इसी कारण वॉशिंगटन चाहता है कि यह भंडार किसी तीसरे देश को भेज दिया जाए या कम से कम ईरान के प्रत्यक्ष नियंत्रण से बाहर रखा जाए। इससे:
लेकिन ईरान की नई स्थिति इसके उलट है। यूरेनियम को देश के भीतर रखने से तेहरान अपनी रणनीतिक पकड़ और तकनीकी क्षमता बनाए रखता है, जिससे वार्ता में उसका दबाव बना रहता है।
यूरेनियम का सवाल इतना संवेदनशील है कि यही तय कर सकता है कि समझौता होगा या नहीं। यदि ईरान अपना भंडार बाहर भेजने से इंकार करता है, तो अमेरिकी वार्ताकारों के सामने दो ही रास्ते बचते हैं:
परमाणु अप्रसार (नॉन‑प्रोलिफरेशन) के विशेषज्ञों के अनुसार, किसी देश से संवेदनशील परमाणु सामग्री को हटाना सबसे मजबूत सुरक्षा उपायों में से एक माना जाता है। इसलिए यह मुद्दा वार्ता का सबसे कठिन हिस्सा बन गया है।
कूटनीतिक घटनाक्रमों का असर सबसे पहले ऊर्जा बाजार पर दिख रहा है। मध्य पूर्व वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए निवेशक हर संकेत पर तुरंत प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
जब बाजार को लगा कि अमेरिका और ईरान समझौते के करीब हैं, तब तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को उम्मीद थी कि क्षेत्र से तेल की आपूर्ति सामान्य हो सकती है।
लेकिन जब वार्ता में रुकावट की खबरें आईं, तो रुख उलट गया। उदाहरण के लिए, अमेरिका द्वारा ईरान के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद तेल की कीमत लगभग 4 डॉलर प्रति बैरल बढ़ गई।
हाल की खबर—कि ईरान संवर्धित यूरेनियम देश में ही रखेगा—ने भी बाजार को झटका दिया। इसके बाद:
निवेशकों ने इसे इस संकेत के रूप में देखा कि समझौता शायद अभी दूर है।
जहां तेल ऊपर गया, वहीं शेयर बाजार में सतर्कता दिखाई दी। रिपोर्ट आने के बाद अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में गिरावट देखी गई।
आमतौर पर जब भू‑राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक जोखिम वाले निवेश—जैसे शेयर—से पैसा निकालकर सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर झुकते हैं। यही कारण है कि ऐसे समय में तेल और ऊर्जा संपत्तियां ऊपर जाती हैं जबकि इक्विटी बाजार दबाव में आते हैं।
ईरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर विवाद दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में तकनीकी विवरण भी राजनीतिक रूप से निर्णायक बन सकते हैं।
जब तक इन दोनों दृष्टिकोणों के बीच कोई मध्य मार्ग नहीं निकलता, तब तक यह मुद्दा समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बना रहेगा—और वैश्विक बाजार हर नई खबर पर इसी तरह प्रतिक्रिया देते रहेंगे।