Morgan Stanley के अनुसार, 31 मई 2026 तक AI से जुड़ा वैश्विक कर्ज़ लगभग 236 अरब डॉलर पहुंच गया था—एक साल पहले की समान अवधि से करीब चार गुना। Goldman Sachs ने 22 जुलाई तक यह आंकड़ा लगभग 489 अरब डॉलर आंका। [1][4][6] Amazon, Alphabet, Meta, Microsoft और Oracle AI डेटा सेंटर, चिप्स, नेटवर्किंग, बिजली और कूलिंग सिस्टम के...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has the AI industry’s unprecedented borrowing—reaching approximately $236 billion in AI-related debt issuance by late May 2026, four tim. Article summary: AI infrastructure is shifting from a cash-funded technology buildout to a major credit-market event. The immediate effect has been heavier investment-grade bond supply, weaker demand metrics for some deals, and higher re. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
AI अब सिर्फ तकनीक की कहानी नहीं रह गया है—यह क्रेडिट बाज़ार की भी बड़ी कहानी बन चुका है। Morgan Stanley के अनुमान के मुताबिक, 31 मई 2026 तक वैश्विक AI-संबंधित कर्ज़ जारी करना लगभग 236 अरब डॉलर पहुंच गया था, जो एक साल पहले की समान अवधि का करीब चार गुना है। बैंक ने पूरे 2026 के लिए यह आंकड़ा लगभग 570 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया। Goldman Sachs ने बाद में 22 जुलाई तक AI-संबंधित कर्ज़ जारी होने का आंकड़ा लगभग 489 अरब डॉलर बताया, जो 2025 में पूरे साल जुटाई गई राशि के उसके अनुमान से भी अधिक है।
इन दोनों आंकड़ों में विरोधाभास नहीं है। इनके कटऑफ और अनुमान अलग-अलग हैं। साथ मिलाकर देखें तो तस्वीर साफ है: डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता, बिजली व्यवस्था और उससे जुड़े ढांचे के लिए फंडिंग बहुत तेज़ी से सार्वजनिक और निजी क्रेडिट बाज़ारों में पहुंच रही है।
इस लहर के प्रमुख कॉरपोरेट उधारकर्ता Amazon, Alphabet, Meta, Microsoft और Oracle हैं। Reuters के LSEG डेटा विश्लेषण के अनुसार, Amazon, Alphabet, Meta और Oracle ने 7 जुलाई तक 2026 में लगभग 194 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी किए थे। यह 2025 के पूरे वर्ष में जारी लगभग 108 अरब डॉलर से काफी अधिक है।
एक अन्य जारीकर्ता-स्तरीय अनुमान के अनुसार:
इन आंकड़ों को अंतिम और पूरी तरह तुलनीय रैंकिंग नहीं मानना चाहिए। अलग-अलग डेटासेट में बॉन्ड बिक्री, लीज़, निजी क्रेडिट, संयुक्त उपक्रम और प्रोजेक्ट-फाइनेंस वाहनों को अलग तरह से गिना जा सकता है। इसलिए ये आंकड़े संबंधित समय-बिंदु की तस्वीर भर हैं।
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये कंपनियां परंपरागत रूप से अपने परिचालन से पैदा होने वाली नकदी पर काफी निर्भर रहती थीं। लेकिन AI इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एक साथ कई महंगे निवेश करने पड़ रहे हैं—उन्नत प्रोसेसर, नेटवर्किंग उपकरण, जमीन, डेटा सेंटर की इमारतें, कूलिंग सिस्टम और बिजली की आपूर्ति।
खर्च पहले करना पड़ता है, जबकि AI सेवाओं से मिलने वाला पूरा राजस्व अभी निश्चित नहीं है। Reuters के अनुसार, 2026 में टेक कंपनियों का संयुक्त खर्च 730 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है, जबकि पहले इसका अनुमान करीब 700 अरब डॉलर था।
कर्ज़ कंपनियों को भविष्य के राजस्व का इंतज़ार किए बिना निर्माण शुरू करने और कंप्यूटिंग क्षमता सुरक्षित करने देता है। लीज़, इक्विटी, निजी क्रेडिट, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और संयुक्त उपक्रम इस फंडिंग पूल को और बड़ा बनाते हैं। लेकिन इसकी कीमत भी है: परियोजनाओं का अधिक जोखिम कंपनी की नकदी से हटकर बॉन्डधारकों, ऋणदाताओं और प्रोजेक्ट निवेशकों पर चला जाता है।
सबसे तात्कालिक असर लंबे समय वाले निवेश-ग्रेड बॉन्ड की आपूर्ति में तेज़ बढ़ोतरी है। जब टेक कंपनियां लगातार नए बॉन्ड जारी करती हैं, तो निवेशक यह तय करने में अधिक सावधानी बरतते हैं कि कितना कर्ज़ खरीदना है और उसके लिए कितनी ब्याज दर चाहिए। Reuters ने बताया कि मांग कमजोर पड़ने के साथ बड़े जारीकर्ता लगातार ऊंची यील्ड पर कर्ज़ ले रहे थे।
इसका असर हाइपरस्केलर कंपनियों से बाहर भी जा सकता है। समान अवधि वाले बॉन्ड खरीदने वाले निवेशकों के लिए अन्य कॉरपोरेट उधारकर्ता भी प्रतिस्पर्धा करते हैं। AI-संबंधित कर्ज़ की बड़ी आपूर्ति से निम्नलिखित दबाव बढ़ सकता है:
ट्रेजरी बाज़ार पर असर अधिक अप्रत्यक्ष है। भारी कॉरपोरेट बॉन्ड बिक्री लंबे समय वाली पूंजी के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकती है और लंबी अवधि की यील्ड पर दबाव डाल सकती है। लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड मुख्य रूप से आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई की उम्मीदों, मौद्रिक नीति और सरकारी बॉन्ड की आपूर्ति से तय होती है। इसलिए AI उधारी ट्रेजरी बाज़ार में अवधि-आधारित मांग का एक अतिरिक्त स्रोत है, अकेली वजह नहीं।
Bank for International Settlements ने भी कहा है कि हाइपरस्केलर बॉन्ड जारी करने में तेज़ बढ़ोतरी हुई है और इसका बड़ा हिस्सा लंबी अवधि का है। साथ ही, कम रेटिंग वाले जारीकर्ताओं के क्रेडिट-डिफॉल्ट-स्वैप स्प्रेड बढ़े हैं, क्योंकि निवेशक इन परियोजनाओं से मिलने वाले अंतिम रिटर्न को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
NVIDIA ने Apollo, BlackRock, Blackstone, Brookfield, Goldman Sachs और KKR के साथ अगस्त में जिन साझेदारियों की घोषणा की, उनका लक्ष्य समय के साथ 500 अरब डॉलर से अधिक की थर्ड-पार्टी पूंजी जुटाने में सक्षम स्वतंत्र कंप्यूट-फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म बनाना है।
यह मॉडल केवल NVIDIA या किसी हाइपरस्केलर द्वारा एक और कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने से अलग है। इसके तहत बाहरी निवेशक समर्पित पूंजी पूलों के जरिए डेटा सेंटर, बिजली ढांचे, AI फैक्ट्री और NVIDIA हार्डवेयर को फंड कर सकेंगे। कंपनी इस पहल को कंप्यूट और फुल-स्टैक AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को निवेश योग्य एसेट क्लास बनाने के प्रयास के रूप में पेश कर रही है।
अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो AI इन्फ्रास्ट्रक्चर की पूरी लागत सीधे हाइपरस्केलर कंपनियों की बैलेंस शीट पर रखने की जरूरत घट सकती है। इससे निजी इक्विटी, निजी क्रेडिट, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और प्रोजेक्ट-फाइनेंस निवेशक AI परियोजनाओं से जुड़ सकेंगे।
हालांकि, परिसंपत्तियों को मूल कंपनी से बाहर ले जाने से जोखिम खत्म नहीं होता। सिर्फ यह बदलता है कि संपत्ति का मालिक कौन है, उसके बदले कर्ज़ कौन दे रहा है और उपयोग या राजस्व उम्मीद से कम रहने पर नुकसान कौन उठाएगा।
अमेरिकी ट्रेजरी की लंबी अवधि की यील्ड बढ़ने से कॉरपोरेट बॉन्ड, लीज़ और प्रोजेक्ट कर्ज़ की कुल लागत बढ़ती है। इससे भविष्य में मिलने वाले AI नकदी प्रवाह का वर्तमान मूल्य भी घटता है। सस्ती फंडिंग के दौर में आकर्षक दिखने वाला बिजनेस मॉडल ऊंची ब्याज लागत के दौर में कम प्रभावशाली हो सकता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर का वित्तपोषण अक्सर किसी सुविधा के पूरी क्षमता से चलने से कई साल पहले तय हो जाता है। ऐसे में कर्ज़ चुकाने की समय-सारणी निश्चित रहती है, जबकि कंप्यूटिंग मांग और AI उत्पादों से राजस्व धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
मुख्य सवाल यह नहीं है कि हाइपरस्केलर कंपनियां आगे भी कर्ज़ ले सकती हैं या नहीं। इनमें से कई के पास अभी भी मजबूत वित्तीय क्षमता है। असली सवाल यह है कि क्या कुल उधारी टिकाऊ AI मांग और नकदी निर्माण से तेज़ी से बढ़ रही है।
Oracle पर खास नज़र है क्योंकि वह आक्रामक AI विस्तार को फंड कर रही है और बड़े नकदी-समृद्ध प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लेवरेज तथा पुनर्वित्त स्थितियों के प्रति अधिक संवेदनशील है। रिपोर्टों में Oracle के क्रेडिट-डिफॉल्ट-स्वैप स्प्रेड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी बताई गई है, हालांकि अलग-अलग स्रोतों और तारीखों के अनुसार सटीक स्तर अलग हैं।
CDS स्प्रेड बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी के डिफॉल्ट का खतरा तुरंत सामने है। इसका अर्थ है कि उसके कर्ज़ का बीमा महंगा हुआ है और निवेशक महसूस किए जा रहे क्रेडिट जोखिम के बदले अधिक मुआवजा मांग रहे हैं।
AI हार्डवेयर की आर्थिक उपयोगिता उन बॉन्ड या इंफ्रास्ट्रक्चर कर्ज़ की परिपक्वता से कहीं तेज़ी से घट सकती है, जिनसे उसे खरीदा गया है। अगर नई पीढ़ी के प्रोसेसर पुराने GPU को कम प्रतिस्पर्धी बना देते हैं या उनका इस्तेमाल घट जाता है, तो कर्ज़ बाकी रहते हुए गिरवी रखी संपत्ति का मूल्य कम हो सकता है।
यह सामान्य रियल एस्टेट फाइनेंसिंग से अलग जोखिम है। डेटा सेंटर की इमारत वर्षों तक उपयोगी रह सकती है, लेकिन उसके अंदर लगे कंप्यूटिंग उपकरण तेजी से तकनीकी रूप से अप्रचलित हो सकते हैं।
डेटा सेंटर और प्रोजेक्ट-फाइनेंस ढांचे सीमित संख्या में हाइपरस्केलर किरायेदारों पर निर्भर हो सकते हैं। किसी बड़े ग्राहक द्वारा खर्च घटाने, अनुबंध पर फिर से बातचीत करने या क्लाउड मांग में कमजोरी आने से कई परियोजनाएं एक साथ प्रभावित हो सकती हैं—खासकर वे सुविधाएं जो विशेष AI वर्कलोड के लिए बनाई गई हों।
बड़ी टेक कंपनियां निवेश-ग्रेड रेटिंग खोए बिना काफी अतिरिक्त कर्ज़ ले सकती हैं। लेकिन बॉन्ड बाज़ार की यह क्षमता असीमित नहीं है कि वह इतनी बड़ी आपूर्ति को हमेशा अनुकूल कीमतों पर सोख सके। Goldman Sachs के शोध के अनुसार, हाइपरस्केलर कंपनियां जितना कर्ज़ ले सकती हैं और डॉलर निवेश-ग्रेड बाज़ार जितना आराम से absorb कर सकता है, उनके बीच बड़ा अंतर हो सकता है।
यही वजह है कि कंपनियां यूरो और अन्य विदेशी-मुद्रा बॉन्ड, निजी निवेश-ग्रेड क्रेडिट, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, लीज़ और संयुक्त-उपक्रम प्रोजेक्ट बॉन्ड जैसे रास्तों का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। ये माध्यम फंडिंग को विविध बनाते हैं, लेकिन पूरे AI इकोसिस्टम में वास्तविक लेवरेज का आकलन कठिन भी कर सकते हैं।
AI उधारी ने इस निर्माण अभियान के वित्तपोषण का मॉडल बदल दिया है। जो विस्तार पहले काफी हद तक कॉरपोरेट नकदी से चलता था, वह अब सार्वजनिक बॉन्ड, निजी क्रेडिट, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, लीज़ और प्रोजेक्ट फाइनेंस को जोड़ने वाला व्यापक कैपिटल-मार्केट चक्र बन रहा है।
निकट अवधि में सबसे बड़ा असर निवेश-ग्रेड बॉन्ड की भारी आपूर्ति और निवेशकों की बढ़ती चयनात्मकता के रूप में दिख रहा है। लंबी अवधि का जोखिम एसेट-लायबिलिटी मिसमैच है: आज इन्फ्रास्ट्रक्चर और हार्डवेयर के लिए लिया गया कर्ज़ उस AI मांग और राजस्व पर निर्भर है जो बाद में आ सकता है—या उम्मीद के स्तर तक पहुंच ही न पाए।
फैसला इस बात से होगा कि यह विस्तार उत्पादक इन्फ्रास्ट्रक्चर चक्र बनता है या लेवरेज चक्र। उधारी तब टिकाऊ है जब उपयोग, कीमत और AI सेवाओं का राजस्व हार्डवेयर के मूल्यह्रास और कर्ज़-सेवा लागत के दबाव में आने से पहले बढ़ जाए। जोखिम तब बढ़ता है जब क्षमता का निर्माण टिकाऊ मांग से तेज़ हो।
Studio Global AI
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Morgan Stanley के अनुसार, 31 मई 2026 तक AI से जुड़ा वैश्विक कर्ज़ लगभग 236 अरब डॉलर पहुंच गया था—एक साल पहले की समान अवधि से करीब चार गुना। Goldman Sachs ने 22 जुलाई तक यह आंकड़ा लगभग 489 अरब डॉलर आंका। [1][4][6]
Morgan Stanley के अनुसार, 31 मई 2026 तक AI से जुड़ा वैश्विक कर्ज़ लगभग 236 अरब डॉलर पहुंच गया था—एक साल पहले की समान अवधि से करीब चार गुना। Goldman Sachs ने 22 जुलाई तक यह आंकड़ा लगभग 489 अरब डॉलर आंका। [1][4][6] Amazon, Alphabet, Meta, Microsoft और Oracle AI डेटा सेंटर, चिप्स, नेटवर्किंग, बिजली और कूलिंग सिस्टम के लिए उधारी बढ़ा रहे हैं।
NVIDIA और Apollo, BlackRock, Blackstone, Brookfield, Goldman Sachs तथा KKR की साझेदारी का लक्ष्य समय के साथ AI इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 500 अरब डॉलर से अधिक की थर्ड पार्टी पूंजी जुटाना है। [17][28]