Morgan Stanley के अनुमान के अनुसार, 2026 में AI से जुड़ा वैश्विक कर्ज़ करीब 570 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। Alphabet, Amazon, Meta और Oracle ने 7 जुलाई तक लगभग 194 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी कर दिए थे। [3][36] Alphabet की पहली ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ‘Kangaroo bond’ बिक्री में 5.5 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुटाए गए और 18 अरब ऑस्ट्...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has the record surge in AI-infrastructure borrowing by Alphabet, Amazon, Meta, Oracle, and other hyperscalers—nearly $223 billion in bon. Article summary: AI borrowing has become a meaningful marginal competitor for global long-duration capital—not a literal rival to sovereign bonds in outstanding size. The mechanism is heavy simultaneous supply: hyperscalers and governmen. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
AI इंफ्रास्ट्रक्चर की दौड़ अब सिर्फ तकनीक या कंप्यूटिंग क्षमता की कहानी नहीं रही। यह वैश्विक पूंजी के लिए भी बड़ी प्रतिस्पर्धा बन गई है। Alphabet, Amazon, Meta और Oracle जैसी बड़ी टेक कंपनियां—जिन्हें आम तौर पर hyperscalers कहा जाता है—डेटा सेंटर, क्लाउड और AI हार्डवेयर में भारी निवेश के लिए पहले की तुलना में कहीं अधिक कर्ज़ उठा रही हैं।
Reuters के LSEG डेटा पर आधारित विश्लेषण के अनुसार, इन चार कंपनियों ने 2026 में 7 जुलाई तक लगभग 194 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी किए, जबकि पूरे 2025 में यह आंकड़ा करीब 108 अरब डॉलर था। Morgan Stanley ने 2026 में AI से जुड़े वैश्विक कर्ज़ के लगभग 570 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। इसमें hyperscalers के अलावा डेटा सेंटर कंपनियां, चिप सप्लाई चेन और AI इकोसिस्टम से जुड़े अन्य कारोबारी भी शामिल हैं।
यह कर्ज़ लंबी अवधि की पूंजी के लिए सरकारों का एक महत्वपूर्ण नया प्रतिस्पर्धी बन रहा है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि AI बॉन्ड सरकारी बॉन्ड का सीधा विकल्प बन चुके हैं या hyperscaler कंपनियों की बॉन्ड बिक्री ही हाल की अमेरिकी ट्रेजरी बिकवाली की अकेली वजह है।
बॉन्ड यील्ड वह रिटर्न है जिसकी मांग निवेशक किसी कंपनी या सरकार को पैसा उधार देने के बदले करते हैं। जब कई बड़े उधारकर्ता एक ही समय में बाजार में आते हैं, तो निवेशकों को अधिक बॉन्ड खरीदने होते हैं। इस अतिरिक्त सप्लाई को आकर्षित करने के लिए कंपनियों को अधिक कूपन या सरकारी बॉन्ड की तुलना में ज्यादा स्प्रेड देना पड़ सकता है।
इसका असर मुख्यतः दो तरीकों से दिखता है:
Reuters के अनुसार, 2026 में AI से जुड़ा कर्ज़ investment-grade बॉन्ड जारी करने की कुल मात्रा का करीब 15% हो सकता है। बैंक अमेरिकी डॉलर बाजार पर दबाव कम करने के लिए अन्य मुद्राओं में भी खरीदार तलाश रहे हैं। इससे सरकारी बॉन्ड की सापेक्ष कीमत प्रभावित हो सकती है, खासकर तब जब सरकारें भी बड़े पैमाने पर उधारी कर रही हों।
लेकिन यहां कारण और प्रभाव को लेकर सावधानी जरूरी है। ट्रेजरी यील्ड पर महंगाई की उम्मीदें, बजट घाटा, सरकारी कर्ज़ की सप्लाई, आर्थिक वृद्धि, भू-राजनीतिक जोखिम, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और term premium—यानी लंबी अवधि का जोखिम उठाने के लिए निवेशकों द्वारा मांगा गया अतिरिक्त रिटर्न—सभी असर डालते हैं। Reuters ने भी चेताया है कि अमेरिकी बॉन्ड बाजार के तनाव का पूरा दोष AI कर्ज़ उछाल पर नहीं डाला जा सकता।
‘AI debt’ की कोई एक सर्वमान्य परिभाषा नहीं है। कुछ अनुमान केवल hyperscaler कंपनियों के सार्वजनिक बॉन्ड गिनते हैं, जबकि कुछ में डेटा सेंटर फाइनेंसिंग, प्राइवेट क्रेडिट, asset-backed structures, सप्लायर और AI सप्लाई चेन की अन्य कंपनियां भी शामिल होती हैं। कट-ऑफ तारीखों में अंतर भी आंकड़ों को बदल देता है।
इसी वजह से प्रकाशित आंकड़े अलग-अलग हैं। चार प्रमुख कंपनियों की 7 जुलाई तक की बॉन्ड बिक्री करीब 194 अरब डॉलर आंकी गई है। वहीं, व्यापक समूह को शामिल करने वाले कुछ बाद के अनुमान 220 अरब डॉलर से अधिक हैं।
Goldman Sachs ने 2026 में कुल AI-संबंधित कर्ज़ जारी होने का अनुमान लगभग 489 अरब डॉलर लगाया है, जिसमें करीब 40% सीधे hyperscalers द्वारा जारी किया जा सकता है।
भविष्य की कुल फंडिंग जरूरत इससे भी बड़ी हो सकती है। Morgan Stanley के अनुसार, 2028 तक डेटा सेंटर और संबंधित हार्डवेयर पर करीब 3 ट्रिलियन डॉलर खर्च हो सकता है, जिसका लगभग आधा हिस्सा बाहरी क्रेडिट बाजारों से आ सकता है। एक अन्य अनुमान 3.2 ट्रिलियन डॉलर के कुल खर्च में से करीब 1.75 ट्रिलियन डॉलर की क्रेडिट-मार्केट फंडिंग की बात करता है।
ये अनुमान हैं, अंतिम आंकड़े नहीं; इनका दायरा इस बात पर निर्भर करता है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंसिंग को कैसे परिभाषित किया जाता है।
AI कर्ज़ बाजार के अंतरराष्ट्रीय विस्तार का सबसे स्पष्ट उदाहरण Alphabet की पहली ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बॉन्ड बिक्री है। 19 अगस्त को Google की मूल कंपनी ने 3, 5, 10 और 20 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के जरिए 5.5 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुटाए। निवेशकों के ऑर्डर 18 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक रहे—यानी बिक्री की गई राशि से तीन गुने से भी ज्यादा।
20-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 6.98% रही, जो लगभग 7% है। इस सौदे को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में किसी AI hyperscaler की पहली बॉन्ड बिक्री और ऑस्ट्रेलिया में अब तक की सबसे बड़ी कॉरपोरेट बॉन्ड बिक्री बताया गया।
इस सौदे की अहमियत दो स्तरों पर है। पहली, hyperscalers केवल अमेरिकी निवेशकों पर निर्भर नहीं रहना चाहते। दूसरी, अलग-अलग मुद्राओं में बॉन्ड जारी करने से कंपनियों को नए निवेशक समूहों तक पहुंच मिलती है। हालांकि, इससे मुद्रा प्रबंधन और स्थानीय बाजार की तरलता से जुड़े अतिरिक्त जोखिम भी पैदा होते हैं।
Alphabet पहले ही यूरो, पाउंड स्टर्लिंग, स्विस फ्रैंक और जापानी येन के कॉरपोरेट बॉन्ड बाजारों में बड़ा उधारकर्ता है। Amazon ने मार्च में 14.5 अरब यूरो का आठ-हिस्सों वाला बॉन्ड सौदा किया, जिसे यूरो कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार का अब तक का सबसे बड़ा सौदा बताया गया। इस तरह कंपनियां AI विस्तार की फंडिंग को एक ही बाजार पर छोड़ने के बजाय अलग-अलग मुद्राओं और निवेशक आधारों में बांट रही हैं।
AI कंपनियों की उधारी ऐसे समय बढ़ रही है जब सरकारें भी लंबी अवधि के लिए बड़ी मात्रा में धन जुटा रही हैं। Reuters के अनुसार, AI कंपनियों और सरकारों की बढ़ती बॉन्ड बिक्री के बीच प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में वास्तविक—यानी महंगाई को घटाने के बाद की—उधारी लागत एक दशक से अधिक समय के उच्च स्तर पर पहुंच गई। अमेरिकी 30-वर्षीय real yield करीब 3% थी, जो 18 वर्षों के उच्च स्तर के आसपास है।
अमेरिकी 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड भी 5.3% से ऊपर चली गई, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके पीछे महंगाई की चिंता, राजकोषीय दबाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और 40 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंचता अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज़ जैसे कारक हैं।
इस माहौल में निवेशकों को एक ओर ज्यादा कॉरपोरेट विकल्प मिल रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर वे दशकों तक पैसा लॉक करने के लिए अधिक मुआवजा भी मांग रहे हैं। इसलिए कॉरपोरेट और सरकारी—दोनों बॉन्ड बाजारों में यील्ड बढ़ सकती है, भले ही मजबूत मांग बनी रहे।
सही निष्कर्ष यह है कि AI कर्ज़ का असर अन्य कारकों के साथ जुड़कर काम कर रहा है। यह पूंजी के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकता है और लंबी अवधि के जोखिम के बदले मांगे जाने वाले अतिरिक्त रिटर्न पर दबाव डाल सकता है। लेकिन महंगाई, सरकारी उधारी और व्यापक आर्थिक जोखिम स्वतंत्र रूप से भी ट्रेजरी यील्ड बढ़ा सकते हैं।
Hyperscaler बॉन्ड में जारीकर्ता और अवधि के आधार पर लगभग 4.75% से 8% तक की यील्ड मिल सकती है। इनमें से कई बॉन्ड investment grade हैं और लंबी अवधि वाले हैं, इसलिए नियमित आय चाहने वाले निवेशकों के लिए इनका आकर्षण समझ में आता है।
फिर भी केवल headline yield देखकर फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
अवधि जोखिम: आकर्षक यील्ड का बड़ा हिस्सा लंबी अवधि वाले बॉन्ड से आता है। बाजार यील्ड बढ़ने पर पहले से जारी बॉन्ड की कीमत तेजी से गिर सकती है। 10 या 20 साल की अवधि वाले बॉन्ड में ऊंचा कूपन, mark-to-market नुकसान का जोखिम खत्म नहीं करता।
क्रेडिट और स्प्रेड जोखिम: Alphabet, Amazon या Meta की मूल कंपनी का कर्ज़ डेटा सेंटर डेवलपर, उपकरण सप्लायर, छोटी AI कंपनी या special-purpose project vehicle के कर्ज़ जैसा नहीं होता। निवेशकों को seniority, security, guarantees, leases और structural subordination की जांच करनी चाहिए। केवल ‘AI bond’ का लेबल पर्याप्त नहीं है।
AI से होने वाली आय का जोखिम: इन परियोजनाओं से मिलने वाला दीर्घकालिक रिटर्न अभी पूरी तरह साबित नहीं हुआ है। यदि AI का व्यावसायीकरण उम्मीद से धीमा रहा, पूंजीगत खर्च लगातार बढ़ता रहा या क्लाउड और AI मार्जिन पर दबाव आया, तो कंपनी investment grade बनी रहने पर भी उसके बॉन्ड स्प्रेड बढ़ सकते हैं।
बाजार की absorption क्षमता: मजबूत order book यह सुनिश्चित नहीं करता कि भविष्य में आने वाली पूरी सप्लाई आज की कीमतों पर बिक जाएगी। Barclays के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि investment-grade बाजार सभी hyperscaler कंपनियों की अनुमानित फंडिंग जरूरतों को समाहित नहीं कर सकता। सप्लाई बढ़ने पर कंपनियों को ऊंचे कूपन देने, private credit का सहारा लेने, इक्विटी जारी करने या अधिक जटिल फाइनेंसिंग अपनाने की जरूरत पड़ सकती है।
मुद्रा और तरलता जोखिम: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, यूरो या किसी अन्य मुद्रा में जारी बॉन्ड से विनिमय दर का जोखिम पैदा होता है। मुद्रा हेज इस जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकती है, लेकिन उसकी लागत और execution risk अलग से होते हैं।
AI कर्ज़ अब वैश्विक पूंजी के लिए एक वास्तविक नई मांग है और लंबी अवधि के निवेशकों के सामने सरकारी बॉन्ड का एक मजबूत कॉरपोरेट विकल्प रखता है। लेकिन सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यह है कि AI कर्ज़ बाजार में समाहित की जाने वाली फंडिंग की मात्रा बढ़ा रहा है—और यह ऐसे समय हो रहा है जब सरकारें भी भारी उधारी कर रही हैं तथा निवेशक महंगाई और लंबी अवधि के जोखिम का दोबारा आकलन कर रहे हैं।
आय-केंद्रित पोर्टफोलियो में hyperscaler बॉन्ड को ट्रेजरी का सीधा विकल्प नहीं, बल्कि विविधीकृत क्रेडिट आवंटन मानना बेहतर है। निवेशकों को यील्ड के साथ अवधि, जारीकर्ता की बैलेंस शीट, कर्ज़ की seniority, परिपक्वता का वितरण और मुद्रा जोखिम देखना चाहिए। 8% के करीब मिलने वाली सबसे ऊंची यील्ड के पीछे छिपे प्रोजेक्ट, लीवरेज, तरलता और संरचनात्मक जोखिमों को समझे बिना केवल अधिक आय के लिए निवेश करना सावधानीपूर्ण रणनीति नहीं होगी।
Studio Global AI
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Morgan Stanley के अनुमान के अनुसार, 2026 में AI से जुड़ा वैश्विक कर्ज़ करीब 570 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। Alphabet, Amazon, Meta और Oracle ने 7 जुलाई तक लगभग 194 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी कर दिए थे। [3][36]
Morgan Stanley के अनुमान के अनुसार, 2026 में AI से जुड़ा वैश्विक कर्ज़ करीब 570 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। Alphabet, Amazon, Meta और Oracle ने 7 जुलाई तक लगभग 194 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी कर दिए थे। [3][36] Alphabet की पहली ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ‘Kangaroo bond’ बिक्री में 5.5 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुटाए गए और 18 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक के ऑर्डर मिले। 20 वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 6.98% रही। [18][19]
Hyperscaler बॉन्ड की यील्ड जारीकर्ता और अवधि के आधार पर लगभग 4.75% से 8% तक हो सकती है, लेकिन इनमें अवधि, क्रेडिट, मुद्रा, ढांचे और AI से होने वाली भविष्य की आय से जुड़े जोखिम भी हैं। [40]