PwC की Global Data Centre Outlook रिपोर्ट के केंद्रीय परिदृश्य में 2026 से 2050 तक डेटा सेंटरों पर कुल 31.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के पूंजीगत खर्च का अनुमान है—यानी 31.6 लाख करोड़ डॉलर। यह कोई तय निवेश प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि भविष्य का अनुमान है। AI को अपनाने की रफ्तार के आधार पर संभावित कुल खर्च करीब 22 ट्रिलियन से लगभग 50 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकता है।
12
सालाना खर्च कितनी तेजी से बढ़ सकता है?
PwC के मुताबिक वैश्विक डेटा सेंटर खर्च 2026 में लगभग 800 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 में 1.1 ट्रिलियन डॉलर और 2050 तक हर साल 1.8 ट्रिलियन डॉलर हो सकता है। करीब 50 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा तेज AI अपनाने वाले परिदृश्य से जुड़ा है, केंद्रीय अनुमान से नहीं।
12
रिपोर्ट इस निवेश चक्र की तुलना रेलवे, विद्युतीकरण और इंटरनेट के शुरुआती विस्तार से करती है। फर्क यह है कि डेटा सेंटर बन जाने के बाद निवेश थमने की उम्मीद नहीं: चिप और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के अन्य उपकरणों को हर कुछ साल में अपग्रेड करना पड़ता है।
2
5
अनुमानित निवेश किन क्षेत्रों में जाएगा?
केंद्रीय अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में कुल 15.1 ट्रिलियन डॉलर, यानी वैश्विक खर्च का करीब 48%, निवेश हो सकता है। इसके बाद एशिया-प्रशांत में 8.2 ट्रिलियन डॉलर, यूरोप में 5.6 ट्रिलियन डॉलर, मध्य पूर्व में 1.1 ट्रिलियन डॉलर और अफ्रीका में 255 अरब डॉलर का संचयी पूंजीगत खर्च अनुमानित है। ये सभी आंकड़े 2050 तक की अवधि के हैं।
1
5
यहां निवेश कहां होगा और नई मांग कहां से आएगी—इन दोनों बातों में अंतर है। PwC के अनुसार चीन और भारत से अतिरिक्त मांग का बड़ा हिस्सा आ सकता है। इसकी वजह उनकी बड़ी आबादी, बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्थाएं और कारोबार तथा रोजमर्रा के इस्तेमाल में AI के अधिक फैलने की गुंजाइश है। फिर भी, अनुमानित निवेश के मामले में अमेरिका सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है।
9
16
पैसा किन चीजों पर खर्च होगा?
निवेश का मकसद AI जैसे कामों के लिए जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता तैयार करना है। इसमें डेटा सेंटर की इमारतें और सहायक ढांचा ही नहीं, बल्कि सर्वर, चिप, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरण भी शामिल हैं।
12
21
PwC के अनुमान में ICT उपकरणों का हिस्सा बढ़ता जाएगा। रिपोर्ट के एक सारांश के अनुसार, 2050 तक डेटा सेंटर निवेश में इन उपकरणों की हिस्सेदारी आज के 70% से बढ़कर 93% हो सकती है।
7
यही लगातार उपकरण बदलने की जरूरत इस निवेश को एक बार की निर्माण लहर से अलग बनाती है। डेटा सेंटर चालू हो जाने के बाद भी कंप्यूटिंग हार्डवेयर अपग्रेड करने के लिए आगे पूंजी लग सकती है।
5
21
निवेश की राह में कौन-सी अड़चनें आ सकती हैं?
बिजली और स्थानीय मंजूरी: डेटा सेंटरों को बड़े पैमाने पर बिजली चाहिए। इसलिए बिजली की उपलब्धता यह तय कर सकती है कि कौन-सी जगह परियोजना के लिए व्यवहार्य है। स्थानीय विरोध से भी निर्माण में देरी हो सकती है या परियोजनाएं रुक सकती हैं; रिपोर्ट पर हुई कवरेज में ऐसी बाधाओं का सामना करने वाली परियोजनाओं का जिक्र है।
6
8
डेटा संप्रभुता: डेटा कहां रखा जाए, इससे जुड़े नियम और सरकारी रणनीतियां भी निवेश को खास क्षेत्रों की ओर मोड़ सकती हैं। PwC के अनुसार, संप्रभु AI क्षमता विकसित करने की रणनीतियां यूरोप और मध्य पूर्व में निवेश को बढ़ावा दे रही हैं।
5
22
सेमीकंडक्टर आपूर्ति: डेटा सेंटरों को कंप्यूटिंग क्षमता देने के लिए उन्नत चिप चाहिए। PwC ने सेमीकंडक्टर के व्यापार प्रवाह को निवेश के क्षेत्रीय बंटवारे को प्रभावित करने वाला कारक बताया है। आपूर्ति में रुकावट या कमी से परियोजनाओं की तैनाती और उनकी जगह—दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
12
22
इसलिए 31.6 ट्रिलियन डॉलर को तय नतीजे के बजाय एक अनुमानित परिदृश्य के रूप में देखना चाहिए। AI कितनी तेजी से अपनाया जाता है, यह अहम होगा; लेकिन बिजली, चिप और परियोजनाओं को मंजूरी मिलने जैसी व्यावहारिक शर्तें भी तय करेंगी कि निवेश कितना और कहां होगा।