Kardome और LG की 2025 की साझेदारी 2026 में बड़े पैमाने पर तैनाती तक पहुंची—Spatial Hearing AI अब LG के फ्लैगशिप OLED टीवी में वैश्विक रूप से उपलब्ध है। यह तकनीक कमरे का 3D साउंड मैप बनाकर अलग‑अलग बोलने वालों को पहचानती है और बैकग्राउंड शोर को फ़िल्टर करती है, जिससे वॉइस कमांड अधिक सटीक हो जाते हैं। Kardome और LG भवि...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has Kardome’s Spatial Hearing AI moved from its 2025 partnership with LG to a global commercial rollout in LG’s flagship OLED TVs in 202. Article summary: Kardome’s LG work appears to have moved from a May 2025 strategic integration partnership for LG’s next-generation smart devices into a May 2026 commercial deployment in LG’s flagship OLED TV series, marking the shift fr. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Spatial Hearing AI powers voice UIs to hear what users say with unprecedented precision. Cognition AI provides devices revolutionary contextual awareness. Kardome Automotive makes" source context "LG OLED And LCD TVs Are About To Get Easier To Use - Kardome" Reference image 2: visual subject "# LG Electronics Adds Kardome Spatia
घर के लिविंग रूम में वॉइस कमांड हमेशा उतने आसान नहीं होते जितने विज्ञापनों में दिखते हैं। कई लोग एक साथ बात कर रहे हों, टीवी खुद तेज़ आवाज़ कर रहा हो, या कोई दूर से बोल रहा हो—इन परिस्थितियों में ज्यादातर वॉइस असिस्टेंट सही कमांड पकड़ने में गलती कर देते हैं।
इसी समस्या को हल करने के लिए Kardome की Spatial Hearing AI को विकसित किया गया है। अब यह तकनीक 2026 से LG के फ्लैगशिप OLED टीवी में वैश्विक स्तर पर तैनात हो चुकी है, जिससे टीवी अलग‑अलग आवाज़ों को पहचानकर सही व्यक्ति की बात समझ सकता है।
LG Electronics और Kardome के बीच सहयोग की शुरुआत मई 2025 में हुई थी। उस समय दोनों कंपनियों ने घोषणा की थी कि Kardome की Spatial Hearing AI को LG के अगली पीढ़ी के स्मार्ट डिवाइस में इंटीग्रेट किया जाएगा। सबसे पहले इसका इस्तेमाल स्मार्ट टीवी में करने की योजना बनाई गई थी।
करीब एक साल बाद यह तकनीक प्रयोगात्मक चरण से निकलकर बाजार में आ गई। मई 2026 तक LG के फ्लैगशिप OLED टीवी लाइनअप में इसे आधिकारिक रूप से शामिल कर दिया गया, जिससे यह तकनीक लाखों उपभोक्ता डिवाइस तक पहुंचने लगी।
कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में AI के लिए यह एक सामान्य विकास क्रम है: शोध सहयोग → उत्पाद में एकीकरण → बड़े पैमाने पर निर्माण और तैनाती।
Kardome की तकनीक का उद्देश्य डिवाइस को इंसानों की तरह सुनने की क्षमता देना है। पारंपरिक सिस्टम जहां कमरे की सारी आवाज़ को एक मिश्रित सिग्नल की तरह प्रोसेस करते हैं, वहीं Spatial Hearing AI कमरे का 3D ध्वनि‑मानचित्र (acoustic scene) तैयार करती है।
इससे सिस्टम को कई महत्वपूर्ण क्षमताएं मिलती हैं:
इसका परिणाम यह होता है कि टीवी कई आवाज़ों के बीच से सही व्यक्ति की कमांड को अलग करके समझ सकता है।
व्यावहारिक रूप से इसका मतलब है कि वॉइस कमांड तब भी काम करेंगे जब:
LG के अनुसार, इससे वॉइस कंट्रोल वास्तविक घरेलू माहौल में भी भरोसेमंद बनता है, जहां पारंपरिक वॉइस असिस्टेंट अक्सर संघर्ष करते हैं।
अधिकांश वॉइस इंटरफेस माइक्रोफोन बीमफॉर्मिंग और क्लाउड‑आधारित स्पीच रिकग्निशन पर निर्भर होते हैं। ये सिस्टम आम तौर पर मान लेते हैं कि कमरे में एक ही प्रमुख वक्ता होगा और ऑडियो अपेक्षाकृत साफ होगा।
लेकिन वास्तविक जीवन में ऐसा शायद ही होता है। परिवार के कई सदस्य एक साथ बोलते हैं, टीवी की आवाज़ गूंज पैदा करती है, और आसपास कई तरह के शोर होते हैं। ऐसे में सिस्टम भ्रमित हो जाता है और गलत कमांड समझ सकता है।
Spatial Hearing AI इस समस्या को अलग तरीके से हल करती है। यह ध्वनियों को तीन‑आयामी ऑडियो सीन में अलग‑अलग ऑब्जेक्ट की तरह देखती है और जिस दिशा से कमांड आ रही है, उसी पर ध्यान केंद्रित करती है।
Kardome की तकनीक का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसका बड़ा हिस्सा डिवाइस के अंदर ही प्रोसेस होता है, यानी edge‑based processing।
इसके दो प्रमुख फायदे हैं:
कम देरी (Low latency)
अगर हर वॉइस कमांड को क्लाउड सर्वर तक भेजना पड़े, तो प्रतिक्रिया आने में समय लगता है। ऑन‑डिवाइस प्रोसेसिंग के कारण टीवी तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है।
बेहतर गोपनीयता
जब ऑडियो डेटा का अधिक हिस्सा डिवाइस के भीतर ही प्रोसेस होता है, तो कच्ची आवाज़ को क्लाउड में भेजने की जरूरत कम पड़ती है। इससे लगातार सुनने वाले स्मार्ट डिवाइस में गोपनीयता जोखिम कम हो सकता है।
इसी कारण edge‑based वॉइस AI अब स्मार्ट टीवी से लेकर कारों तक कई उपकरणों में तेजी से अपनाया जा रहा है।
हालांकि टीवी इसका पहला व्यावसायिक प्लेटफॉर्म बना है, Kardome और LG इस तकनीक को कई अन्य उत्पादों में भी लाने की योजना बना रहे हैं।
2025 की साझेदारी घोषणा में जिन क्षेत्रों का उल्लेख किया गया था, उनमें शामिल हैं:
कारों में इसका उपयोग विशेष रूप से दिलचस्प हो सकता है। उदाहरण के लिए, सिस्टम यह पहचान सकता है कि कार में कौन‑सा यात्री बोल रहा है और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया दे सकता है—कुछ ऐसा जो पारंपरिक वॉइस असिस्टेंट के लिए कठिन होता है।
LG के टीवी में Kardome की तैनाती एक बड़े उद्योग ट्रेंड की ओर इशारा करती है। अब वॉइस सिस्टम सिर्फ शब्द पहचानने तक सीमित नहीं रहना चाहते; वे यह भी समझना चाहते हैं कि कौन बोल रहा है, कहां से बोल रहा है, और शोरगुल वाले माहौल में उसका इरादा क्या है।
Spatial ऑडियो मैपिंग, मल्टी‑स्पीकर सेपरेशन और ऑन‑डिवाइस AI प्रोसेसिंग जैसी तकनीकें इसी बदलाव का आधार बन रही हैं।
LG के OLED टीवी के लिए इसका मतलब है—एक ऐसा टीवी जो शोर से भरे कमरे में भी सही व्यक्ति की आवाज़ पहचान सके।
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Kardome और LG की 2025 की साझेदारी 2026 में बड़े पैमाने पर तैनाती तक पहुंची—Spatial Hearing AI अब LG के फ्लैगशिप OLED टीवी में वैश्विक रूप से उपलब्ध है।
Kardome और LG की 2025 की साझेदारी 2026 में बड़े पैमाने पर तैनाती तक पहुंची—Spatial Hearing AI अब LG के फ्लैगशिप OLED टीवी में वैश्विक रूप से उपलब्ध है। यह तकनीक कमरे का 3D साउंड मैप बनाकर अलग‑अलग बोलने वालों को पहचानती है और बैकग्राउंड शोर को फ़िल्टर करती है, जिससे वॉइस कमांड अधिक सटीक हो जाते हैं।
Kardome और LG भविष्य में इसी AI को स्मार्ट होम उपकरणों, ऑडियो डिवाइस और वाहनों में भी इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं।