मार्च 2024 के बाजार शिखर पर लंबी अवधि वाले होल्डर्स के एक्सचेंज इनफ्लो सालाना औसत से पांच गुना से अधिक थे; अब वे औसत से काफी नीचे हैं। जून 2026 के निचले स्तर पर मुनाफे में मौजूद बिटकॉइन सप्लाई का हिस्सा नवंबर 2022 के तल जैसा था, लेकिन इस बेयर मार्केट में बिटकॉइन का दैनिक बंद भाव कभी एग्रीगेटेड रियलाइज्ड प्राइस से नी...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How have Bitcoin long-term holders’ exchange inflows, realized gains, and supply changed from the March 2024 bull-market peak through the be. Article summary: Bitcoin’s long-term holders have moved from heavy distribution toward much lighter selling, with signs of renewed accumulation. That reduces potential supply pressure, but it does not by itself establish that a sustained. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
बिटकॉइन के लंबी अवधि वाले होल्डर्स मार्च 2024 की तेजी के शिखर की तुलना में अब कम कॉइन एक्सचेंजों पर भेज रहे हैं। मुनाफे में बेचे जा रहे कॉइन से जुड़ा एक माप भी दिसंबर 2024 के उच्च स्तर से काफी नीचे है। हालांकि, उनकी कुल सप्लाई का रुझान कई बार बदला है: जुलाई में जमा बढ़ा, फिर बिकवाली की एक बड़ी लहर आई और सितंबर में स्थिति न्यूट्रल के करीब पहुंच गई। कुल मिलाकर, बिकवाली का दबाव कम हुआ दिखता है—लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि कीमतों की टिकाऊ रिकवरी शुरू हो गई है।17
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मार्च 2024 में बाजार के शिखर पर लंबी अवधि वाले होल्डर्स (LTH) से एक्सचेंजों में आने वाले बिटकॉइन का प्रवाह उनके सालाना औसत से पांच गुना से अधिक हो गया था। 2025 के शिखर के आसपास यह गतिविधि तुलनात्मक रूप से कम रही। बेयर मार्केट शुरू होने पर यह फिर बढ़ी, लेकिन अब सालाना औसत से काफी नीचे है—यह विश्लेषक Darkfost के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्टिंग का निष्कर्ष है।17
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एक्सचेंज इनफ्लो का मतलब है कि कॉइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर भेजे जा रहे हैं, जहां उन्हें बेचा जा सकता है। यह अपने-आप में पूरी हुई बिक्री का सीधा माप नहीं है। फिर भी, कम इनफ्लो का संकेत है कि पहले की ज्यादा सक्रिय अवधि के मुकाबले एक्सचेंजों तक संभावित बिकवाली वाली सप्लाई कम पहुंच रही है।17
सितंबर के एक अनुमान के मुताबिक, लंबी अवधि वाले होल्डर्स के कॉइन खर्च किए जाने पर दर्ज रियलाइज्ड मुनाफे का स्तर करीब 72% था। दिसंबर 2024 में यह लगभग 350% तक पहुंचा था।23 यह माप खर्च किए जा रहे कॉइन से जुड़े रियलाइज्ड मुनाफे को बताता है; यह इस बात का आंकड़ा नहीं है कि कुल बिटकॉइन सप्लाई का कितना हिस्सा फिलहाल मुनाफे में है। इसलिए दोनों को एक ही संकेतक नहीं समझना चाहिए।
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यह तुलना बताती है कि दिसंबर 2024 के ऊंचे स्तर के मुकाबले मुनाफावसूली उतनी तीव्र नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लंबी अवधि वाले निवेशकों ने बेचना पूरी तरह बंद कर दिया है। एक्सचेंज इनफ्लो के आंकड़े भी इसी वजह से इसे बिकवाली में कमी कहना बेहतर बनाते हैं, पूरी तरह रुक जाना नहीं।17
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Glassnode का लंबी अवधि वाले होल्डर्स की नेट पोजिशन में बदलाव मापने वाला संकेतक, लंबे समय तक वितरण के बाद जुलाई में सकारात्मक हुआ। जुलाई की रिपोर्ट में नेट जमा का अनुमान करीब 50,000 से 100,000 BTC के बीच बताया गया था।6
यह बदलाव लगातार जारी नहीं रहा। बाद की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के मध्य में शुरू हुई बिकवाली की लहर में नेट आउटफ्लो करीब 260,000 BTC रहा। सितंबर तक लंबी अवधि वाले होल्डर्स की नेट पोजिशन न्यूट्रल के करीब पहुंच गई।31 यानी लंबे समय तक चली सप्लाई के वितरण की स्थिति में सुधार दिखा है, लेकिन रुझान सीधे और लगातार जमा की ओर नहीं गया।
Glassnode के ढांचे में लंबी अवधि वाले होल्डर्स की सप्लाई उन कॉइन को गिनती है जो कम-से-कम 155 दिनों से होल्ड किए गए हों।6 यह एक्सचेंज इनफ्लो जैसा माप नहीं है: पहला होल्डर्स के समूह की नेट पोजिशन में बदलाव देखता है, जबकि दूसरा एक्सचेंजों पर भेजे जा रहे कॉइन को। दोनों को साथ पढ़ने पर बिकवाली के सक्रिय दौर से नरमी का संकेत मिलता है। फिर भी सितंबर का न्यूट्रल स्तर लगातार जमा होने के स्पष्ट संकेत से ज्यादा सतर्क तस्वीर पेश करता है।
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जून 2026 के निचले स्तर पर मुनाफे में मौजूद बिटकॉइन सप्लाई का प्रतिशत नवंबर 2022 के निचले स्तर के करीब पहुंच गया था।1 यह समानता ध्यान देने योग्य है, लेकिन दूसरे संकेतकों की तस्वीर अलग थी। इस बेयर मार्केट में बिटकॉइन का दैनिक बंद भाव कभी एग्रीगेटेड रियलाइज्ड प्राइस से नीचे नहीं गया; इसके उलट, पिछले बेयर मार्केट में कीमत ने लंबे समय तक उस स्तर के नीचे कारोबार किया था।
4 उद्धृत Glassnode आंकड़ों के अनुसार, नेट अनरियलाइज्ड प्रॉफिट/लॉस (NUPL) भी मौजूदा चक्र में सकारात्मक बना रहा।
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ये अंतर अहम हैं। किसी एक संकेतक में समानता से यह साबित नहीं होता कि मौजूदा चक्र भी उसी तरह के तल पर पहुंच गया है या रिकवरी का रास्ता वैसा ही होगा। ये तुलनाएं ऑन-चेन हालात बताती हैं, भविष्य की कीमत का अनुमान नहीं।1
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लंबी अवधि वाले होल्डर्स से एक्सचेंजों में कम इनफ्लो का मतलब हो सकता है कि खरीदारों को सोखने के लिए संभावित रूप से कम सप्लाई बाजार तक पहुंच रही है। जुलाई में नेट जमा की वापसी भी व्यवहार में बदलाव का संकेत थी। लेकिन इसके बाद का आउटफ्लो और सितंबर का न्यूट्रल रुझान दिखाते हैं कि यह संकेत अभी निर्णायक नहीं है।6
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टिकाऊ रिकवरी के लिए बिकवाली में कमी के साथ लगातार मांग भी जरूरी होगी। यहां दिए गए ऑन-चेन आंकड़े वितरण में नरमी और होल्डर्स के बदलते व्यवहार की ओर इशारा करते हैं। अकेले ये आंकड़े यह साबित नहीं करते कि कीमतों में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने के लिए मांग पर्याप्त मजबूत है।
Studio Global AI
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मार्च 2024 के बाजार शिखर पर लंबी अवधि वाले होल्डर्स के एक्सचेंज इनफ्लो सालाना औसत से पांच गुना से अधिक थे; अब वे औसत से काफी नीचे हैं।
मार्च 2024 के बाजार शिखर पर लंबी अवधि वाले होल्डर्स के एक्सचेंज इनफ्लो सालाना औसत से पांच गुना से अधिक थे; अब वे औसत से काफी नीचे हैं। जून 2026 के निचले स्तर पर मुनाफे में मौजूद बिटकॉइन सप्लाई का हिस्सा नवंबर 2022 के तल जैसा था, लेकिन इस बेयर मार्केट में बिटकॉइन का दैनिक बंद भाव कभी एग्रीगेटेड रियलाइज्ड प्राइस से नीचे नहीं गया।