Oracle की इंटीग्रेशन योजना बैंकों के अपने टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट को Swift के लेजर से समन्वित सीमा पार पेमेंट प्रवाह में जोड़ने की है—मौजूदा पेमेंट सिस्टम की जगह लेने की नहीं। Oracle Blockchain Platform लेजर से कनेक्शन में मदद करता है; Digital Assets Data Nexus डिजिटल एसेट लेन देन को ISO 20022 पेमेंट ऑपरेशंस से जोड़ता ह...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How does Oracle’s integration with Swift’s blockchain-based ledger, announced at Sibos 2026 in Miami, enable banks to connect tokenized depo. Article summary: Oracle’s Sibos 2026 announcement describes a bridge, not a replacement for banks’ payment systems: banks could keep tokenized deposits on their own infrastructure, connect to payment flows coordinated through Swift’s blo. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
बैंक डिजिटल डिपॉज़िट को टोकन के रूप में इस्तेमाल करना चाहें, तो चुनौती सिर्फ नई तकनीक अपनाने की नहीं होती—उसे दूसरे बैंकों और रोज़मर्रा के पेमेंट सिस्टम से भी जोड़ना पड़ता है। Oracle की Swift के ब्लॉकचेन-आधारित लेजर के साथ घोषित इंटीग्रेशन इसी कड़ी पर काम करने के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य बैंकों के अपने टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट को Swift के जरिए समन्वित सीमा-पार पेमेंट प्रवाह में शामिल करना है, जबकि मौजूदा पेमेंट संचालन बना रहे। Oracle ने 28 सितंबर 2026 को मियामी में Sibos के दौरान इसकी घोषणा की। 32
यहाँ टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट से आशय बैंक के डिपॉज़िट को डिजिटल टोकन के रूप में दर्शाने से है। योजना के मुताबिक, बैंक अपने डिजिटल-एसेट ढाँचे का इस्तेमाल कर सकेंगे और Swift का लेजर अलग-अलग बैंकों के बीच पेमेंट गतिविधि के समन्वय में भूमिका निभाएगा। Oracle का कहना है कि इससे पारंपरिक और डिजिटल-एसेट पेमेंट को एक साझा ऑपरेटिंग मॉडल में संभालने में मदद मिल सकती है। 21
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इंटीग्रेशन को तीन हिस्सों के मेल के रूप में समझा जा सकता है: बैंक का अपना टोकनाइज़्ड-डिपॉज़िट ढाँचा, बैंकों के बीच गतिविधि के समन्वय के लिए Swift का लेजर, और बैंक का मौजूदा पेमेंट ऑपरेशन। Oracle के अनुसार, यह व्यवस्था मौजूदा पेमेंट सेवाओं को इंटरऑपरेबल टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट के साथ आगे बढ़ाने के लिए है। 32
यानी प्रस्ताव यह नहीं है कि हर बैंक अपना डिपॉज़िट या पेमेंट किसी एक साझा ब्लॉकचेन पर ले जाए। Oracle की घोषणा में बैंक अपने डिजिटल-एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हैं, जबकि Swift का लेजर सीमा-पार पेमेंट प्रवाह के समन्वय में मदद करता है। 21
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ISO 20022 पेमेंट संदेशों के आदान-प्रदान के लिए इस्तेमाल होने वाला ढाँचा है। इस संदर्भ में इसकी अहमियत यह है कि डिजिटल-एसेट लेन-देन को बैंक के मौजूदा पेमेंट ऑपरेशंस से जोड़ने का रास्ता मिलता है। 19
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Oracle की घोषणा Swift की व्यापक लेजर पहल का एक हिस्सा है। Swift के मुताबिक, वह अपने ब्लॉकचेन-आधारित लेजर पर 40 से अधिक वित्तीय संस्थानों के साथ काम कर रहा है। 5 शुरुआती इस्तेमाल के लिए 17 बैंक टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट के साथ लाइव ट्रांज़ैक्शन का पायलट तैयार कर रहे थे। इसका शुरुआती फोकस 24/7 सीमा-पार पेमेंट है।
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ये आँकड़े अलग-अलग समूहों और चरणों को बताते हैं: 40 से अधिक संस्थान व्यापक पहल में शामिल हैं, जबकि 17 बैंक शुरुआती पायलट ट्रांज़ैक्शन की तैयारी कर रहे थे। इन संख्याओं का यह अर्थ नहीं है कि सभी संस्थान पहले से उत्पादन स्तर पर टोकनाइज़्ड-डिपॉज़िट पेमेंट प्रोसेस कर रहे हैं। 5
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इस इंटीग्रेशन का मुख्य लक्ष्य इंटरऑपरेबिलिटी है: बैंक अपने डिजिटल-एसेट लेन-देन को उस पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ सकें जिसका वे पहले से उपयोग करते हैं, और Swift का लेजर अलग-अलग बैंकों के बीच समन्वय करे। Oracle इसे पारंपरिक और डिजिटल-एसेट पेमेंट को एक साझा ऑपरेटिंग मॉडल में संभालने का तरीका बताता है। 21
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फिलहाल सार्वजनिक घोषणाएँ योजनाबद्ध क्षमताओं और पायलट गतिविधियों का विवरण देती हैं; वे हर जगह उपलब्ध सेवा का प्रमाण नहीं हैं। Swift का शुरुआती इस्तेमाल 24/7 सीमा-पार पेमेंट पर केंद्रित है। व्यापक लक्ष्य डिजिटल एसेट को अलग-अलग संस्थानों के बीच और पारंपरिक पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ काम करने योग्य बनाना है। 9
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Oracle की इंटीग्रेशन योजना बैंकों के अपने टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट को Swift के लेजर से समन्वित सीमा पार पेमेंट प्रवाह में जोड़ने की है—मौजूदा पेमेंट सिस्टम की जगह लेने की नहीं।
Oracle की इंटीग्रेशन योजना बैंकों के अपने टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट को Swift के लेजर से समन्वित सीमा पार पेमेंट प्रवाह में जोड़ने की है—मौजूदा पेमेंट सिस्टम की जगह लेने की नहीं। Oracle Blockchain Platform लेजर से कनेक्शन में मदद करता है; Digital Assets Data Nexus डिजिटल एसेट लेन देन को ISO 20022 पेमेंट ऑपरेशंस से जोड़ता है; और Oracle Banking Payments मौजूदा पेमेंट प्रोसेसिंग का रास्ता देता है।
Swift के व्यापक प्रयास में 40 से अधिक वित्तीय संस्थान शामिल हैं। शुरुआती उपयोग का फोकस टोकनाइज़्ड डिपॉज़िट के साथ 24/7 सीमा पार पेमेंट पर है; 17 बैंक लाइव ट्रांज़ैक्शन का पायलट तैयार कर रहे थे।