चीन की आर्थिक योजना एजेंसी NDRC ने कहा कि सरकार ने कभी टेक कंपनियों को विदेशी या अमेरिकी निवेश ठुकराने के लिए मजबूर नहीं किया। लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विदेशी निवेश को चीनी कानूनों और राष्ट्रीय‑सुरक्षा समीक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया जिनमें कहा गया था कि AI जैसी संवेद...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has China responded to reports that it instructed domestic tech companies to reject U.S. investment, what did the NDRC spokesperson say. Article summary: China’s response was a clear denial of any blanket order to shun U.S. money. The NDRC said Beijing has never required Chinese tech companies to reject foreign investment, while also stressing that any foreign funding mus. Topic tags: general, general web, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "China’s NDRC says it does not require tech firms to reject foreign investment. NDRC spokesperson Li Chao said foreign investment remains welcome in China’s technology sector, provi" source context "China's NDRC says it does not require tech firms to reject foreign ..." Reference image 2: visual subject "China has neve
चीन ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि सरकार ने घरेलू टेक कंपनियों को अमेरिकी निवेश स्वीकार न करने का निर्देश दिया है। लेकिन बीजिंग ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी निवेश पूरी तरह खुला नहीं है — उसे चीनी कानूनों और राष्ट्रीय‑सुरक्षा समीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
इस तरह चीन का संदेश दो हिस्सों में समझा जा सकता है: औपचारिक रूप से विदेशी पूंजी का स्वागत, लेकिन रणनीतिक तकनीकों में निवेश की सख्त जांच।
चीन की शीर्ष आर्थिक योजना एजेंसी नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) ने इन खबरों पर सीधी प्रतिक्रिया दी।
NDRC के प्रवक्ता ने कहा कि चीनी सरकार ने “कभी भी” घरेलू टेक कंपनियों को विदेशी निवेश ठुकराने के लिए बाध्य नहीं किया। यह बयान उन सवालों के जवाब में आया था जिनमें पूछा गया था कि क्या बीजिंग कंपनियों से अमेरिकी पूंजी लेने से मना करने को कह रहा है।
हालांकि प्रवक्ता ने यह भी जोड़ा कि विदेशी फंडिंग पर कोई पूर्ण छूट नहीं है। यदि कोई विदेशी निवेश चीन में आता है, तो उसे स्थानीय कानूनों, नियमों और आवश्यक होने पर राष्ट्रीय‑सुरक्षा समीक्षा से गुजरना होगा।
यह स्पष्टीकरण अप्रैल में आई कुछ मीडिया रिपोर्टों के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि चीनी नियामक अमेरिकी निवेश को सीमित करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, NDRC सहित कुछ नियामकों ने निजी टेक कंपनियों—खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उन्नत क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों—से कहा था कि वे अमेरिकी निवेश को तब तक स्वीकार न करें जब तक सरकार से स्पष्ट मंजूरी न मिल जाए।
इन खबरों में AI स्टार्टअप Moonshot AI और StepFun जैसी कंपनियों का भी जिक्र हुआ था। इसके अलावा TikTok की मालिक कंपनी ByteDance के बारे में कहा गया कि अमेरिकी निवेशकों को सेकेंडरी शेयर बेचने से पहले सरकारी अनुमति की जरूरत हो सकती है।
बाद में एक रॉयटर्स रिपोर्ट में संशोधन किया गया, जिसमें कहा गया कि नियामकों ने ByteDance को सीधे निर्देश देने के बजाय कंपनी पर प्रतिबंध तय करने का फैसला किया था। इससे यह संकेत मिला कि नीतियां अक्सर औपचारिक आदेश की बजाय नियामकीय ढांचे के जरिए लागू होती हैं।
चीन का मौजूदा कानूनी ढांचा भी इसी तरह की व्यवस्था को दर्शाता है।
हाल के वर्षों में लागू नियमों के तहत, ऐसा कोई भी विदेशी निवेश जो राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है, उसे आधिकारिक सुरक्षा समीक्षा से गुजरना पड़ता है। इस प्रक्रिया का संचालन मुख्य रूप से NDRC और वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) जैसे संस्थान करते हैं।
इस प्रणाली का उद्देश्य यह है कि चीन विदेशी पूंजी को आकर्षित करता रहे, लेकिन साथ ही उन क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए रखे जिन्हें रणनीतिक या संवेदनशील माना जाता है—जैसे उन्नत तकनीक, डेटा, और महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म।
यह पूरा मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है।
सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों ने निवेश और तकनीक के प्रवाह पर नियंत्रण बढ़ाया है। अमेरिका ने भी राष्ट्रीय‑सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कुछ चीनी तकनीकी कंपनियों में निवेश और तकनीक निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं।
इसी संदर्भ में चीन भी विदेशी निवेश—खासकर संवेदनशील टेक कंपनियों में—की जांच को अधिक गंभीरता से देख रहा है।
चीन के ताजा स्पष्टीकरण का सार तीन बातों में समझा जा सकता है:
निवेशकों और टेक कंपनियों के लिए इसका व्यावहारिक मतलब यह है कि सीमा‑पार निवेश अभी भी संभव है—लेकिन अगर मामला रणनीतिक तकनीक से जुड़ा है, तो नियामकीय जांच पहले से ज्यादा सख्त हो सकती है।
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चीन की आर्थिक योजना एजेंसी NDRC ने कहा कि सरकार ने कभी टेक कंपनियों को विदेशी या अमेरिकी निवेश ठुकराने के लिए मजबूर नहीं किया।
चीन की आर्थिक योजना एजेंसी NDRC ने कहा कि सरकार ने कभी टेक कंपनियों को विदेशी या अमेरिकी निवेश ठुकराने के लिए मजबूर नहीं किया। लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विदेशी निवेश को चीनी कानूनों और राष्ट्रीय‑सुरक्षा समीक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया जिनमें कहा गया था कि AI जैसी संवेदनशील तकनीकी कंपनियों में अमेरिकी निवेश पर सख्त निगरानी की जा रही है।