इस लैब का खास फोकस उन नेटवर्किंग सिस्टम्स पर है जो संभाल सकें:
इस लैब का एक बड़ा आउटपुट है Nokia Validated Designs (NVDs)—यानी ऐसे प्री‑टेस्टेड आर्किटेक्चर ब्लूप्रिंट जो AI नेटवर्किंग वातावरण के लिए पहले से वैलिडेट किए गए होते हैं।
इसका फायदा यह है कि हाइपरस्केल क्लाउड कंपनियां, एंटरप्राइज और सेवा प्रदाता अपने डेटा‑सेंटर बनाते समय सब कुछ शून्य से जोड़ने के बजाय सीधे इन संदर्भ आर्किटेक्चर को अपनाकर काम तेज़ कर सकते हैं।
इस तरीके से:
लैब मूल रूप से एक प्रूविंग ग्राउंड है, जहां पार्टनर कंपनियां अपनी तकनीकों को Nokia नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर AI‑स्केल पर उनका प्रदर्शन जांच सकती हैं।
AI मॉडल जितने बड़े होते जा रहे हैं, उतना ही ज्यादा महत्व नेटवर्किंग को मिल रहा है। बड़े मॉडल को ट्रेन करने के लिए हजारों GPU को बेहद तेज नेटवर्क फैब्रिक से जोड़ना पड़ता है।
यदि नेटवर्क की बैंडविड्थ या लेटेंसी कमजोर हो, तो पूरी ट्रेनिंग प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसी वजह से क्लाउड प्रदाता हाई‑कैपेसिटी स्विचिंग और ऑप्टिकल नेटवर्किंग सिस्टम्स में भारी निवेश कर रहे हैं।
Nokia इसी अवसर को लक्ष्य बना रहा है और अपने डेटा‑सेंटर स्विचिंग, IP राउटिंग और ऑप्टिकल नेटवर्किंग समाधान को AI वातावरण के लिए मुख्य घटक के रूप में पेश कर रहा है।
सनीवेल लैब Nokia की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें कंपनी पारंपरिक टेलीकॉम उपकरण निर्माता से AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लायर बनने की ओर बढ़ रही है।
2026 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम इस बदलाव को स्पष्ट दिखाते हैं:
यह मांग मुख्यतः उन हाइपरस्केल क्लाउड कंपनियों से आ रही है जो दुनिया भर में नए AI डेटा‑सेंटर बना रही हैं।
Nokia के AI विस्तार को एक और बड़ा सहारा मिला जब Nvidia ने 2025 में कंपनी में $1 बिलियन का निवेश किया, जिससे उसे लगभग 2.9% हिस्सेदारी मिली।
दोनों कंपनियां AI नेटवर्किंग समाधान और अगली पीढ़ी के वायरलेस सिस्टम—जैसे AI‑सक्षम 5G‑Advanced और 6G—पर सहयोग कर रही हैं।
हालांकि सनीवेल लैब सीधे Nvidia द्वारा वित्तपोषित नहीं है, लेकिन इसका लक्ष्य उसी बड़े विज़न से जुड़ा है: AI कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म को जोड़ने वाली मजबूत नेटवर्किंग रीढ़ बनाना।
लंबे समय तक Nokia को मुख्यतः एक टेलीकॉम नेटवर्क उपकरण निर्माता के रूप में देखा जाता था। लेकिन AI डेटा‑सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती हिस्सेदारी ने इस धारणा को बदलना शुरू कर दिया है।
विश्लेषकों और निवेशकों के लिए अब कंपनी का नया रूप सामने आ रहा है—एक ऐसा खिलाड़ी जो AI‑संचालित डेटा‑सेंटर नेटवर्किंग, ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट और हाई‑स्पीड नेटवर्क फैब्रिक्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सनीवेल का AI Networking Innovation Lab मूल रूप से उन नेटवर्कों की प्रोटोटाइप फैक्टरी है जो आने वाले AI युग को शक्ति देंगे।
एक ही जगह पर हार्डवेयर निर्माता, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियां और टेस्टिंग विशेषज्ञों को जोड़कर Nokia नई तकनीकों को प्रयोग से वास्तविक तैनाती तक जल्दी पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
अगर AI वर्कलोड इसी गति से बढ़ते रहे, तो भविष्य में GPU चिप्स जितने महत्वपूर्ण होंगे, उतने ही महत्वपूर्ण होंगे वे नेटवर्क जो उन्हें जोड़ते हैं—और Nokia इसी स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है।
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