इसका मतलब यह नहीं था कि टीम ने कुछ सीखा ही नहीं। Road & Track ने Miami preview में लिखा कि बिल्कुल नई F1 टीम बनाने की चुनौती को देखते हुए Cadillac की मुश्किल शुरुआत अपेक्षित थी, लेकिन पहले तीन race weekends में प्रगति भी दिखी और China में पेरेज़ व Bottas दोनों chequered flag तक पहुंचे।
अप्रैल की शुरुआत तक पेरेज़ का आकलन और स्पष्ट हो चुका था: आगे की कारों को चुनौती देने के लिए Cadillac को लगभग एक सेकंड प्रति लैप ढूंढना होगा, और उम्मीद Miami upgrade package पर टिक रही थी। यानी पेरेज़ की लाइन लगातार एक जैसी रही है—प्रोजेक्ट असली है, गैप भी असली है, और सुधार तेजी से जारी रहना चाहिए।
Cadillac के लिए इस समय Aston Martin सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि measuring stick है। RACER के अनुसार पेरेज़ का मानना है कि Cadillac शुरुआती रेसों में मजबूती से develop कर रही है, लेकिन Aston Martin से लड़ाई में बने रहने के लिए सुधार की रफ्तार बनाए रखना जरूरी है।
Alonso के साथ लड़ाई ने grid के पीछे वाले हिस्से को एक साफ मानवीय benchmark भी दे दिया है। पेरेज़ ने कहा कि Fernando Alonso से लड़ना मजेदार है, वे aggressive हैं लेकिन fair हैं; साथ ही उन्होंने माना कि Cadillac में थोड़ी performance की कमी थी और कार टायरों को जरूरत से ज्यादा degrade कर रही थी।
Read Motorsport ने अलग से रिपोर्ट किया कि पेरेज़ ने उम्मीद जताई कि Aston Martin बहुत जल्दी improve न करे, क्योंकि Miami sprint और grand prix दोनों में Alonso उनसे एक स्थान आगे रहे। इसलिए Aston Martin की दूरी Cadillac के लिए अहम है: अगर Cadillac Alonso और Stroll के आसपास बनी रहती है, तो upgrades का असर दिख रहा है; अगर Aston Martin दूर निकलती है, तो Cadillac फिर अकेली पिछली कतार में फंस सकती है।
Miami के बाद Cadillac की सबसे साफ तकनीकी चिंता टायर degradation रही। आसान भाषा में कहें तो degradation का मतलब है कि टायर grip खोने लगते हैं, pace गिरता है और ड्राइवर defend करते-करते vulnerable हो जाता है। Pit Debrief ने पेरेज़ की P16 रेस को rear tyres के खिलाफ हारती लड़ाई बताया, जहां track evolve होने के साथ mechanical grip की कमी ने कार को और कमजोर किया।
RacingNews365 के अनुसार Cadillac Miami में अपना पहला बड़ा upgrade लेकर आई थी, और पेरेज़ ने MAC-26 के टायर इस्तेमाल करने के तरीके को सुधार का बड़ा क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि कार टायरों को बहुत ज्यादा degrade कर रही थी और hindsight में वे hard compound की जगह soft compound पसंद करते।
NewsGP ने भी tire degradation को Cadillac की सबसे बड़ी short-term challenge बताया, जबकि टीम updated MAC-26 से performance निकालने की प्रक्रिया समझने की कोशिश कर रही है। इसलिए Miami सिर्फ निराशाजनक P16 नहीं था; उसने दिखा दिया कि Cadillac की समस्या केवल pace ढूंढने की नहीं, बल्कि उस pace को stint के अंत तक जिंदा रखने की भी है।
Canadian Grand Prix इसलिए अहम है क्योंकि टायर वाला सवाल Cadillac के साथ Montreal भी जाएगा। Pirelli allocation पर आई रिपोर्टों के अनुसार Miami और Montreal दोनों के लिए वही सबसे soft trio चुना गया है: C3 को hard, C4 को medium और C5 को soft compound के रूप में nominate किया गया है।
उपलब्ध स्रोतों में Cadillac के लिए कोई confirmed Canada-specific upgrade नहीं बताया गया है। इसलिए तैयारी का supported angle ज्यादा व्यावहारिक है: Miami से मिली सीख को बेहतर tire management, बड़े setup window और ज्यादा sharp compound choices में बदलना।
सिर्फ compound समान होने से Montreal, Miami की copy नहीं बन जाता। फिर भी पेरेज़ की warning सीधे Canada तक जाती है—अगर Cadillac soft-end tyre range को संभाल नहीं पाई, तो race pace फिर अंक की उम्मीद से ज्यादा बड़ा मुद्दा बन जाएगा।
पेरेज़ के लिए यह comeback अलग तरह का है। F1 की मौजूदा profile में उनके नाम 305 Grand Prix entries, 1,638 career points, 6 wins और 45 podiums दर्ज हैं। इसका मतलब Cadillac के पास सिर्फ एक driver नहीं, बल्कि ऐसा अनुभवी reference point है जो कार की दिशा और weakness को पढ़ सकता है।
शुरुआती सबूत भी यही बताते हैं। Australia के बाद उन्होंने बड़े steps की मांग की, Aston Martin के development pace को benchmark बनाया और Miami के बाद tire degradation को short-term कमजोरी के रूप में चिन्हित किया। PlanetF1 ने अप्रैल में रिपोर्ट किया था कि पेरेज़ 2026 summer break तक Cadillac के पहले points finishes को लक्ष्य बना रहे थे, जिससे शुरुआती रेसें instant-results campaign के बजाय build phase जैसी दिखती हैं।
इसलिए Red Bull के बाद यह अध्याय तुरंत redemption की कहानी कम और development leadership की परीक्षा ज्यादा है। सवाल यह है कि क्या पेरेज़ अपने अनुभव को Cadillac जैसे नए constructor के लिए सही तकनीकी दिशा में बदल सकते हैं।
पेरेज़ का Cadillac की scoreless start पर नजरिया यथार्थवादी है, निराशावादी नहीं। टीम चार ग्रां प्री के बाद 0 अंक पर है और Miami की P16 ने दिखा दिया कि tire degradation और race pace अभी भी सीमा तय कर रहे हैं।
लेकिन Australia की शुरुआती स्थिति से तुलना करें तो पेरेज़ जिस कहानी पर जोर दे रहे हैं, वह measurable development की है: Aston Martin को पहुंच में रखो, upgraded car को टायरों के लिए ज्यादा नरम बनाओ, और Canada को अगला proof point बनाओ। अभी Cadillac का खाता नहीं खुला है, लेकिन पेरेज़ के verdict में उम्मीद की जगह बनी हुई है—बशर्ते सीख अब जल्दी performance में बदले।
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