रूस का राजकोषीय संकट: पाँच महीनों में ही घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल पार, वार्षिक लक्ष्य बुरी तरह ध्वस्त
रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है। रूस के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच, राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) का लिक्विड हिस्सा घटकर 3.62 ट्रिलियन रूबल रह गया है। गज़प्...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Pro से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है।
रूस के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच, राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) का लिक्विड हिस्सा घटकर 3.62 ट्रिलियन रूबल रह गया है। गज़प्रॉमबैंक के अनुसार, यह वर्तमान तेल कीमतों पर 1 से 1.3 वर्षों के भीतर पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि साल के अंत तक वास्तविक घाटा 2.5% से 4% के बीच रहेगा, क्योंकि फंड खर्च करने, कर बढ़ाने, या गैर रक्षा खर्चों में कटौती जैसे सभी नीतिगत विकल्प गंभीर जोखिमों से भरे हुए हैं।
How has Russia’s federal budget deficit evolved in the first five months of 2026 compared with 2025 and the government’s full-year target, aRussia's federal budget deficit has accelerated in 2026, fueled by rising military spending and collapsing oil and gas revenues.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has Russia’s federal budget deficit evolved in the first five months of 2026 compared with 2025 and the government’s full-year target, a. Article summary: ## Deficit trajectory: Jan–May 2026 vs. 2025 and the full-year target. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The Kremlin sounded the alarm on its deteriorating finances earlier this year, just as its war on Ukraine pivoted dramatically against Russian forces. According to a letter seen by" source context "Russia warns war costs are ravaging its finances as Ukrainian 'drone overmatch' halts Putin's forces | Fortune" Reference image 2: visual subject "The Kremlin sounded the alarm on its deteriorating finances earlier this year, just as its war on Ukraine pivoted dramat
openai.com
रूस का संघीय बजट एक भीषण राजकोषीय तूफान की चपेट में है। सैन्य खर्च में अप्रत्याशित वृद्धि और ऊर्जा राजस्व में नाटकीय गिरावट ने 2026 के पहले पाँच महीनों में ही देश के घाटे को सरकार के पूरे साल के लक्ष्य से कहीं अधिक बढ़ा दिया है। यह बढ़ता हुआ अंतर अब तेज़ी से देश के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच — राष्ट्रीय संपदा कोष (National Wealth Fund) — को खाली कर रहा है, जिससे क्रेमलिन के लिए नीतियों के विकल्प लगातार सीमित और दर्दनाक होते जा रहे हैं।
घाटे की रफ़्तार: पाँच महीनों में पूरा सालाना लक्ष्य ध्वस्त
2026 के शुरुआती घाटे के आंकड़े तेज़ और लगातार राजकोषीय गिरावट की कहानी बयाँ करते हैं। वित्त मंत्रालय के 5 जून के बयान के अनुसार, जनवरी-मई 2026 में संघीय बजट का घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% तक पहुँच गया । यह आँकड़ा 2025 की समान अवधि में दर्ज लगभग 3.4 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.5%) के घाटे से लगभग 98.1 ट्रिलियन रूबल अधिक है ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"रूस का राजकोषीय संकट: पाँच महीनों में ही घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल पार, वार्षिक लक्ष्य बुरी तरह ध्वस्त" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है। रूस के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच, राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) का लिक्विड हिस्सा घटकर 3.62 ट्रिलियन रूबल रह गया है। गज़प्रॉमबैंक के अनुसार, यह वर्तमान तेल कीमतों पर 1 से 1.3 वर्षों के भीतर पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि साल के अंत तक वास्तविक घाटा 2.5% से 4% के बीच रहेगा, क्योंकि फंड खर्च करने, कर बढ़ाने, या गैर रक्षा खर्चों में कटौती जैसे सभी नीतिगत विकल्प गंभीर जोखिमों से भरे हुए हैं।
रूस का राजकोषीय संकट: पाँच महीनों में ही घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल पार, वार्षिक लक्ष्य बुरी तरह ध्वस्त
रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है। रूस के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच, राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) का लिक्विड हिस्सा घटकर 3.62 ट्रिलियन रूबल रह गया है। गज़प्...
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रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है।
रूस के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच, राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) का लिक्विड हिस्सा घटकर 3.62 ट्रिलियन रूबल रह गया है। गज़प्रॉमबैंक के अनुसार, यह वर्तमान तेल कीमतों पर 1 से 1.3 वर्षों के भीतर पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि साल के अंत तक वास्तविक घाटा 2.5% से 4% के बीच रहेगा, क्योंकि फंड खर्च करने, कर बढ़ाने, या गैर रक्षा खर्चों में कटौती जैसे सभी नीतिगत विकल्प गंभीर जोखिमों से भरे हुए हैं।
How has Russia’s federal budget deficit evolved in the first five months of 2026 compared with 2025 and the government’s full-year target, aRussia's federal budget deficit has accelerated in 2026, fueled by rising military spending and collapsing oil and gas revenues.
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रूस का संघीय बजट एक भीषण राजकोषीय तूफान की चपेट में है। सैन्य खर्च में अप्रत्याशित वृद्धि और ऊर्जा राजस्व में नाटकीय गिरावट ने 2026 के पहले पाँच महीनों में ही देश के घाटे को सरकार के पूरे साल के लक्ष्य से कहीं अधिक बढ़ा दिया है। यह बढ़ता हुआ अंतर अब तेज़ी से देश के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच — राष्ट्रीय संपदा कोष (National Wealth Fund) — को खाली कर रहा है, जिससे क्रेमलिन के लिए नीतियों के विकल्प लगातार सीमित और दर्दनाक होते जा रहे हैं।
घाटे की रफ़्तार: पाँच महीनों में पूरा सालाना लक्ष्य ध्वस्त
2026 के शुरुआती घाटे के आंकड़े तेज़ और लगातार राजकोषीय गिरावट की कहानी बयाँ करते हैं। वित्त मंत्रालय के 5 जून के बयान के अनुसार, जनवरी-मई 2026 में संघीय बजट का घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% तक पहुँच गया । यह आँकड़ा 2025 की समान अवधि में दर्ज लगभग 3.4 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.5%) के घाटे से लगभग 98.1 ट्रिलियन रूबल अधिक है ।
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"रूस का राजकोषीय संकट: पाँच महीनों में ही घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल पार, वार्षिक लक्ष्य बुरी तरह ध्वस्त" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
रूस का संघीय बजट घाटा जनवरी मई 2026 में बढ़कर 6.01 ट्रिलियन रूबल ($81.5 बिलियन) या जीडीपी का 2.6% हो गया, जो सरकार के पूरे वर्ष के 3.79 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) के लक्ष्य से लगभग 59% अधिक है। रूस के मुख्य राजकोषीय सुरक्षा कवच, राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) का लिक्विड हिस्सा घटकर 3.62 ट्रिलियन रूबल रह गया है। गज़प्रॉमबैंक के अनुसार, यह वर्तमान तेल कीमतों पर 1 से 1.3 वर्षों के भीतर पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि साल के अंत तक वास्तविक घाटा 2.5% से 4% के बीच रहेगा, क्योंकि फंड खर्च करने, कर बढ़ाने, या गैर रक्षा खर्चों में कटौती जैसे सभी नीतिगत विकल्प गंभीर जोखिमों से भरे हुए हैं।
ग़ौरतलब है कि सरकार के 2026 के बजट कानून ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए सिर्फ 3.786 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) का घाटा लक्ष्य निर्धारित किया था । केवल पाँच महीनों में ही यह घाटा वार्षिक लक्ष्य से लगभग 59% आगे निकल चुका है।
हर महीने हालात और चिंताजनक होते चले गए:
जनवरी 2026: घाटा 1.718 ट्रिलियन रूबल रहा, जो एक महीने में ही पूरे साल के लक्ष्य का लगभग आधा था ।
जनवरी-फरवरी: कुल घाटा बढ़कर 3.449 ट्रिलियन रूबल हो गया, जो वार्षिक लक्ष्य का 90% से अधिक था और किसी भी वर्ष के पहले दो महीनों का एक रिकॉर्ड था ।
पहली तिमाही (Q1) 2026: महज़ तीन महीनों में घाटा 4.6 ट्रिलियन रूबल तक पहुँचकर आधिकारिक रूप से पूरे साल के लक्ष्य को पार कर गया ।
जनवरी-अप्रैल: घाटा बढ़कर 5.88 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 2.5%) हो गया, जो एक साल पहले के स्तर का लगभग दोगुना था ।
जनवरी-मई: कुल घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 2.6%) तक पहुँच गया ।
घाटे के दो प्रमुख इंजन: बढ़ता युद्ध खर्च और गिरता ऊर्जा राजस्व
दो शक्तिशाली ताकतें एक साथ बजट के अंतर को बढ़ा रही हैं।
युद्ध-संबंधी खर्च में उछाल: 2026 के पहले चार महीनों में संघीय व्यय कुल 17.598 ट्रिलियन रूबल रहा, जो साल-दर-साल 15.7% की वृद्धि है । इसका मुख्य कारण सैन्य खर्च, सुरक्षा और रक्षा-औद्योगिक सहायता है। क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि ये व्यय अ-परक्राम्य हैं और बजट के अन्य हिस्सों पर बढ़ते वित्तीय दबावों के बावजूद इन्हें संरक्षित रखा जाएगा ।
तेल और गैस राजस्व का तहस-नहस होना: बहीखाते के दूसरी तरफ, रूस का सबसे महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत बुरी तरह ध्वस्त हो गया है। ऐतिहासिक रूप से, तेल और गैस का राजस्व संघीय प्राप्तियों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा होता था। हालाँकि, 2026 की शुरुआत में, ये राजस्व लगभग 40% तक गिर गए । इस गिरावट के लिए वैश्विक तेल की कम कीमतें, G7 देशों द्वारा लगाई गई मूल्य सीमा (प्राइस कैप) का प्रभावी क्रियान्वयन और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण निर्यात मात्रा में कमी को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है । जनवरी-अप्रैल में कुल संघीय राजस्व मात्र 11.721 ट्रिलियन रूबल रहा, जो 2025 की समान अवधि से 5% कम है ।
सिकुड़ता सुरक्षा कवच: दबाव में राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF)
रूसी सरकार अपने राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) से इस घाटे की भरपाई कर रही है। हालाँकि, इसकी लिक्विड एसेट्स (तरल संपत्ति) — वह हिस्सा जो इस उद्देश्य के लिए तुरंत इस्तेमाल की जा सकती है — चिंताजनक दर से सिकुड़ रही है।
अप्रैल 2026 तक, NWF की लिक्विड एसेट्स 62 ट्रिलियन रूबल रह गईं, जो मार्च में 3.89 ट्रिलियन और वर्ष की शुरुआत में 1 ट्रिलियन से अधिक थीं । केवल जनवरी और फरवरी में, घाटे की पूर्ति के लिए लिक्विड NWF से लगभग 400 बिलियन रूबल खर्च किए गए थे ।
यह फंड पहले ही अपने युद्ध-पूर्व लिक्विड रिज़र्व का लगभग दो-तिहाई हिस्सा खर्च कर चुका है । गज़प्रॉमबैंक (Gazprombank) के विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा तेल की कीमतों पर, NWF का पूरा लिक्विड हिस्सा 1 से 3 वर्षों के भीतर खत्म हो सकता है। तेल की कीमतों में $30-35 प्रति बैरल तक की और तेज़ गिरावट आने पर, यह फंड 2026 के अंत तक ही खत्म हो सकता है ।
वर्षांत के अनुमान और एक भयावह राजकोषीय दृष्टिकोण
मई के अंत तक घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल पर पहुँचने के बाद, पूरे वर्ष का परिणाम आधिकारिक 3.786 ट्रिलियन रूबल के लक्ष्य से कहीं अधिक बुरा होगा। अधिकांश गंभीर विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 का अंतिम घाटा योजना से बहुत बड़ा होगा और संभवतः जीडीपी के 2.5% से 4% के बीच रहेगा, जो मुख्यतः तेल की कीमतों की दिशा और वर्ष के अंत में सैन्य खर्च में फिर से वृद्धि पर निर्भर करेगा ।
रूस की दीर्घकालिक राजकोषीय साख दाँव पर है क्योंकि उसके सामने समस्याग्रस्त नीतिगत विकल्पों का एक सीमित समूह है।
NWF का और अधिक उपयोग सबसे सीधा समाधान है, लेकिन यह दीर्घकालिक रूप से अस्थिर है। मौजूदा खर्च की दर पर, यह फंड घाटे की रफ़्तार को एक साल से अधिक समय तक कवर नहीं कर सकता।
घरेलू ऋण जारी करना उच्च ब्याज दरों और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार की कमी के चलते सीमित है।
करों में बढ़ोतरी 2025 में पहले ही लागू की जा चुकी है, जिसमें एक प्रगतिशील व्यक्तिगत आयकर और उच्च कॉर्पोरेट लाभ दरें शामिल हैं। और अधिक वृद्धि से पहले से कमज़ोर निजी क्षेत्र की गतिविधि को कुचलने का जोखिम है।
गैर-रक्षा खर्चों में कटौती पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इसमें गुंजाइश सीमित है। पेंशन और सब्सिडी जैसी सामाजिक बाध्यताएँ राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं और पहले से ही कम बजट पर चल रही हैं ।
केंद्रीय बैंक के वित्तपोषण के ज़रिए घाटे की मुद्रीकरण (monetizing the deficit) करने से बढ़ती मुद्रास्फीति और रूबल के और अवमूल्यन का जोखिम होगा, जिससे युद्ध की वास्तविक लागत और भी अधिक बढ़ जाएगी।
मूल समस्या संरचनात्मक है। क्रेमलिन युद्ध से जुड़े उच्च स्तर के खर्च को राजनीतिक रूप से अ-परक्राम्य मानता है, जबकि इसे सहारा देने वाला राजस्व आधार सिकुड़ रहा है और NWF का सुरक्षा कवच लगभग समाप्त होने को है। जब तक तेल की कीमतों में कोई बड़ी और स्थायी रिकवरी नहीं होती या युद्ध समाप्त नहीं होता, रूस की राजकोषीय दशा एक अव्यवस्थित समायोजन की ओर इशारा करती है जिसमें खर्चों में भारी कटौती, उच्च कर, या मुद्रास्फीति का एक हानिकारक चक्र शामिल हो सकता है।
ग़ौरतलब है कि सरकार के 2026 के बजट कानून ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए सिर्फ 3.786 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 1.6%) का घाटा लक्ष्य निर्धारित किया था । केवल पाँच महीनों में ही यह घाटा वार्षिक लक्ष्य से लगभग 59% आगे निकल चुका है।
हर महीने हालात और चिंताजनक होते चले गए:
जनवरी 2026: घाटा 1.718 ट्रिलियन रूबल रहा, जो एक महीने में ही पूरे साल के लक्ष्य का लगभग आधा था ।
जनवरी-फरवरी: कुल घाटा बढ़कर 3.449 ट्रिलियन रूबल हो गया, जो वार्षिक लक्ष्य का 90% से अधिक था और किसी भी वर्ष के पहले दो महीनों का एक रिकॉर्ड था ।
पहली तिमाही (Q1) 2026: महज़ तीन महीनों में घाटा 4.6 ट्रिलियन रूबल तक पहुँचकर आधिकारिक रूप से पूरे साल के लक्ष्य को पार कर गया ।
जनवरी-अप्रैल: घाटा बढ़कर 5.88 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 2.5%) हो गया, जो एक साल पहले के स्तर का लगभग दोगुना था ।
जनवरी-मई: कुल घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल (जीडीपी का 2.6%) तक पहुँच गया ।
घाटे के दो प्रमुख इंजन: बढ़ता युद्ध खर्च और गिरता ऊर्जा राजस्व
दो शक्तिशाली ताकतें एक साथ बजट के अंतर को बढ़ा रही हैं।
युद्ध-संबंधी खर्च में उछाल: 2026 के पहले चार महीनों में संघीय व्यय कुल 17.598 ट्रिलियन रूबल रहा, जो साल-दर-साल 15.7% की वृद्धि है । इसका मुख्य कारण सैन्य खर्च, सुरक्षा और रक्षा-औद्योगिक सहायता है। क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि ये व्यय अ-परक्राम्य हैं और बजट के अन्य हिस्सों पर बढ़ते वित्तीय दबावों के बावजूद इन्हें संरक्षित रखा जाएगा ।
तेल और गैस राजस्व का तहस-नहस होना: बहीखाते के दूसरी तरफ, रूस का सबसे महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत बुरी तरह ध्वस्त हो गया है। ऐतिहासिक रूप से, तेल और गैस का राजस्व संघीय प्राप्तियों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा होता था। हालाँकि, 2026 की शुरुआत में, ये राजस्व लगभग 40% तक गिर गए । इस गिरावट के लिए वैश्विक तेल की कम कीमतें, G7 देशों द्वारा लगाई गई मूल्य सीमा (प्राइस कैप) का प्रभावी क्रियान्वयन और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण निर्यात मात्रा में कमी को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है । जनवरी-अप्रैल में कुल संघीय राजस्व मात्र 11.721 ट्रिलियन रूबल रहा, जो 2025 की समान अवधि से 5% कम है ।
सिकुड़ता सुरक्षा कवच: दबाव में राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF)
रूसी सरकार अपने राष्ट्रीय संपदा कोष (NWF) से इस घाटे की भरपाई कर रही है। हालाँकि, इसकी लिक्विड एसेट्स (तरल संपत्ति) — वह हिस्सा जो इस उद्देश्य के लिए तुरंत इस्तेमाल की जा सकती है — चिंताजनक दर से सिकुड़ रही है।
अप्रैल 2026 तक, NWF की लिक्विड एसेट्स 62 ट्रिलियन रूबल रह गईं, जो मार्च में 3.89 ट्रिलियन और वर्ष की शुरुआत में 1 ट्रिलियन से अधिक थीं । केवल जनवरी और फरवरी में, घाटे की पूर्ति के लिए लिक्विड NWF से लगभग 400 बिलियन रूबल खर्च किए गए थे ।
यह फंड पहले ही अपने युद्ध-पूर्व लिक्विड रिज़र्व का लगभग दो-तिहाई हिस्सा खर्च कर चुका है । गज़प्रॉमबैंक (Gazprombank) के विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा तेल की कीमतों पर, NWF का पूरा लिक्विड हिस्सा 1 से 3 वर्षों के भीतर खत्म हो सकता है। तेल की कीमतों में $30-35 प्रति बैरल तक की और तेज़ गिरावट आने पर, यह फंड 2026 के अंत तक ही खत्म हो सकता है ।
वर्षांत के अनुमान और एक भयावह राजकोषीय दृष्टिकोण
मई के अंत तक घाटा 6.01 ट्रिलियन रूबल पर पहुँचने के बाद, पूरे वर्ष का परिणाम आधिकारिक 3.786 ट्रिलियन रूबल के लक्ष्य से कहीं अधिक बुरा होगा। अधिकांश गंभीर विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 का अंतिम घाटा योजना से बहुत बड़ा होगा और संभवतः जीडीपी के 2.5% से 4% के बीच रहेगा, जो मुख्यतः तेल की कीमतों की दिशा और वर्ष के अंत में सैन्य खर्च में फिर से वृद्धि पर निर्भर करेगा ।
रूस की दीर्घकालिक राजकोषीय साख दाँव पर है क्योंकि उसके सामने समस्याग्रस्त नीतिगत विकल्पों का एक सीमित समूह है।
NWF का और अधिक उपयोग सबसे सीधा समाधान है, लेकिन यह दीर्घकालिक रूप से अस्थिर है। मौजूदा खर्च की दर पर, यह फंड घाटे की रफ़्तार को एक साल से अधिक समय तक कवर नहीं कर सकता।
घरेलू ऋण जारी करना उच्च ब्याज दरों और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार की कमी के चलते सीमित है।
करों में बढ़ोतरी 2025 में पहले ही लागू की जा चुकी है, जिसमें एक प्रगतिशील व्यक्तिगत आयकर और उच्च कॉर्पोरेट लाभ दरें शामिल हैं। और अधिक वृद्धि से पहले से कमज़ोर निजी क्षेत्र की गतिविधि को कुचलने का जोखिम है।
गैर-रक्षा खर्चों में कटौती पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इसमें गुंजाइश सीमित है। पेंशन और सब्सिडी जैसी सामाजिक बाध्यताएँ राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं और पहले से ही कम बजट पर चल रही हैं ।
केंद्रीय बैंक के वित्तपोषण के ज़रिए घाटे की मुद्रीकरण (monetizing the deficit) करने से बढ़ती मुद्रास्फीति और रूबल के और अवमूल्यन का जोखिम होगा, जिससे युद्ध की वास्तविक लागत और भी अधिक बढ़ जाएगी।
मूल समस्या संरचनात्मक है। क्रेमलिन युद्ध से जुड़े उच्च स्तर के खर्च को राजनीतिक रूप से अ-परक्राम्य मानता है, जबकि इसे सहारा देने वाला राजस्व आधार सिकुड़ रहा है और NWF का सुरक्षा कवच लगभग समाप्त होने को है। जब तक तेल की कीमतों में कोई बड़ी और स्थायी रिकवरी नहीं होती या युद्ध समाप्त नहीं होता, रूस की राजकोषीय दशा एक अव्यवस्थित समायोजन की ओर इशारा करती है जिसमें खर्चों में भारी कटौती, उच्च कर, या मुद्रास्फीति का एक हानिकारक चक्र शामिल हो सकता है।