जीत की लकीर को 2008 के बाद सबसे लंबी बताया।46 हालांकि, यह रिटर्न पक्की ब्याज आय नहीं है। अगर निवेश की गई मुद्रा अचानक कमजोर पड़ जाए, तो कुछ ही दिनों में कई महीनों की ब्याज कमाई मिट सकती है।
कैरी ट्रेड का मूल आकर्षण फंडिंग लागत और निवेश से मिलने वाली ब्याज दर के बीच का अंतर है। कई उभरते बाजारों में यह अंतर काफी बड़ा रहा। कुछ देशों में महंगाई घटाने के बाद भी वास्तविक एक-वर्षीय यील्ड 5% से ऊपर थी, जबकि मिस्र, युगांडा और यूक्रेन जैसे बाजारों में यह 10% या उससे अधिक बताई गई।1
तुर्की ऊंची कैरी का प्रमुख उदाहरण बना रहा। सख्त मौद्रिक नीति और ऊंची ब्याज दरों ने लीरा में निवेश के लिए बड़ा ब्याज-कुशन बनाया। लेकिन विश्लेषकों ने भीड़भाड़ वाले ट्रेड और देश-विशेष के जोखिमों को लेकर चेतावनी दी।78
महत्वपूर्ण बात यह है कि निवेशक केवल केंद्रीय बैंक की घोषित दर नहीं देखते। कुल रिटर्न का मोटा हिसाब इस तरह समझा जा सकता है:
कैरी रिटर्न ≈ ब्याज-दर का लाभ + मुद्रा में बदलाव + बॉन्ड कीमत में बदलाव − फंडिंग और लेन-देन की लागत।
यदि स्थानीय मुद्रा की गिरावट ब्याज-दर के लाभ से अधिक हो जाए, तो ऊंची यील्ड भी नुकसान में बदल सकती है। इसलिए वास्तविक यील्ड, महंगाई की उम्मीदें, बाजार की तरलता और केंद्रीय बैंक की विश्वसनीयता उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी कि नाममात्र की ब्याज दर।123
2025 के बड़े हिस्से में डॉलर कमजोर रहा। इससे डॉलर में उधार लेना अपेक्षाकृत सुविधाजनक बना और फंडिंग मुद्रा के मजबूत होने से होने वाला दबाव कम रहा। निवेशक सस्ते डॉलर उधार लेकर इंडोनेशियाई रुपिया, भारतीय रुपया, ब्राजीलियन रियल और तुर्की लीरा जैसी ऊंची यील्ड वाली मुद्राओं में जाने लगे।3
पूंजी प्रवाह ने इस रुझान को और बल दिया। जे. सफरा सारासिन द्वारा उद्धृत शोध के अनुसार, डॉलर का कमजोर होना और अमेरिकी नीति दरों में कमी उभरते बाजारों में पूंजी आने के अहम कारण रहे। स्थानीय मुद्रा वाले बॉन्ड के लिए डॉलर की दिशा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही।38
कैरी ट्रेड तब सबसे आकर्षक दिखता है जब निवेश की जाने वाली मुद्रा स्थिर रहती है। ऐसे माहौल में निवेशक मुद्रा में बड़े नुकसान के बिना ब्याज-अंतर कमा सकते हैं। ब्लूमबर्ग और आईएनजी दोनों ने घटती विदेशी मुद्रा अस्थिरता को इस रणनीति की सफलता का प्रमुख कारण बताया।410
लेकिन यही स्थिति आगे चलकर जोखिम भी बढ़ा सकती है। कम अस्थिरता निवेशकों को अधिक लीवरेज और बड़े दांव लगाने के लिए प्रोत्साहित करती है। अगर अस्थिरता अचानक बढ़े, तो पोजीशन बनाए रखना महंगा हो जाता है। इसके साथ ही स्टॉप-लॉस, मार्जिन कॉल और जोखिम-सीमाएं निवेशकों को बेचने के लिए मजबूर कर सकती हैं।
उभरते बाजारों के बॉन्ड और मुद्राओं के लिए व्यापक आर्थिक माहौल भी मददगार रहा। निवेश प्रबंधकों ने आर्थिक लचीलापन, कम अस्थिरता, आकर्षक कैरी और पूंजी प्रवाह को उभरते बाजारों के कर्ज के पक्ष में प्रमुख कारण बताया। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राजकोषीय और राजनीतिक जोखिम हर देश में अलग-अलग हैं।3640
इसलिए यह हर उभरते बाजार में समान तेजी नहीं थी। सबसे बेहतर अवसर उन देशों में केंद्रित रहे जहां ऊंची यील्ड के साथ विश्वसनीय मौद्रिक नीति, घटती महंगाई, पर्याप्त बाहरी सुरक्षा या अपेक्षाकृत तरल बाजार भी मौजूद थे।
2026 की तस्वीर 2025 जितनी सीधी नहीं है। शुरुआती रिपोर्टों में रफ्तार जारी रहने के संकेत मिले। जनवरी के अंत तक ब्लूमबर्ग से जुड़े एक माप में साल की शुरुआत से करीब 1.3% की बढ़त बताई गई।6 लेकिन जैसे-जैसे डॉलर मजबूत हुआ, ट्रेडर्स ने उभरते बाजारों की पोजीशन को फंड करने के लिए यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ाया।2
यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पता चलता है कि कैरी ट्रेड केवल डॉलर के खिलाफ दांव नहीं है। यह एक रिलेटिव-वैल्यू रणनीति है, जिसमें फंडिंग मुद्रा, निवेश वाली मुद्रा, ब्याज-दर की उम्मीदें और बाजार की अस्थिरता सभी भूमिका निभाते हैं। डॉलर मजबूत होने पर भी ट्रेड आकर्षक रह सकता है—बस फंडिंग के लिए सबसे बेहतर मुद्रा बदल सकती है।
संस्थागत निवेशकों का आधारभूत अनुमान पूरी तरह तेजी वाला नहीं, बल्कि सावधानी के साथ सकारात्मक है। कैरी ट्रेड तब तक काम कर सकता है जब तक महंगाई नियंत्रण में रहे, वैश्विक वृद्धि में तेज गिरावट न आए और मुद्रा बाजारों में अस्थिरता काबू में रहे।3640
ऐसे माहौल में व्यापक उभरते बाजारों की टोकरी के बजाय चुनिंदा बाजारों पर ध्यान देना अधिक तर्कसंगत दिखता है। निवेशक आम तौर पर उन बाजारों को प्राथमिकता दे सकते हैं जिनमें:
2026 में उभरते बाजारों की नीति दरों में कटौती भी एक अहम सीमा है। एक आउटलुक में साल के दौरान प्रमुख दरों में औसत अनुमानित कमी करीब 50 बेसिस पॉइंट बताई गई। इससे कुछ देशों का ब्याज लाभ धीरे-धीरे कम हो सकता है।35 दरें घटने पर मुद्रा की स्थिरता और महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि स्थानीय मुद्रा के कमजोर होने से होने वाले नुकसान को ढकने के लिए ब्याज आय का कुशन छोटा रह जाता है।
फ्रैंकलिन टेंपलटन का आकलन भी है कि 2026 में उभरते बाजारों का प्रदर्शन व्यापक जोखिम-स्प्रेड में गिरावट से अधिक कैरी से संचालित हो सकता है। उसके अनुसार, कुछ उभरती मुद्राओं का बेहतर प्रदर्शन डॉलर में सार्वभौमिक गिरावट पर निर्भर नहीं है।37
अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपेक्षा से अधिक सख्त रुख अपनाता है, अमेरिकी महंगाई जिद्दी बनी रहती है या ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है, तो डॉलर में फंडिंग की सापेक्ष लागत बढ़ सकती है। डॉलर में तेज उछाल दोहरा नुकसान कर सकता है—फंडिंग महंगी होगी और निवेश वाली स्थानीय मुद्रा भी कमजोर पड़ सकती है।
उभरते बाजारों में तेजी से दरों में कटौती भी जोखिम है। इससे ब्याज-दर का अंतर घटेगा और कैरी ट्रेड का सुरक्षा-कुशन छोटा होगा।3536
अगस्त 2024 में येन-कैरी ट्रेड का तेज अनवाइंड इस रणनीति की यांत्रिक कमजोरी दिखाता है। ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और अचानक बढ़ी अस्थिरता ने लीवरेज वाली पोजीशन पर दबाव डाला। बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के अनुसार, बढ़े हुए मार्जिन और लीवरेज घटाने की प्रक्रिया ने गिरावट को और तेज किया।4647
डॉलर-फंडेड उभरते बाजारों की पोजीशन में भी यही क्रम दोहराया जा सकता है:
2024 का अनुभव यह भी बताता है कि येन का असर केवल येन-फंडेड ट्रेड तक सीमित नहीं रहता। येन प्रमुख फंडिंग मुद्राओं में से एक है। इसमें तेज मजबूती आने पर निवेशक कई लीवरेज वाले जोखिमपूर्ण दांव एक साथ कम कर सकते हैं।
इसका अर्थ यह नहीं कि हर डॉलर-फंडेड उभरते बाजार का ट्रेड उसी तरह टूटेगा। लेकिन फंडिंग मुद्रा, कोलैटरल और पोर्टफोलियो की जोखिम-सीमाएं कागज पर अलग दिखने वाली पोजीशन को भी आपस में जोड़ सकती हैं।43
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने या ऊर्जा कीमतों में लंबे समय तक उछाल आने से महंगाई बढ़ सकती है, वृद्धि कमजोर हो सकती है और तेल आयात करने वाले उभरते बाजारों के चालू खातों पर दबाव पड़ सकता है। निवेश शोध में भू-राजनीति, कमोडिटी कीमतों की अस्थिरता, मंदी का जोखिम और तकनीकी चक्र में सुधार को उभरते बाजारों के कर्ज के प्रमुख जोखिमों में गिना गया है।2836
खाद्य महंगाई भी एक बड़ा दबाव बन सकती है। रॉयटर्स के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर 2026 के दौरान बहुत मजबूत एल नीनो की संभावना 81% बताई गई। ऊर्जा और उर्वरक की ऊंची लागत तथा अनाज आपूर्ति में व्यवधान एशिया और लैटिन अमेरिका में खाद्य कीमतों का दबाव बढ़ा सकते हैं।1718
एल नीनो या ऊर्जा झटका कैरी ट्रेड को दो तरह से नुकसान पहुंचा सकता है: इससे निवेश वाली मुद्रा सीधे कमजोर हो सकती है और स्थानीय केंद्रीय बैंक को दरों में कटौती टालनी पड़ सकती है—या अपेक्षित नरमी के बजाय फिर से सख्त नीति अपनानी पड़ सकती है।22
ब्राजील उभरते बाजारों के आकर्षक कैरी ट्रेडों में रहा है, लेकिन इसी सफलता के कारण इसमें पोजीशन की भीड़ का जोखिम बढ़ता है। ब्लूमबर्ग ने बताया कि चुनावी चिंताओं के कारण कुछ निवेशक ब्राजील से जुड़ी पोजीशन घटा रहे हैं।19
यदि ब्राजीलियन रियल में तेज गिरावट आती है, तो स्थानीय परिसंपत्तियों से मिली ब्याज आय जल्दी बेअसर हो सकती है। चीन की कमजोर मांग, कमोडिटी कीमतों में गिरावट या राजकोषीय नीति पर चिंता भी रियल को मिलने वाला सहारा कम कर सकती है।1926
ब्राजीलियन रियल, कोलंबियन पेसो और दक्षिण अफ्रीकी रैंड जैसी कमोडिटी-समर्थित मुद्राओं को मजबूत कमोडिटी कीमतों से लाभ मिल सकता है। लेकिन वैश्विक वृद्धि धीमी होने या चीन की मांग कमजोर पड़ने पर यह समर्थन तेजी से हट सकता है। 2026-27 में कमोडिटी बाजार भू-राजनीतिक और जलवायु जोखिमों से प्रभावित रह सकते हैं।20
एआई से जुड़ी एशियाई टेक कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट भी एक संभावित जोखिम-चैनल है। इससे वित्तीय परिस्थितियां सख्त हो सकती हैं और उभरते बाजारों से पूंजी निकल सकती है। हालांकि, इसे अभी एक संभावित परिदृश्य के रूप में देखना चाहिए; उपलब्ध शोध यह साबित नहीं करता कि एआई में गिरावट फिलहाल उभरते बाजारों के कैरी ट्रेड की कमजोरी का मुख्य कारण है।2836
2008 का वित्तीय संकट और अगस्त 2024 की बाजार उथल-पुथल अलग घटनाएं थीं, लेकिन दोनों से एक समान सबक मिलता है: कैरी ट्रेड धीरे-धीरे मुनाफा जमा कर सकता है, पर फंडिंग लागत, अस्थिरता या जोखिम लेने की क्षमता में अचानक बदलाव आने पर नुकसान बहुत तेजी से हो सकता है।464757
इसलिए रैली को पलटने के लिए उभरते बाजारों के मूलभूत आधारों का पूरी तरह बिगड़ना जरूरी नहीं है। यील्ड और मुद्रा जोखिम के बीच संबंध में अपेक्षाकृत छोटा बदलाव भी काफी हो सकता है। निवेशकों के लिए निगरानी योग्य प्रमुख संकेतक हैं:
डॉलर-फंडेड उभरते बाजारों के कैरी ट्रेड ने 2025 में असाधारण प्रदर्शन इसलिए किया क्योंकि कई अनुकूल परिस्थितियां एक साथ आ गईं—बड़े ब्याज-अंतर, कमजोर डॉलर, कम अस्थिरता, लचीली वैश्विक वृद्धि और मजबूत निवेशक मांग। 2026 में यह रणनीति अभी भी काम कर सकती है, लेकिन इसका आसान दौर शायद पीछे छूट रहा है।
सबसे संतुलित अनुमान व्यापक तेजी के बजाय चुनिंदा अवसरों का है। जहां वास्तविक यील्ड, मौद्रिक नीति की विश्वसनीयता और बाहरी आर्थिक आधार मजबूत हैं, वहां कैरी रिटर्न दे सकता है। फिर भी इसकी बुनियादी कमजोरी वही है: कई महीनों की स्थिर ब्याज आय को फंडिंग मुद्रा, स्थानीय विदेशी मुद्रा या वैश्विक अस्थिरता में एक तेज हलचल मिटा सकती है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
ब्लूमबर्ग के एक माप के अनुसार, उभरते बाजारों का कैरी ट्रेड 2025 में करीब 17% चढ़ा—2009 के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन। डॉलर से वित्तपोषित कैरी ट्रेड की जीत का सिलसिला 2008 के बाद सबसे लंबा बताया गया।[4][6]
ब्लूमबर्ग के एक माप के अनुसार, उभरते बाजारों का कैरी ट्रेड 2025 में करीब 17% चढ़ा—2009 के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन। डॉलर से वित्तपोषित कैरी ट्रेड की जीत का सिलसिला 2008 के बाद सबसे लंबा बताया गया।[4][6] इस तेजी के पीछे बड़े ब्याज अंतर, कम मुद्रा अस्थिरता, अपेक्षाकृत कमजोर डॉलर, मजबूत पूंजी प्रवाह और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की लचीली वृद्धि रही।
2026 में व्यापक तेजी के बजाय चुनिंदा बाजारों में अवसर दिख रहे हैं। फेड की नीति, घटती यील्ड डिफरेंशियल, महंगाई, भू राजनीतिक झटके और अचानक बढ़ती अस्थिरता रैली को पलट सकती है।