J.P. Morgan का व्यापक अनुमान अपेक्षाकृत अलग दायरे में है। उसके अनुसार, 2024 की शुरुआत से 2026 के अंत तक DRAM की कुल कीमतें 400% से अधिक बढ़ सकती हैं। यह पूरे DRAM बाजार और अलग-अलग समयावधियों का अनुमान है—इसे दुनिया भर में हर DDR5 रिटेल उत्पाद की कीमत में समान 500% वृद्धि का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
AI सर्वरों को एक्सेलेरेटर के साथ बड़ी मात्रा में मेमोरी की भी जरूरत होती है। जैसे-जैसे इन सिस्टमों की मांग बढ़ती है, निर्माताओं के लिए वेफर क्षमता को HBM और सर्वर-ग्रेड DRAM की ओर मोड़ना आर्थिक रूप से आकर्षक हो जाता है, क्योंकि इन उत्पादों की कीमत और मार्जिन अधिक होते हैं। सप्लाई-चेन रिपोर्टों के अनुसार, यही पुनर्वितरण पारंपरिक उपभोक्ता मेमोरी की उपलब्धता घटने का एक प्रमुख कारण है।
यह मामला केवल ऐसा नहीं है कि उपभोक्ता और डेटा सेंटर एक ही तरह के मेमोरी मॉड्यूल के लिए सीधे प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। HBM, सर्वर DRAM और उपभोक्ता DDR5 अलग उत्पाद हैं, लेकिन इनके निर्माण में संबंधित वेफर, उपकरण और उत्पादन संसाधन लगते हैं। AI-केंद्रित उत्पादों की ओर क्षमता जाने पर पारंपरिक सेगमेंट के लिए उपलब्ध हिस्सा घट जाता है। फैब, उपकरण और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया बढ़ाने में वर्षों लगते हैं, इसलिए सप्लाई तुरंत पुराने संतुलन पर नहीं लौट सकती।
थोक और कॉन्ट्रैक्ट बाजार में कीमतों की चाल कई उपभोक्ता उत्पादों से भी तेज रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में पारंपरिक DRAM कॉन्ट्रैक्ट कीमतें तिमाही-दर-तिमाही करीब 93% से 98% बढ़ीं। दूसरी तिमाही में इसके अतिरिक्त 58% से 63% वृद्धि का अनुमान लगाया गया था।
ये आंकड़े विशेष कॉन्ट्रैक्ट बाजारों और अवधियों से जुड़े हैं। इन्हें हर DRAM उत्पाद, NAND फ्लैश डिवाइस या रिटेल मेमोरी किट पर लागू नहीं किया जा सकता। फिर भी, इससे समझ आता है कि मॉड्यूल विक्रेताओं और PC निर्माताओं को अपने स्टॉक की कीमतें इतनी तेजी से क्यों बदलनी पड़ रही हैं।
मेमोरी संकट का असर अब PC बाजार के आंकड़ों में दिख रहा है। IDC के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में दुनिया भर में 6.82 करोड़ PC भेजे गए, जो पिछले साल की समान तिमाही से 4.9% कम हैं। नौ लगातार तिमाहियों की वृद्धि के बाद यह पहली गिरावट थी और IDC ने इसके पीछे जारी मेमोरी संकट को प्रमुख कारण बताया।
IDC ने पूरे 2026 में PC शिपमेंट में 11.3% गिरावट का अनुमान लगाया है। साल के अंत की ओर स्थिति और खराब होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, औसत PC कीमतों में ठीक 18.3% वृद्धि का दावा उपलब्ध प्राथमिक IDC साक्ष्यों से स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं होता, इसलिए इसे IDC का निश्चित पूर्वानुमान नहीं कहा जाना चाहिए।
बाजार में एक असामान्य स्थिति बन रही है: यूनिट बिक्री कम है, लेकिन डॉलर में राजस्व बढ़ रहा है। IDC के मुताबिक, निर्माता कीमतें मांग में गिरावट से तेज गति से बढ़ा पा रहे हैं। महंगे और बेहतर कॉन्फिगरेशन कुछ समय के लिए कुल बिक्री मूल्य को संभाल सकते हैं, भले ही ग्राहक कम मशीनें खरीद रहे हों।
रिपोर्टों के अनुसार, Dell और Lenovo अपने PC और सर्वर पोर्टफोलियो के कुछ हिस्सों पर करीब 15% से 20% तक कीमत बढ़ाने की तैयारी कर रहे थे या वृद्धि लागू कर चुके थे। अन्य उद्योग रिपोर्टों में Dell, HP, Lenovo और Asus के चुनिंदा उत्पादों पर 10% से 30% तक की वृद्धि बताई गई है।
इन आंकड़ों को हर लैपटॉप या डेस्कटॉप पर लागू एक समान वृद्धि के रूप में नहीं समझना चाहिए। अंतिम कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि सिस्टम में कितनी मेमोरी है, निर्माता के पास पुराना स्टॉक कितना है, क्षेत्रीय कीमत क्या है और खरीदारी रिटेल चैनल से हो रही है या एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट से।
ग्राहकों को इसका असर कई रूपों में दिख सकता है:
इसलिए केवल PC की शुरुआती कीमत देखकर सौदा तय करना पर्याप्त नहीं है। कम RAM वाला सस्ता मॉडल तब महंगा साबित हो सकता है, जब बाद में अपग्रेड की लागत जोड़नी पड़े।
DRAM और स्टोरेज का इस्तेमाल स्मार्टफोन तथा कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में होता है। लंबे समय तक कीमतें ऊंची रहने पर निर्माता या तो डिवाइस की कीमत बढ़ा सकते हैं या समान कीमत पर कम मेमोरी दे सकते हैं। IDC ने चेतावनी दी है कि मेमोरी संकट से स्मार्टफोन बाजार सिकुड़ सकता है और औसत बिक्री कीमत बढ़ सकती है। उसके फरवरी 2026 के अनुमान में पूरे साल स्मार्टफोन शिपमेंट में 12.9% गिरावट का पूर्वानुमान था।
हालांकि, असर हर उत्पाद पर समान नहीं होगा। फोन, GPU, टीवी, वाहन और PC की लागत में मेमोरी का हिस्सा अलग-अलग होता है। सप्लायर कॉन्ट्रैक्ट, पहले से जमा स्टॉक और उत्पाद प्राथमिकताएं भी तय करेंगी कि कीमतों का दबाव ग्राहक तक कितनी जल्दी पहुंचेगा। उपलब्ध साक्ष्य व्यापक जोखिम दिखाते हैं, लेकिन हर श्रेणी के लिए सटीक कीमत वृद्धि नहीं बताते।
सबसे महत्वपूर्ण अंतर DRAM और NAND फ्लैश के बीच है। एक उद्योग पूर्वानुमान के अनुसार, DRAM की संरचनात्मक कमी 2028 तक बनी रह सकती है। 2027 में मांग और सप्लाई के बीच अंतर और बढ़ने की संभावना है, जिसके बाद ही राहत के संकेत मिल सकते हैं।
NAND का रुझान अलग हो सकता है। उसी अनुमान में NAND के सीमित सप्लाई से संतुलन और फिर अगले साल की दूसरी छमाही में संभावित अतिरिक्त सप्लाई की ओर जाने की बात कही गई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर तरह की मेमोरी और स्टोरेज 2028 तक समान रूप से दुर्लभ रहेंगे।
निर्माता नई क्षमता जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नए फैब तुरंत उत्पादन नहीं देते। निर्माण, उपकरण स्थापना, कच्चे माल की तैयारी और उत्पादन क्वालिफिकेशन में समय लगता है। कुछ विश्लेषणों में बड़ी राहत 2027 के अंत या 2028 में आने की बात है, जबकि अधिक निराशावादी अनुमान इससे भी देर का संकेत देते हैं।
समस्या केवल यह नहीं है कि RAM महंगी हो गई है। असली असर यह है कि एक तय बजट में मिलने वाला प्रदर्शन कम हो सकता है। खरीदार को खरीद टालने, कम मेमोरी स्वीकार करने, पहले से पर्याप्त RAM वाला प्री-बिल्ट सिस्टम लेने या DIY अपग्रेड पर बहुत अधिक खर्च करने में से कोई विकल्प चुनना पड़ सकता है।
$3,399 की 128GB DDR5-6400 किट सामान्य अपग्रेड कीमत नहीं, बल्कि एक चरम उदाहरण है। फिर भी, यह बताती है कि कंटेंट क्रिएटर, डेवलपर, वर्चुअल मशीन चलाने वाले उपयोगकर्ता और स्थानीय AI मॉडल इस्तेमाल करने वालों के लिए मेमोरी की अर्थव्यवस्था कितनी बदल गई है।
जिन लोगों को तुरंत PC चाहिए, उनके लिए शुरुआत से पर्याप्त RAM वाला सिस्टम लेना बेहतर हो सकता है, बजाय इसके कि भविष्य में सस्ता अपग्रेड मिलने की उम्मीद की जाए। जिनकी खरीदारी टाली जा सकती है, उनके लिए फैसला कठिन है: इंतजार करने से चरम कीमतों से बचा जा सकता है, लेकिन मौजूदा DRAM पूर्वानुमान जल्द राहत का संकेत नहीं देते।
मेमोरी संकट अपने भीतर एक उलटा चक्र भी पैदा कर सकता है। कीमतें और बढ़ने के डर से वितरक, निर्माता और बड़े खरीदार जरूरत से अधिक ऑर्डर कर सकते हैं। अगर बाद में AI मांग धीमी पड़ती है या नई क्षमता अनुमान से जल्दी आती है, तो यही ऑर्डर अतिरिक्त इन्वेंटरी में बदल सकते हैं। खासकर NAND में तब कीमतों में तेज गिरावट संभव है, क्योंकि मौजूदा अनुमान पहले ही संभावित ओवरसप्लाई की ओर इशारा करते हैं।
यह भविष्य का जोखिम है, इस बात का प्रमाण नहीं कि मौजूदा DRAM संकट अभी किसी सट्टेबाजी के बुलबुले में बदल चुका है। फिलहाल तस्वीर मिश्रित है: AI मांग और उत्पादन क्षमता का पुनर्वितरण DRAM को तंग रख रहे हैं, जबकि NAND पहले ढीला पड़ सकता है।
AI डेटा सेंटरों का निर्माण मेमोरी बाजार को दो तरफ से दबा रहा है—मांग बढ़ाकर और उत्पादन क्षमता को AI-केंद्रित उत्पादों की ओर मोड़कर। जर्मनी में DDR5 इंडेक्स का जुलाई 2025 के आधार से 4.86 गुना होना, कुछ अमेरिकी किट की असाधारण कीमतें, एक तिमाही में कॉन्ट्रैक्ट DRAM कीमतों में करीब 100% तक की वृद्धि और IDC द्वारा दर्ज PC शिपमेंट में 4.9% गिरावट इस दबाव के ठोस संकेत हैं।
उपभोक्ताओं के लिए सही निष्कर्ष यह नहीं है कि “हर RAM की कीमत 500% बढ़ गई है।” वृद्धि उत्पाद और बाजार के अनुसार अलग-अलग है। DRAM की कमी 2028 तक जारी रहने की आशंका है, जबकि NAND बाद में संतुलन या अतिरिक्त सप्लाई की ओर जा सकता है। तब तक PC खरीदते समय केवल शुरुआती कीमत नहीं, बल्कि पूरी RAM और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन तथा भविष्य के अपग्रेड खर्च को भी ध्यान में रखना समझदारी होगी।