इन आंकड़ों को एक बिल्कुल समान और लगातार चलने वाली टाइम सीरीज़ नहीं समझना चाहिए। अलग-अलग ट्रैकर यह तय करने में अलग तरीके अपनाते हैं कि केवल शेयर गिने जाएं या शेयरों के साथ ETF भी, जारीकर्ता के उत्पादों को कैसे शामिल किया जाए और कितने एसेट या वॉलेट एड्रेस की गणना की जाए। उदाहरण के लिए, RWA.xyz ने 20 अगस्त के स्नैपशॉट में 3,959 टोकनाइज्ड शेयर सूचीबद्ध किए थे।
इसलिए सबसे सुरक्षित निष्कर्ष दिशा से जुड़ा है, किसी एक अंतिम संख्या से नहीं: टोकनाइज्ड इक्विटी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इस बाजार की माप-सीमा अभी पूरी तरह मानकीकृत नहीं हुई है।
किस ब्लॉकचेन की हिस्सेदारी सबसे अधिक है, इसका उत्तर तारीख और मापदंड के साथ बदल सकता है। जुलाई में उद्धृत Token Terminal स्नैपशॉट में Ethereum के पास टोकनाइज्ड-शेयर बाजार मूल्य का 34%, BNB Chain के पास 30% और Solana के पास 23% था। इन तीनों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 87% बनती थी।
बाद के एक मूल्य स्नैपशॉट में तस्वीर अलग थी: टोकनाइज्ड इक्विटी और ETF के लिए BNB Chain करीब 946.9 मिलियन डॉलर, Ethereum 787.4 मिलियन डॉलर और Solana 618.7 मिलियन डॉलर पर था।
अगस्त के एक अन्य अनुमान में Ethereum की हिस्सेदारी 49%, Solana की 23% और BNB Chain की 22% बताई गई। इन आंकड़ों का अलग होना जरूरी नहीं कि किसी गलती का संकेत हो। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं:
स्थिर निष्कर्ष यह है कि Ethereum, BNB Chain और Solana मिलकर मापे गए टोकनाइज्ड-इक्विटी मूल्य का अधिकांश हिस्सा संभालते हैं। हालांकि, इनकी सटीक रैंकिंग तेजी से बदल सकती है।
वॉलेट की संख्या से अपनाने की कहानी बाजार पूंजीकरण से अलग दिखती है। नवीनतम उद्धृत आंकड़ों में BNB Chain और Robinhood Chain पर लगभग 5-5 लाख होल्डर थे, जबकि Solana पर करीब 3.32 लाख होल्डर थे।
Robinhood इसका अच्छा उदाहरण है। Robinhood Chain के लॉन्च के तुरंत बाद नेटवर्क पर लगभग 3.28 लाख होल्डर आ गए, लेकिन टोकनाइज्ड शेयरों का मूल्य बड़े जारीकर्ताओं से कम रहा। बड़ी होल्डर बेस खुदरा वितरण और छोटे निवेश से जुड़ी हो सकती है; इसका अर्थ यह नहीं कि उस प्लेटफॉर्म पर सबसे अधिक पूंजी या सबसे गहरी लिक्विडिटी मौजूद है।
यह बाजार के विस्तार का एक अहम संकेत है: वितरण, कस्टडी में मौजूद एसेट से कहीं तेज गति से बढ़ सकता है। कोई ब्रोकरेज या कंज्यूमर ऐप बहुत से नए वॉलेट एड्रेस को ऑन-चेन ला सकता है, जबकि बाजार मूल्य का बड़ा हिस्सा संस्थागत जारीकर्ताओं के पास बना रहे।
अगस्त के मध्य के एक स्नैपशॉट में तीन प्लेटफॉर्मों के पास रिपोर्ट किए गए टोकनाइज्ड-इक्विटी मूल्य का लगभग 77% था:
Binance का bStocks दिखाता है कि एक्सचेंज-आधारित उत्पाद कितनी तेजी से बड़ा हो सकता है। Binance के अनुसार bStocks का बाजार पूंजीकरण 500 मिलियन डॉलर से ऊपर गया और संचयी ट्रेडिंग वॉल्यूम 8.7 अरब डॉलर पहुंचा। जुलाई का ऑन-चेन वॉल्यूम 7.4 अरब डॉलर बताया गया।
Ondo Finance ने एक अलग, लेकिन पूरक भूमिका अपनाई है। वह टोकनाइज्ड शेयरों और ETF के लिए जारीकर्ता और वितरण परत के रूप में काम कर रहा है। Binance ने Ondo के टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज को Binance Alpha पर उपलब्ध कराया और संबंधित उत्पाद ढांचे के तहत इन्हें सिक्योरिटीज के रूप में वर्गीकृत किया।
Backed Finance का xStocks क्रॉस-प्लेटफॉर्म मॉडल का उदाहरण है। यह उत्पाद Kraken जैसी साझेदारियों के जरिए Solana और Ethereum पर लॉन्च हुआ और पात्र गैर-अमेरिकी उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखता है। ऐसे मॉडल में जारीकर्ता, एक्सचेंज, ब्लॉकचेन, कस्टोडियन और निवेशक-पात्रता नियम—सभी एक ही वित्तीय उत्पाद की अलग-अलग परतें बन सकते हैं।
Robinhood ने सबसे पहले पात्र यूरोपीय संघ और EEA उपयोगकर्ताओं को टोकनाइज्ड अमेरिकी शेयर और ETF उपलब्ध कराए। इसके बाद कंपनी ने Arbitrum तकनीक पर आधारित, Ethereum-संगत Layer 2 नेटवर्क Robinhood Chain लॉन्च किया और पात्र टोकनाइज्ड शेयरों में 24/7 ट्रेडिंग शुरू की।
यह मॉडल दिखाता है कि ऐप-आधारित वितरण कितनी तेजी से नए उपयोगकर्ता ला सकता है। लेकिन इससे स्वामित्व का सवाल भी सामने आता है। रिपोर्टों के अनुसार Robinhood Stock Tokens संबंधित शेयर की कीमत को ट्रैक करने वाले इंस्ट्रूमेंट हैं; वे धारकों को सीधे शेयर स्वामित्व या वोटिंग अधिकार नहीं देते।
Kraken, Backed के साथ साझेदारी के जरिए पात्र गैर-अमेरिकी ग्राहकों को xStocks उपलब्ध कराता है। यहां विशेषज्ञ जारीकर्ता उत्पाद तैयार करता है, जबकि स्थापित एक्सचेंज ग्राहक तक पहुंच और ट्रेडिंग का माध्यम बनता है।
रिपोर्टों के अनुसार Coinbase और Base गैर-अमेरिकी ग्राहकों के लिए वन-टू-वन टोकनाइज्ड इक्विटी विकसित कर रहे हैं। प्रस्तावित मॉडल Robinhood और Kraken के उत्पादों को चुनौती दे सकता है, लेकिन कस्टडी, जारी करने की प्रक्रिया, पात्रता और नियामकीय विवरण पर उपलब्ध रिपोर्टिंग में अभी स्पष्टता नहीं है।
इन सभी मॉडलों का व्यावसायिक लक्ष्य लगभग समान है: ब्रोकरेज जैसी आसान पहुंच को ब्लॉकचेन की सुविधाओं—वॉलेट ट्रांसफर, स्टेबलकॉइन फंडिंग, लगातार ट्रेडिंग और संभावित DeFi एकीकरण—के साथ जोड़ना।
यह क्षेत्र अब पारंपरिक वित्तीय ढांचे का भी ध्यान आकर्षित कर रहा है। Ondo और Broadridge की साझेदारी के तहत BlackRock के iShares Core S&P 500 ETF और Micron के शेयरों को सार्वजनिक ब्लॉकचेन पर थर्ड-पार्टी टोकनाइजेशन के लिए पेश किया गया, जबकि मौजूदा अमेरिकी नियामकीय और बाजार ढांचे को बनाए रखने की बात कही गई। घोषणा के अनुसार टोकन धारकों को नियामकीय disclosures मिलेंगे और वे proxy voting में भाग ले सकेंगे।
यह उस टोकन से काफी अलग है जो केवल किसी शेयर की कीमत को ट्रैक करता है। जारीकर्ता और क्षेत्राधिकार के आधार पर कोई टोकन हो सकता है:
इसीलिए निवेशक को यह जांचना जरूरी है कि टोकन और मूल एसेट के बीच कानूनी संबंध क्या है। क्या धारक को कानूनी स्वामित्व, लाभांश, वोटिंग अधिकार, रिडेम्पशन अधिकार और जारीकर्ता या कस्टोडियन के असफल होने पर सुरक्षा मिलती है—ये सवाल किसी भी उत्पाद को समझने के लिए बुनियादी हैं।
स्टेबलकॉइन भी इस ढांचे की अहम कड़ी हैं। Binance के bStocks लॉन्च दस्तावेजों में USDC और USDT को फंडिंग माध्यम और BNB Chain को सेटलमेंट नेटवर्क बताया गया है। व्यापक टोकनाइज्ड-बाजार मॉडल में स्टेबलकॉइन फंडिंग, कोलेटरल ट्रांसफर, सेटलमेंट और सीमा-पार भुगतान में मदद कर सकते हैं, जबकि टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज निवेश का एक्सपोजर देती हैं।
उपलब्ध साक्ष्य Meritz Securities की मौजूदा टोकनाइज्ड-इक्विटी गतिविधि को प्रमुख जारीकर्ताओं के मुकाबले मापने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए इस बाजार में उसकी निश्चित या मापी हुई भूमिका बताना जल्दबाजी होगी।
यदि कानूनी और बाजार ढांचा मजबूत हो, तो टोकनाइज्ड इक्विटी कुछ व्यावहारिक लाभ दे सकती है:
ये संभावित फायदे हैं, गारंटी नहीं। टोकनाइजेशन तकनीकी वितरण परत बदलता है; यह अपने-आप कस्टडी, अनुपालन, लिक्विडिटी या काउंटरपार्टी जोखिम खत्म नहीं करता।
सबसे पहला सवाल यही है कि खरीदार वास्तव में क्या खरीद रहा है। उत्पाद विवरण में जारीकर्ता, कस्टोडियन, बैकिंग व्यवस्था, रिडेम्पशन प्रक्रिया, लाभांश, वोटिंग अधिकार और किसी मध्यस्थ के दिवालिया होने की स्थिति में उपलब्ध सुरक्षा स्पष्ट होनी चाहिए।
कई ब्लॉकचेन पर 24/7 चलने वाला बाजार लिक्विडिटी को बांट सकता है और हेरफेर, वॉश ट्रेडिंग, इनसाइडर डीलिंग तथा टोकन और मूल शेयर के बीच कीमत के अंतर को पकड़ना कठिन बना सकता है।
अमेरिकी शेयर से जुड़ा कोई टोकन किसी ऑफशोर जारीकर्ता द्वारा बनाया जा सकता है, वैश्विक एक्सचेंज पर वितरित हो सकता है, स्टेबलकॉइन से खरीदा जा सकता है और self-custody वॉलेट में रखा जा सकता है। इससे सिक्योरिटीज कानून, लाइसेंसिंग, AML/KYC, प्रतिबंध, कर, कस्टडी और रिपोर्टिंग से जुड़े कई नियम एक साथ लागू हो सकते हैं।
स्मार्ट-कॉन्ट्रैक्ट में खामी, ब्रिज की विफलता, निजी कुंजी खोना, oracle की गलती, जारीकर्ता का दिवालिया होना या कानूनी स्वामित्व पर विवाद—इनमें से कोई भी समस्या टोकन को प्रभावित कर सकती है, भले ही उससे जुड़ा मूल शेयर सामान्य रूप से ट्रेड करता रहे।
यदि मार्केट मेकर, रिडेम्पशन व्यवस्था या ट्रेडिंग पहुंच सीमित हो, तो टोकन मूल शेयर की तुलना में प्रीमियम या डिस्काउंट पर ट्रेड कर सकता है। ऊंचा रिपोर्ट किया गया वॉल्यूम हमेशा ऐसा गहरा, दोतरफा बाजार नहीं दर्शाता जो दबाव की स्थिति में भी स्थिर रहे।
करीब 2.8 अरब डॉलर का टोकनाइज्ड-स्टॉक बाजार वैश्विक सार्वजनिक इक्विटी बाजार की तुलना में अभी बहुत छोटा है। इसलिए मौजूदा उछाल को पारंपरिक शेयर बाजार के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि वित्तीय वितरण, सेटलमेंट और स्वामित्व के बुनियादी ढांचे पर चल रहे प्रयोग के रूप में देखना अधिक उचित है।
अगले चरण में सफलता का पैमाना जारी किए गए टोकनों की संख्या नहीं, बल्कि कानूनी रूप से विश्वसनीय स्वामित्व, भरोसेमंद कस्टडी, गहरी लिक्विडिटी, पारदर्शी disclosures और सीमा-पार निगरानी की निरंतरता होगी। बाजार की तेज वृद्धि यह जरूर दिखाती है कि ऑन-चेन पहुंच की मांग वास्तविक है; लेकिन इसकी अनसुलझी संरचना यह भी बताती है कि केवल वृद्धि को परिपक्व वित्तीय बाजार का प्रमाण नहीं माना जा सकता।