कार्बन‑रिमूवल उद्योग के लिए यह भी अहम है। Microsoft इस बाजार के सबसे बड़े खरीदारों में से एक रहा है, और उसके लंबे अनुबंध प्रोजेक्ट डेवलपर्स को फंडिंग जुटाने और नई परियोजनाएँ बनाने में मदद करते हैं।
BioCirc की तकनीक को BECCS (Bioenergy with Carbon Capture and Storage) कहा जाता है। इसका उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन के साथ‑साथ वातावरण से कार्बन हटाना है।
इस प्रक्रिया के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
क्योंकि यह कार्बन हाल ही में उगी बायोमास (पौधों) से आया होता है—जिसने पहले वातावरण से CO₂ अवशोषित किया था—इसे स्थायी रूप से संग्रहित करना वास्तव में वातावरण से कार्बन हटाने जैसा माना जाता है। इसी आधार पर कार्बन‑रिमूवल क्रेडिट बनाए जाते हैं।
Microsoft की जलवायु रणनीति के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की ऊर्जा जरूरतें हैं।
रिपोर्टों के अनुसार कंपनी का कुल कार्बन उत्सर्जन 2020 के बाद से 23% से अधिक बढ़ चुका है, जिसका मुख्य कारण नए डेटा‑सेंटर निर्माण और उनसे जुड़ी सप्लाई चेन है ।
डेटा‑सेंटर को लगातार चलने वाली भारी मात्रा में बिजली चाहिए। जनरेटिव AI के बढ़ते उपयोग के कारण वैश्विक स्तर पर डेटा‑सेंटर की बिजली मांग अगले दशक में तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है ।
इससे एक समस्या पैदा होती है: भले ही कंपनियाँ नवीकरणीय ऊर्जा खरीदें या कार्बन‑रिमूवल प्रोजेक्ट्स में निवेश करें, लेकिन कुल उत्सर्जन कम करना फिर भी कठिन हो सकता है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर को जल्दी तैयार करने की दौड़ में कुछ टेक कंपनियाँ गैस आधारित बिजली परियोजनाओं से भी ऊर्जा सुनिश्चित कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार Microsoft ने AI डेटा‑सेंटर चलाने के लिए बड़े पैमाने पर मीथेन‑गैस आधारित बिजली क्षमता से जुड़े समझौते भी किए हैं ।
अगर नए डेटा‑सेंटर लंबे समय तक जीवाश्म ईंधन से चलने लगते हैं, तो इससे उत्सर्जन तेजी से बढ़ सकता है—और कार्बन‑रिमूवल प्रोजेक्ट्स की क्षमता उससे पीछे रह सकती है। विश्लेषकों के अनुसार इससे कॉर्पोरेट जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना कठिन हो सकता है।
Microsoft ने 2020 में घोषणा की थी कि वह 2030 तक कार्बन‑नेगेटिव बनेगा—यानि हर साल जितना कार्बन वह उत्सर्जित करेगा उससे अधिक मात्रा वातावरण से हटाएगा ।
इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी को तीन मोर्चों पर एक साथ काम करना होगा:
BioCirc जैसी डील तीसरे हिस्से को मजबूत करती है। लेकिन 650,000 टन का पैमाना Microsoft के कुल उत्सर्जन की तुलना में छोटा है—खासकर तब जब AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा हो।
BioCirc के साथ Microsoft का यह समझौता साफ संकेत देता है कि कंपनी ने कार्बन‑रिमूवल रणनीति को छोड़ा नहीं है। BECCS जैसी तकनीकों में निवेश जारी है, जो वातावरण से CO₂ को स्थायी रूप से हटाने का दावा करती हैं।
लेकिन बड़ी तस्वीर अधिक जटिल है। AI‑चालित डेटा‑सेंटर विस्तार से ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में Microsoft के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या वह शून्य‑कार्बन बिजली और बड़े पैमाने पर कार्बन‑रिमूवल को उतनी ही तेजी से बढ़ा सकता है जितनी तेजी से उसका AI इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ रहा है।
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