इस लगातार सफलता ने टीम के भीतर की तस्वीर बदल दी। अब रसेल पीछा कर रहे हैं और एंटोनेली वह ड्राइवर बन गए हैं जिनके प्रदर्शन को मर्सिडीज़ के भीतर नया मानक माना जा रहा है।
फ़ॉर्मूला 1 में गति और लय बहुत मायने रखती है—और फिलहाल यह पूरी तरह एंटोनेली के पक्ष में दिख रही है।
मियामी में रसेल का चौथे स्थान पर खत्म करना अपने‑आप में असाधारण रूप से खराब परिणाम नहीं था। लेकिन असली चर्चा प्रदर्शन के अंतर को लेकर हुई।
एंटोनेली ने पोल पोज़िशन लेकर रेस जीती, जबकि रसेल पूरे वीकेंड में उस गति के आसपास भी नहीं पहुँच पाए और अंत में 43 सेकंड पीछे रहे।
यह अंतर इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि एंटोनेली की तीन जीतों की इस श्रृंखला में उन्होंने लगातार क्वालिफाइंग और रेस—दोनों में रसेल को पीछे छोड़ा है। इससे शुरुआती धारणा उलटती दिख रही है कि अनुभव के कारण रसेल टीम के संदर्भ ड्राइवर होंगे।
कुछ विशेषज्ञों ने इस पर खुलकर टिप्पणी भी की। स्काई स्पोर्ट्स के कमेंटेटर डेविड क्रॉफ्ट ने चेतावनी दी कि अगर रसेल टाइटल दौड़ में बने रहना चाहते हैं तो उन्हें किसी तरह एंटोनेली को हराने का रास्ता ढूंढना होगा।
दूसरे शब्दों में, रसेल सिर्फ अंकों में ही पीछे नहीं हैं—टीम के भीतर बदलती धारणा से भी जूझ रहे हैं।
हालाँकि बाहरी दबाव बढ़ रहा है, लेकिन मर्सिडीज़ टीम प्रिंसिपल टोतो वोल्फ इस नतीजे को लेकर ज़्यादा चिंतित नहीं दिखते।
रेस के बाद वोल्फ ने कहा कि मियामी में रसेल की गति की कमी का चैंपियनशिप की बड़ी तस्वीर से कोई खास संबंध नहीं है और एक कठिन वीकेंड पूरे सीज़न को परिभाषित नहीं करता।
उन्होंने रसेल की प्रतिस्पर्धी मानसिकता का बचाव करते हुए उन्हें स्टीयरिंग के पीछे “किलर” कहा और भरोसा जताया कि वह जल्द वापसी करेंगे।
वोल्फ का संदेश साफ है—सीज़न अभी लंबा है और रसेल पहले ही इस साल रेस जीतकर अपनी क्षमता दिखा चुके हैं।
मर्सिडीज़ के लिए अगली रेस, यानी कनाडाई ग्रां प्री, बेहद अहम हो सकती है।
मियामी वीकेंड पर कई टीमों ने बड़े अपग्रेड पेश किए थे, जबकि मर्सिडीज़ ने W16 कार में सिर्फ छोटे बदलाव किए और बड़ा डेवलपमेंट पैकेज कनाडा के लिए बचाकर रखा।
वोल्फ ने स्वीकार किया है कि यह नया पैकेज महत्वपूर्ण होगा और कहा कि इसे “काम करना ही होगा”, खासकर तब जब मियामी में प्रतिद्वंद्वियों ने प्रदर्शन का अंतर कम कर दिया था।
अगर कनाडा में अपग्रेड के बाद रसेल एंटोनेली के करीब पहुँचते हैं, तो मियामी की कहानी जल्दी बदल सकती है। लेकिन अगर एंटोनेली उसी तरह तेज बने रहे, तो टीम के भीतर दबाव और बढ़ सकता है।
सीज़न के सिर्फ चार रेस बाद मर्सिडीज़ के पास अभी तक का सबसे तेज पैकेज दिख रहा है और टीम ने सभी ग्रां प्री जीते हैं।
लेकिन असली रोमांच अब टीम के अंदर है। एंटोनेली के पास अंकों की बढ़त, लगातार जीत और जबरदस्त लय है। वहीं रसेल के पास अनुभव, रेस जीतने की क्षमता और टीम बॉस का भरोसा है—साथ ही कनाडा में आने वाला संभावित तकनीकी मोड़।
यानी चैंपियनशिप अभी तय नहीं हुई है। मगर मियामी ने एक बात जरूर बदल दी है—
अब पहली बार इस सीज़न में जॉर्ज रसेल अपने ही टीममेट का पीछा कर रहे हैं।
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