AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) पर जोर से फोन और PC में इस्तेमाल होने वाली DRAM व स्टोरेज मेमोरी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। Apple के पूरे यूके iPhone लाइनअप में कथित £100 बढ़ोतरी और $899 वाले M6 Mac mini से दिखता है कि बढ़ती कंपोनेंट लागत उत्पादों की कीमत और वैल्यू, दोनों को बदल सकती है। कमी 2027 के ब...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has an AI data-center-driven global memory-chip shortage—described as “RAMageddon” and driven by Samsung, SK Hynix, and Micron shifting. Article summary: “RAMageddon” is best understood as a supply-allocation shock: AI data centers are bidding aggressively for HBM, so memory makers prioritize the more profitable product over commodity/mobile DRAM. That tightens supply for. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fak
AI इन्फ्रास्ट्रक्चर का उछाल अब सिर्फ डेटा सेंटरों तक सीमित नहीं है। मेमोरी चिप्स की कमी—जिसे अनौपचारिक तौर पर “RAMageddon” कहा जा रहा है—फोन, PC और टैबलेट में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक DRAM और फ्लैश स्टोरेज की लागत बढ़ा रही है।
इसकी जड़ आपूर्ति के बंटवारे में है। सबसे बड़े मेमोरी निर्माता हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) में भारी निवेश कर रहे हैं। HBM एक खास, अधिक मूल्य वाली मेमोरी है जो AI एक्सेलरेटर के साथ लगती है। नतीजतन, आम डिवाइसों के लिए उपलब्ध उत्पादन क्षमता कम पड़ सकती है, जबकि बड़े AI ग्राहक उपलब्ध सप्लाई के लिए आक्रामक प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इससे कंपोनेंट कोटेशन बढ़ते हैं और उपभोक्ता डिवाइसों की कीमतों पर दबाव पड़ता है। 42
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HBM और सामान्य फोन या PC मेमोरी एक ही उत्पाद नहीं हैं, लेकिन इनके उत्पादन में DRAM वेफर और उन्नत निर्माण क्षमता जैसे संबंधित संसाधन लगते हैं। जब सप्लायर HBM और सर्वर-ग्रेड उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं, तो पारंपरिक DRAM की उपलब्ध सप्लाई सिमट सकती है।
Samsung, SK hynix और Micron इस बाजार के केंद्र में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, AI मांग बढ़ने के साथ ये कंपनियां अधिक मार्जिन वाले HBM की ओर झुक रही हैं। IDC का अनुमान है कि 2026 में DRAM और NAND की सप्लाई वृद्धि ऐतिहासिक मानकों से नीचे रहेगी। 42
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यह अहम इसलिए है क्योंकि लगभग हर उपभोक्ता डिवाइस में मेमोरी होती है। स्मार्टफोन को मोबाइल DRAM और स्टोरेज चाहिए; लैपटॉप या डेस्कटॉप को RAM और SSD क्षमता चाहिए। कंपोनेंट महंगे होने का मतलब यह नहीं कि खुदरा कीमत उतनी ही राशि से बढ़ेगी, लेकिन ब्रांडों के लिए लागत अपने पास कम रखने, कॉन्फ़िगरेशन बदलने या सूची मूल्य बढ़ाने का प्रोत्साहन जरूर बढ़ता है।
यूके में Apple द्वारा पुराने, बिक्री पर बने हुए मॉडल समेत पूरे iPhone लाइनअप में कथित £100 की बढ़ोतरी, इस कमी का ग्राहकों तक पहुंचने वाला स्पष्ट उदाहरण है। 4 यह बढ़ोतरी पूरे पोर्टफोलियो में होने की बात महत्वपूर्ण है: इसे किसी एक नए फोन में लगी अतिरिक्त मेमोरी की सीधी गणना भर नहीं माना जा सकता। यह मार्जिन बचाने, मॉडलों के बीच कीमत का अंतर बनाए रखने और पूरी रेंज की प्राइस-लैडर बदलने का तरीका भी हो सकता है।
Mac mini का मामला भी यही फर्क दिखाता है। रिपोर्ट के अनुसार, M6 Mac mini की शुरुआती कीमत $899 रही, जबकि 2024 में लॉन्च हुए M4 Mac mini की शुरुआती कीमत $599 थी; M4 के एंट्री मॉडल की कीमत 2026 में पहले ही $799 तक बढ़ चुकी थी। 3 मेमोरी लागत इसमें एक संभावित कारण है, मगर $899 की कीमत उत्पाद की बाजार में स्थिति भी बदल देती है।
मशीन सक्षम हो सकती है, फिर भी शुरुआती कीमत बहुत बढ़ने पर उसका वैल्यू-फॉर-मनी कमजोर लग सकता है। $599 पर Mac mini को Mac डेस्कटॉप इकोसिस्टम में किफायती प्रवेश के रूप में देखना आसान था। $899 पर खरीदार इसकी तुलना बेहतर कॉन्फ़िगरेशन वाले PC, लैपटॉप और ऊंचे स्पेसिफिकेशन वाले Mac से करेंगे। इसलिए आलोचना मुख्यतः कीमत, प्रदर्शन और कॉन्फ़िगरेशन के अनुपात की है—यह दावा नहीं कि M6 कमजोर है।
रिपोर्टों में Apple के रिफर्बिश्ड iPhone की कीमतें £60 से £70 बढ़ाने की बात भी कही गई है। 5 यह बढ़ती रिप्लेसमेंट-पार्ट, मरम्मत, लॉजिस्टिक्स और वारंटी लागत के अनुरूप व्यावसायिक कदम हो सकता है, साथ ही नए मॉडल के मुकाबले पर्याप्त छूट बनाए रखने का तरीका भी। हालांकि, रिफर्बिश्ड कीमतों पर उपलब्ध रिपोर्टिंग व्यापक नए-डिवाइस बढ़ोतरी की तुलना में सीमित है; इसलिए इसे उतनी ही मजबूती से स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं मानना चाहिए।
मेमोरी और स्टोरेज लागत में बाजार-व्यापी बढ़ोतरी से कोई बड़ा हैंडसेट ब्रांड पूरी तरह बचा नहीं है। Samsung, Google और दूसरे Android विक्रेताओं को भी मोबाइल DRAM, NAND स्टोरेज और अन्य कंपोनेंट के लिए अधिक भुगतान करना पड़ता है। रिपोर्टिंग ने कई डिवाइस श्रेणियों में बढ़ती कीमतों को मेमोरी की कमी से जोड़ा है, जबकि Samsung ने चेतावनी दी है कि तंग मेमोरी सप्लाई 2028 तक बनी रह सकती है। 34
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इसका अर्थ यह नहीं कि किसी फ्लैगशिप फोन की कीमत में जुड़ा हर पाउंड या डॉलर केवल मेमोरी की वजह से है। खुदरा कीमत पर विनिमय दर, प्रोसेसर, डिस्प्ले, कैमरा, ऑपरेटर रणनीति, क्षेत्रीय कर और ब्रांड का लक्षित मार्जिन भी असर डालते हैं। फिर भी, कंपोनेंट की कमी वाले माहौल में कंपनियों के पास केवल कम कीमत के बल पर प्रतिस्पर्धा करने की गुंजाइश कम हो जाती है और उद्योग भर में लागत का दबाव बढ़ोतरी को टिकाऊ बनाता है।
इस बड़े आंकड़े को संदर्भ के साथ समझना जरूरी है। The Verge द्वारा उद्धृत Counterpoint के अनुमान के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में स्मार्टफोन DRAM कीमतें तिमाही-दर-तिमाही करीब 56% बढ़ीं और दूसरी तिमाही में लगभग 83% बढ़ीं। उदाहरण के तौर पर, स्मार्टफोन के लिए 16GB DRAM की कीमत 2025 की दूसरी तिमाही में करीब $42 से एक साल बाद लगभग $181 पहुंची—यानी 300% से अधिक की वृद्धि। 36
लेकिन यह किसी खास मेमोरी क्षमता और समय-अवधि का उदाहरण है, हर DRAM उत्पाद या हर डिवाइस निर्माता की कॉन्ट्रैक्ट कीमत का सार्वभौमिक माप नहीं। कीमतें मेमोरी प्रकार, क्षमता, अनुबंध की शर्तों और खरीद के पैमाने के अनुसार बदलती हैं। इसलिए यह मानना गलत होगा कि किसी फोन की कुल निर्माण लागत या खुदरा कीमत भी उसी प्रतिशत से बढ़ी है।
सप्लाई की स्थिति कई वर्षों तक असहज रह सकती है। Samsung ने कहा है कि कमी 2027 में और गंभीर हो सकती है तथा कम-से-कम 2028 तक रह सकती है। 39 SK Group के चेयरमैन Chey Tae-won इससे भी आगे जाकर कह चुके हैं कि व्यापक वेफर कमी लगभग 2030 तक चल सकती है; Micron के अधिकारियों ने भी ग्राहकों को उनकी मांग से कम मेमोरी मिलने की बात कही है।
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नई फैक्ट्रियां और क्षमता विस्तार से सार्थक उत्पादन आने में वर्षों लगते हैं, विशेषकर तब जब मांग भी उसी समय बढ़ रही हो। इसलिए 2020 के दशक के आखिर तक कंपोनेंट लागत ऊंची बने रहने की संभावना विश्वसनीय है।
लेकिन “कीमतें हमेशा के लिए ऊंची रहेंगी” कहना मौजूदा साक्ष्य से आगे निकल जाता है। मेमोरी बाजार चक्रीय होते हैं। नई क्षमता, AI इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च में सुस्ती, कम मेमोरी वाले उत्पाद-डिज़ाइन या डिवाइस ब्रांडों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा खुदरा कीमतों पर दबाव घटा सकती है। ज्यादा संतुलित निष्कर्ष यह है कि लगातार सस्ते होते इलेक्ट्रॉनिक्स का दौर दबाव में है—न कि आज की कीमतें वापस घट ही नहीं सकतीं।
खरीदारों के लिए “RAMageddon” शब्द से ज्यादा उपयोगी वे बदलाव हैं जो कंपनियां अपने उत्पादों में करती हैं:
मूल बात सीधी है: AI के लिए HBM की बढ़ती भूख ने मेमोरी को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की एक रणनीतिक बाधा बना दिया है। यह वास्तविक लागत झटका है, लेकिन आखिर में चेकआउट पेज तक उसका कितना हिस्सा पहुंचेगा, यह सिर्फ मेमोरी कीमत नहीं बल्कि निर्माता तय करते हैं। 42
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Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) पर जोर से फोन और PC में इस्तेमाल होने वाली DRAM व स्टोरेज मेमोरी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है।
AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) पर जोर से फोन और PC में इस्तेमाल होने वाली DRAM व स्टोरेज मेमोरी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। Apple के पूरे यूके iPhone लाइनअप में कथित £100 बढ़ोतरी और $899 वाले M6 Mac mini से दिखता है कि बढ़ती कंपोनेंट लागत उत्पादों की कीमत और वैल्यू, दोनों को बदल सकती है।
कमी 2027 के बाद भी बनी रह सकती है, लेकिन उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें स्थायी रूप से ऊंची ही रहेंगी—यह अभी संभावना है, स्थापित तथ्य नहीं।
AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) पर जोर से फोन और PC में इस्तेमाल होने वाली DRAM व स्टोरेज मेमोरी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। Apple के पूरे यूके iPhone लाइनअप में कथित £100 बढ़ोतरी और $899 वाले M6 Mac mini से दिखता है कि बढ़ती कंपोनेंट लागत उत्पादों की कीमत और वैल्यू, दोनों को बदल सकती है। कमी 2027 के ब...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Terra से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How has an AI data-center-driven global memory-chip shortage—described as “RAMageddon” and driven by Samsung, SK Hynix, and Micron shifting. Article summary: “RAMageddon” is best understood as a supply-allocation shock: AI data centers are bidding aggressively for HBM, so memory makers prioritize the more profitable product over commodity/mobile DRAM. That tightens supply for. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fak
AI इन्फ्रास्ट्रक्चर का उछाल अब सिर्फ डेटा सेंटरों तक सीमित नहीं है। मेमोरी चिप्स की कमी—जिसे अनौपचारिक तौर पर “RAMageddon” कहा जा रहा है—फोन, PC और टैबलेट में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक DRAM और फ्लैश स्टोरेज की लागत बढ़ा रही है।
इसकी जड़ आपूर्ति के बंटवारे में है। सबसे बड़े मेमोरी निर्माता हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) में भारी निवेश कर रहे हैं। HBM एक खास, अधिक मूल्य वाली मेमोरी है जो AI एक्सेलरेटर के साथ लगती है। नतीजतन, आम डिवाइसों के लिए उपलब्ध उत्पादन क्षमता कम पड़ सकती है, जबकि बड़े AI ग्राहक उपलब्ध सप्लाई के लिए आक्रामक प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इससे कंपोनेंट कोटेशन बढ़ते हैं और उपभोक्ता डिवाइसों की कीमतों पर दबाव पड़ता है। 42
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HBM और सामान्य फोन या PC मेमोरी एक ही उत्पाद नहीं हैं, लेकिन इनके उत्पादन में DRAM वेफर और उन्नत निर्माण क्षमता जैसे संबंधित संसाधन लगते हैं। जब सप्लायर HBM और सर्वर-ग्रेड उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं, तो पारंपरिक DRAM की उपलब्ध सप्लाई सिमट सकती है।
Samsung, SK hynix और Micron इस बाजार के केंद्र में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, AI मांग बढ़ने के साथ ये कंपनियां अधिक मार्जिन वाले HBM की ओर झुक रही हैं। IDC का अनुमान है कि 2026 में DRAM और NAND की सप्लाई वृद्धि ऐतिहासिक मानकों से नीचे रहेगी। 42
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यह अहम इसलिए है क्योंकि लगभग हर उपभोक्ता डिवाइस में मेमोरी होती है। स्मार्टफोन को मोबाइल DRAM और स्टोरेज चाहिए; लैपटॉप या डेस्कटॉप को RAM और SSD क्षमता चाहिए। कंपोनेंट महंगे होने का मतलब यह नहीं कि खुदरा कीमत उतनी ही राशि से बढ़ेगी, लेकिन ब्रांडों के लिए लागत अपने पास कम रखने, कॉन्फ़िगरेशन बदलने या सूची मूल्य बढ़ाने का प्रोत्साहन जरूर बढ़ता है।
यूके में Apple द्वारा पुराने, बिक्री पर बने हुए मॉडल समेत पूरे iPhone लाइनअप में कथित £100 की बढ़ोतरी, इस कमी का ग्राहकों तक पहुंचने वाला स्पष्ट उदाहरण है। 4 यह बढ़ोतरी पूरे पोर्टफोलियो में होने की बात महत्वपूर्ण है: इसे किसी एक नए फोन में लगी अतिरिक्त मेमोरी की सीधी गणना भर नहीं माना जा सकता। यह मार्जिन बचाने, मॉडलों के बीच कीमत का अंतर बनाए रखने और पूरी रेंज की प्राइस-लैडर बदलने का तरीका भी हो सकता है।
Mac mini का मामला भी यही फर्क दिखाता है। रिपोर्ट के अनुसार, M6 Mac mini की शुरुआती कीमत $899 रही, जबकि 2024 में लॉन्च हुए M4 Mac mini की शुरुआती कीमत $599 थी; M4 के एंट्री मॉडल की कीमत 2026 में पहले ही $799 तक बढ़ चुकी थी। 3 मेमोरी लागत इसमें एक संभावित कारण है, मगर $899 की कीमत उत्पाद की बाजार में स्थिति भी बदल देती है।
मशीन सक्षम हो सकती है, फिर भी शुरुआती कीमत बहुत बढ़ने पर उसका वैल्यू-फॉर-मनी कमजोर लग सकता है। $599 पर Mac mini को Mac डेस्कटॉप इकोसिस्टम में किफायती प्रवेश के रूप में देखना आसान था। $899 पर खरीदार इसकी तुलना बेहतर कॉन्फ़िगरेशन वाले PC, लैपटॉप और ऊंचे स्पेसिफिकेशन वाले Mac से करेंगे। इसलिए आलोचना मुख्यतः कीमत, प्रदर्शन और कॉन्फ़िगरेशन के अनुपात की है—यह दावा नहीं कि M6 कमजोर है।
रिपोर्टों में Apple के रिफर्बिश्ड iPhone की कीमतें £60 से £70 बढ़ाने की बात भी कही गई है। 5 यह बढ़ती रिप्लेसमेंट-पार्ट, मरम्मत, लॉजिस्टिक्स और वारंटी लागत के अनुरूप व्यावसायिक कदम हो सकता है, साथ ही नए मॉडल के मुकाबले पर्याप्त छूट बनाए रखने का तरीका भी। हालांकि, रिफर्बिश्ड कीमतों पर उपलब्ध रिपोर्टिंग व्यापक नए-डिवाइस बढ़ोतरी की तुलना में सीमित है; इसलिए इसे उतनी ही मजबूती से स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं मानना चाहिए।
मेमोरी और स्टोरेज लागत में बाजार-व्यापी बढ़ोतरी से कोई बड़ा हैंडसेट ब्रांड पूरी तरह बचा नहीं है। Samsung, Google और दूसरे Android विक्रेताओं को भी मोबाइल DRAM, NAND स्टोरेज और अन्य कंपोनेंट के लिए अधिक भुगतान करना पड़ता है। रिपोर्टिंग ने कई डिवाइस श्रेणियों में बढ़ती कीमतों को मेमोरी की कमी से जोड़ा है, जबकि Samsung ने चेतावनी दी है कि तंग मेमोरी सप्लाई 2028 तक बनी रह सकती है। 34
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इसका अर्थ यह नहीं कि किसी फ्लैगशिप फोन की कीमत में जुड़ा हर पाउंड या डॉलर केवल मेमोरी की वजह से है। खुदरा कीमत पर विनिमय दर, प्रोसेसर, डिस्प्ले, कैमरा, ऑपरेटर रणनीति, क्षेत्रीय कर और ब्रांड का लक्षित मार्जिन भी असर डालते हैं। फिर भी, कंपोनेंट की कमी वाले माहौल में कंपनियों के पास केवल कम कीमत के बल पर प्रतिस्पर्धा करने की गुंजाइश कम हो जाती है और उद्योग भर में लागत का दबाव बढ़ोतरी को टिकाऊ बनाता है।
इस बड़े आंकड़े को संदर्भ के साथ समझना जरूरी है। The Verge द्वारा उद्धृत Counterpoint के अनुमान के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में स्मार्टफोन DRAM कीमतें तिमाही-दर-तिमाही करीब 56% बढ़ीं और दूसरी तिमाही में लगभग 83% बढ़ीं। उदाहरण के तौर पर, स्मार्टफोन के लिए 16GB DRAM की कीमत 2025 की दूसरी तिमाही में करीब $42 से एक साल बाद लगभग $181 पहुंची—यानी 300% से अधिक की वृद्धि। 36
लेकिन यह किसी खास मेमोरी क्षमता और समय-अवधि का उदाहरण है, हर DRAM उत्पाद या हर डिवाइस निर्माता की कॉन्ट्रैक्ट कीमत का सार्वभौमिक माप नहीं। कीमतें मेमोरी प्रकार, क्षमता, अनुबंध की शर्तों और खरीद के पैमाने के अनुसार बदलती हैं। इसलिए यह मानना गलत होगा कि किसी फोन की कुल निर्माण लागत या खुदरा कीमत भी उसी प्रतिशत से बढ़ी है।
सप्लाई की स्थिति कई वर्षों तक असहज रह सकती है। Samsung ने कहा है कि कमी 2027 में और गंभीर हो सकती है तथा कम-से-कम 2028 तक रह सकती है। 39 SK Group के चेयरमैन Chey Tae-won इससे भी आगे जाकर कह चुके हैं कि व्यापक वेफर कमी लगभग 2030 तक चल सकती है; Micron के अधिकारियों ने भी ग्राहकों को उनकी मांग से कम मेमोरी मिलने की बात कही है।
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नई फैक्ट्रियां और क्षमता विस्तार से सार्थक उत्पादन आने में वर्षों लगते हैं, विशेषकर तब जब मांग भी उसी समय बढ़ रही हो। इसलिए 2020 के दशक के आखिर तक कंपोनेंट लागत ऊंची बने रहने की संभावना विश्वसनीय है।
लेकिन “कीमतें हमेशा के लिए ऊंची रहेंगी” कहना मौजूदा साक्ष्य से आगे निकल जाता है। मेमोरी बाजार चक्रीय होते हैं। नई क्षमता, AI इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च में सुस्ती, कम मेमोरी वाले उत्पाद-डिज़ाइन या डिवाइस ब्रांडों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा खुदरा कीमतों पर दबाव घटा सकती है। ज्यादा संतुलित निष्कर्ष यह है कि लगातार सस्ते होते इलेक्ट्रॉनिक्स का दौर दबाव में है—न कि आज की कीमतें वापस घट ही नहीं सकतीं।
खरीदारों के लिए “RAMageddon” शब्द से ज्यादा उपयोगी वे बदलाव हैं जो कंपनियां अपने उत्पादों में करती हैं:
मूल बात सीधी है: AI के लिए HBM की बढ़ती भूख ने मेमोरी को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की एक रणनीतिक बाधा बना दिया है। यह वास्तविक लागत झटका है, लेकिन आखिर में चेकआउट पेज तक उसका कितना हिस्सा पहुंचेगा, यह सिर्फ मेमोरी कीमत नहीं बल्कि निर्माता तय करते हैं। 42
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) पर जोर से फोन और PC में इस्तेमाल होने वाली DRAM व स्टोरेज मेमोरी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है।
AI सर्वरों के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) पर जोर से फोन और PC में इस्तेमाल होने वाली DRAM व स्टोरेज मेमोरी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। Apple के पूरे यूके iPhone लाइनअप में कथित £100 बढ़ोतरी और $899 वाले M6 Mac mini से दिखता है कि बढ़ती कंपोनेंट लागत उत्पादों की कीमत और वैल्यू, दोनों को बदल सकती है।
कमी 2027 के बाद भी बनी रह सकती है, लेकिन उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें स्थायी रूप से ऊंची ही रहेंगी—यह अभी संभावना है, स्थापित तथ्य नहीं।