वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल 1990 के 4.09 करोड़ से बढ़कर 2023 में 12.21 करोड़ हो गया; इस वृद्धि में महिलाओं की बड़ी भूमिका रही, लेकिन नेतृत्व और बेहतर वेतन वाले पदों में असमानता कायम है। दक्षिण एशिया में कुल कमी सबसे बड़ी है—लगभग 1.36 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों की—जबकि उप सहारा अफ्रीका में लगभग सभी प्रमुख स्वास्थ्य पेशेवर...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has the global health workforce changed from 1990 to 2023—particularly through women’s contribution and their concentration in lower-pai. Article summary: The global health workforce nearly tripled from 40.9 million in 1990 to 122.1 million in 2023, but growth did not produce an equitable or sufficiently large workforce for universal health coverage (UHC). Women drove most. Topic tags: general, government, education, academic, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
1990 से 2023 के बीच दुनिया का स्वास्थ्य कार्यबल लगभग तीन गुना बढ़ा—4.09 करोड़ से बढ़कर 12.21 करोड़। इस विस्तार में महिलाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा और 2023 में वे स्वास्थ्य कार्यबल का 68.9% थीं। लेकिन यह वृद्धि समान नहीं थी। महिलाएं नर्सिंग, दाई का काम और अन्य देखभाल-आधारित भूमिकाओं में बड़ी संख्या में हैं, जिनमें आम तौर पर वेतन, सामाजिक प्रतिष्ठा और नेतृत्व के अवसर डॉक्टरों या वरिष्ठ निर्णयकारी पदों की तुलना में कम होते हैं।
इसी बीच, कई क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त कर्मचारी अब भी नहीं हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (GBD) 2023 पर आधारित एक नए विश्लेषण के अनुसार, दुनिया को मध्यम स्तर की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) हासिल करने के लिए 3.44 करोड़ अतिरिक्त डॉक्टर, नर्स, दाई, दंत चिकित्सक और फार्मासिस्ट चाहिए। इस विश्लेषण में मध्यम UHC का अर्थ 100 में कम-से-कम 80 के प्रभावी-कवरेज स्कोर से है।
20 स्वास्थ्यकर्मी श्रेणियों में अनुमानित वैश्विक कार्यबल 1990 से 2023 के बीच 8.12 करोड़ बढ़ा। 2023 में इसमें लगभग शामिल थे:
महिलाओं की भागीदारी इस वृद्धि की धुरी रही। फिर भी संख्या में बढ़ोतरी का अर्थ स्वास्थ्य व्यवस्था में समान प्रभाव या अधिकार नहीं रहा। उपलब्ध अनुमानों में महिलाएं नर्सों, दाइयों और सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों में बहुमत में थीं, जबकि डॉक्टरों में उनकी हिस्सेदारी आधे से कम थी। उदाहरण के लिए, महिलाओं की हिस्सेदारी नर्सों में 80.7%, दाइयों में 96.0% और सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों में 89.5% बताई गई, जबकि डॉक्टरों में यह 43.9% थी।
यह अंतर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम के लैंगिक बंटवारे को दिखाता है: महिलाएं जरूरी फ्रंटलाइन और देखभाल संबंधी काम का बड़ा हिस्सा करती हैं, लेकिन अधिक वेतन, अधिकार और निर्णय लेने की शक्ति वाली भूमिकाओं में कम दिखाई देती हैं। इसलिए केवल कर्मचारियों की कुल संख्या गिनना पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना होगा कि काम कौन कर रहा है, उस काम का मूल्यांकन कैसे होता है और स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़ी नीतियों पर नियंत्रण किसका है।
इस अध्ययन में कमी का अर्थ केवल खाली पदों की संख्या नहीं है। शोधकर्ताओं ने उन देशों में स्वास्थ्यकर्मियों की न्यूनतम देखी गई संख्या को संदर्भ बनाया, जिन्होंने 80 या उससे अधिक का UHC प्रभावी-कवरेज स्कोर हासिल किया था। इसके आधार पर अलग-अलग पेशों की जरूरत का अनुमान लगाया गया। ये सेवा-कवरेज से जुड़े अनुभवजन्य मानक हैं, हर देश के लिए लागू कोई स्थायी वैश्विक स्टाफिंग नियम नहीं।
| पेशा | अनुमानित अतिरिक्त जरूरत |
|---|---|
| डॉक्टर | 71 लाख |
| नर्स और दाई | 2.39 करोड़ |
| दंत चिकित्सक | 18 लाख |
| फार्मासिस्ट | 16 लाख |
| कुल | 3.44 करोड़ |
सबसे बड़ी कमी नर्सों और दाइयों की है—2.39 करोड़। यह डॉक्टरों की अनुमानित कमी से तीन गुना से भी अधिक है। इसका सीधा मतलब है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की योजना केवल अधिक डॉक्टर तैयार करने तक सीमित नहीं रह सकती। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, नर्सिंग, दाई सेवाएं, दंत स्वास्थ्य, फार्मेसी और समुदाय-आधारित देखभाल—सभी प्रभावी स्वास्थ्य कवरेज के लिए जरूरी हैं।
2019 के आंकड़ों पर आधारित पहले के GBD विश्लेषण में 80 के UHC प्रभावी-कवरेज स्कोर के लिए प्रति 10,000 आबादी कम-से-कम निम्न घनत्व का अनुमान लगाया गया था:
नए विश्लेषण में अलग-अलग देखे गए न्यूनतम स्तर सामने आए—लगभग 23.8 डॉक्टर, 64.5 नर्स और दाई, 5.2 दंत चिकित्सक तथा 5.6 फार्मासिस्ट प्रति 10,000 आबादी।
इन्हें विरोधाभासी आंकड़े या एक ही स्थायी वैश्विक मानक नहीं समझना चाहिए। दोनों अध्ययनों में आंकड़ों के वर्ष, डेटा कवरेज और अनुमान लगाने की पद्धति अलग है। नया विश्लेषण उन देशों में देखे गए स्वास्थ्यकर्मी घनत्व पर आधारित है, जिन्होंने UHC का निर्धारित स्तर हासिल किया, जबकि पुराना अध्ययन अपनी मॉडलिंग पद्धति से न्यूनतम मानक तैयार करता था। देश के प्रदर्शन, उपलब्ध डेटा और पद्धति में बदलाव से मानक और अनुमानित कमी दोनों बदल सकते हैं।
पांच प्रमुख पेशेवर समूहों को मिलाकर दक्षिण एशिया में अनुमानित कमी लगभग 1.36 करोड़ है। क्षेत्रीय आंकड़ों में करीब 26 लाख डॉक्टर, 1 करोड़ नर्स और दाई, 7 लाख दंत चिकित्सक तथा 3 लाख फार्मासिस्ट की कमी बताई गई है।
दक्षिण एशिया की बड़ी आबादी इस क्षेत्र की कुल कमी को बढ़ाने वाला प्रमुख कारण है। लेकिन चुनौती केवल संख्या की नहीं है। स्वास्थ्यकर्मियों को ग्रामीण, गरीब और कम सेवा वाले इलाकों तक पहुंचाना तथा उन्हें वहां बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
उप-सहारा अफ्रीका की स्थिति अलग, लेकिन उतनी ही गंभीर है। 2023 में सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों में इस क्षेत्र का स्वास्थ्यकर्मी घनत्व सबसे कम था। इसके विपरीत, उच्च-आय वाले देशों में घनत्व सबसे अधिक रहा।
इससे स्पष्ट होता है कि एक वैश्विक संख्या पूरी तस्वीर नहीं बताती। दक्षिण एशिया में आबादी के आकार के कारण कुल जरूरत सबसे अधिक है, जबकि उप-सहारा अफ्रीका में आबादी और स्वास्थ्य जरूरतों के अनुपात में उपलब्धता बेहद कम है। दोनों क्षेत्रों को अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत है, लेकिन समाधान स्थानीय जनसंख्या वृद्धि, बीमारी के बोझ, प्रशिक्षण क्षमता और कर्मचारियों को रोक पाने की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग होना चाहिए।
3.44 करोड़ का अनुमान WHO द्वारा प्रकाशित हर स्वास्थ्यकर्मी-कमी के आंकड़े से सीधे तुलना योग्य नहीं है। WHO के अनुमान अलग वर्षों, पेशेवर श्रेणियों, जरूरत की परिभाषाओं और योजना की समय-सीमा पर आधारित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, WHO के एक सारांश में जरूरत-आधारित वैश्विक कमी 2013 में 2 करोड़, 2020 में 1.5 करोड़ और 2030 तक अनुमानित 1 करोड़ बताई गई थी।
GBD का अनुमान अलग सवाल का जवाब देता है: 80 के UHC प्रभावी-कवरेज स्कोर तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों, नर्सों, दाइयों, दंत चिकित्सकों और फार्मासिस्टों की कितनी जरूरत होगी, यदि उन देशों के स्वास्थ्यकर्मी घनत्व को मानक माना जाए जो यह स्कोर हासिल कर चुके हैं।
इसलिए GBD का अधिक बड़ा अनुमान अपने-आप में WHO के कम आंकड़े को गलत साबित नहीं करता। दोनों आंकड़ों की तुलना तभी सार्थक होगी, जब लक्ष्य, पेशों की सूची, संदर्भ वर्ष और कमी की परिभाषा समान हो।
प्रशिक्षण और नियुक्तियां जरूरी हैं, लेकिन काम की परिस्थितियां सुधारे बिना अधिक कर्मचारियों को जोड़ने से पलायन, जल्दी नौकरी छोड़ना और ग्रामीण या कम सेवा वाले इलाकों में खाली पद जैसी समस्याएं बनी रह सकती हैं। टिकाऊ स्वास्थ्यकर्मी नीति को पूरे रोजगार-चक्र पर ध्यान देना होगा:
मुख्य संदेश एक विरोधाभास की ओर इशारा करता है: 1990 के बाद दुनिया ने 8 करोड़ से अधिक स्वास्थ्यकर्मी जोड़े, जिनमें महिलाओं का योगदान निर्णायक था। फिर भी कई स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मध्यम स्तर की UHC से जुड़े कार्यबल स्तर से काफी पीछे हैं। इस अंतर को भरने के लिए केवल नई भर्ती पर्याप्त नहीं होगी। पहले से किए जा रहे काम का उचित मूल्यांकन, स्वास्थ्यकर्मियों का न्यायसंगत वितरण और उन्हें टिके रहने तथा नेतृत्व करने में सक्षम बनाने वाली संस्थागत सुधार—तीनों जरूरी हैं।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल 1990 के 4.09 करोड़ से बढ़कर 2023 में 12.21 करोड़ हो गया; इस वृद्धि में महिलाओं की बड़ी भूमिका रही, लेकिन नेतृत्व और बेहतर वेतन वाले पदों में असमानता कायम है।
वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल 1990 के 4.09 करोड़ से बढ़कर 2023 में 12.21 करोड़ हो गया; इस वृद्धि में महिलाओं की बड़ी भूमिका रही, लेकिन नेतृत्व और बेहतर वेतन वाले पदों में असमानता कायम है। दक्षिण एशिया में कुल कमी सबसे बड़ी है—लगभग 1.36 करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों की—जबकि उप सहारा अफ्रीका में लगभग सभी प्रमुख स्वास्थ्य पेशेवर श्रेणियों की जनसंख्या के अनुपात में उपलब्धता सबसे कम है।
3.44 करोड़ का आंकड़ा 80 या उससे अधिक के UHC प्रभावी कवरेज स्कोर से जुड़ा मॉडल आधारित अनुमान है; इसलिए इसकी सीधे तुलना WHO के अलग परिभाषाओं और समय सीमाओं वाले आंकड़ों से नहीं की जा सकती।