माइक्रोसॉफ्ट ने डेनमार्क की BioCirc से 2026–2032 के बीच 650,000 टन स्थायी कार्बन रिमूवल खरीदने का सात साल का समझौता किया है। CO₂ को डेनमार्क के पांच बायोगैस प्लांट से पकड़कर Greensand Future प्रोजेक्ट के जरिए नॉर्थ सी में Nini West तेल क्षेत्र के नीचे स्टोर किया जाएगा। यह समझौता खास इसलिए है क्योंकि इससे पहले खबरें...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How does Microsoft’s new seven‑year deal with Danish BECCS company BioCirc to purchase up to 650,000 carbon removal units from 2026–2032 wor. Article summary: Microsoft’s seven-year BioCirc agreement is a BECCS-based carbon removal purchase: BioCirc will deliver up to 650,000 Carbon Removal Units from 2026 to 2032, corresponding to 650,000 tonnes of permanent CO₂ removal, usin. Topic tags: general, general web, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "In a landmark deal, Ørsted will sell a further one million tonnes of carbon removal over a ten-year period to Microsoft from Avedøre Power Station, which is part of the bioenergy c" source context "Ørsted enters into new major agreement on carbon removal with ..." Reference image 2: visual subject "# Microsoft signs
माइक्रोसॉफ्ट ने डेनमार्क की बायोएनर्जी कंपनी BioCirc के साथ सात साल का समझौता किया है, जिसके तहत कंपनी 2026 से 2032 के बीच अधिकतम 650,000 टन स्थायी कार्बन रिमूवल खरीदेगी। यह कार्बन डेनमार्क के बायोगैस प्लांट्स से कैप्चर किया जाएगा और बाद में डेनिश नॉर्थ सी के नीचे भूगर्भीय भंडारण में सुरक्षित रखा जाएगा।
यह समझौता तीन उभरती जलवायु तकनीकों—बायोगैस, कार्बन कैप्चर और ऑफशोर भूगर्भीय स्टोरेज—को एक साथ जोड़कर एक पूरी कार्बन‑रिमूवल सप्लाई चेन बनाता है।
समझौते के तहत BioCirc अगले सात वर्षों में 650,000 टन CO₂ के बराबर Carbon Removal Units (CRUs) प्रदान करेगा।
ये हटाव BECCS (Bioenergy with Carbon Capture and Storage) तकनीक से होंगे। इस प्रक्रिया में बायोमास से ऊर्जा बनाते समय निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण में छोड़ने के बजाय पकड़कर स्थायी रूप से संग्रहित किया जाता है। क्योंकि यह कार्बन हाल ही में उगी बायोमास से आता है, इसे पकड़कर स्टोर करने से वास्तविक “नेट कार्बन रिमूवल” संभव होता है।
BioCirc डेनमार्क में अपने पांच बायोगैस प्लांट्स से CO₂ कैप्चर करने की योजना बना रहा है। इन प्लांट्स में कृषि अपशिष्ट और अन्य जैविक पदार्थों से बायोमीथेन गैस बनाई जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान बनने वाली बायोजेनिक CO₂ को अब वातावरण में छोड़ने के बजाय कैप्चर कर स्टोरेज के लिए तैयार किया जाएगा।
इसके बाद इन कैप्चर किए गए टनों को 2026 से 2032 तक माइक्रोसॉफ्ट को कार्बन रिमूवल क्रेडिट के रूप में दिया जाएगा।
कैप्चर के बाद CO₂ को Greensand Future नामक ऑफशोर कार्बन स्टोरेज प्रोजेक्ट के माध्यम से समुद्र के नीचे स्थायी रूप से रखा जाएगा।
इस प्रक्रिया के मुख्य चरण इस तरह हैं:
• CO₂ को पहले तरल (liquefied) बनाया जाएगा और डेनमार्क के Esbjerg बंदरगाह तक लाया जाएगा।
• वहां से विशेष जहाजों द्वारा इसे समुद्र में ले जाया जाएगा।
• अंत में इसे डेनिश नॉर्थ सी के Nini West नामक समाप्त हो चुके तेल क्षेत्र के गहरे भूगर्भीय भंडार में इंजेक्ट किया जाएगा।
ऐसे भूगर्भीय भंडारों में CO₂ को समुद्र तल से हजारों मीटर नीचे छिद्रयुक्त चट्टानों में रखा जाता है, जिनके ऊपर अभेद्य चट्टान की परत होती है। इससे गैस लंबे समय तक बंद रहती है।
Greensand Future परियोजना की शुरुआती योजना लगभग 0.3 मिलियन टन CO₂ प्रति वर्ष आठ वर्षों तक स्टोर करने की है—यानी कुल मिलाकर लगभग 2.4 मिलियन टन स्थायी भंडारण क्षमता।
इस परियोजना का संचालन INEOS Energy कर रही है, और इसके साझेदारों में Harbour Energy तथा डेनमार्क की सरकारी कंपनी Nordsøfonden शामिल हैं। स्टोरेज ऑपरेशन 2025–2026 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है, जिससे यह यूरोपीय संघ की शुरुआती बड़े पैमाने की CO₂ स्टोरेज परियोजनाओं में से एक बन सकती है।
यह डील इसलिए चर्चा में आई क्योंकि इससे पहले रिपोर्ट्स में कहा गया था कि माइक्रोसॉफ्ट नए कार्बन रिमूवल कॉन्ट्रैक्ट्स को अस्थायी रूप से रोक रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट दुनिया का सबसे बड़ा कॉरपोरेट खरीदार माना जाता है जो स्थायी कार्बन रिमूवल क्रेडिट खरीदता है। शुरुआती बाजार में BECCS और डायरेक्ट एयर कैप्चर जैसी तकनीकों की मांग का बड़ा हिस्सा इसी कंपनी से आया है।
ऐसे में यह नया बहुवर्षीय समझौता संकेत देता है कि कंपनी कार्बन‑रिमूवल सेक्टर से पीछे नहीं हट रही, बल्कि अपनी रणनीति को परिष्कृत कर रही है। डेवलपर्स के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि कई प्रोजेक्ट्स को फंडिंग पाने के लिए लंबे समय के खरीद समझौतों की जरूरत होती है।
माइक्रोसॉफ्ट ने लक्ष्य रखा है कि वह 2030 तक “कार्बन नेगेटिव” बनेगी—यानी जितना कार्बन उत्सर्जन करती है उससे ज्यादा हटाएगी। साथ ही 2050 तक 1975 में स्थापना के बाद से हुए अपने सभी ऐतिहासिक उत्सर्जन को भी हटाने का लक्ष्य है।
इस रणनीति के तीन मुख्य हिस्से हैं:
• अपने संचालन और सप्लाई चेन से उत्सर्जन कम करना
• कार्बन‑फ्री बिजली का उपयोग बढ़ाना
• बचे हुए उत्सर्जन को संतुलित करने के लिए कार्बन रिमूवल तकनीकों का विस्तार
BECCS जैसी तकनीकों को इसलिए अहम माना जाता है क्योंकि वे कार्बन को सदियों तक स्थायी रूप से सुरक्षित रख सकती हैं, जबकि कई पारंपरिक ऑफसेट अस्थायी होते हैं।
हालांकि चुनौती भी है: हाल के वर्षों में AI और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर के तेज विस्तार के कारण माइक्रोसॉफ्ट के कुल उत्सर्जन में वृद्धि हुई है, खासकर नए डेटा सेंटरों के निर्माण और सप्लाई चेन से जुड़े उत्सर्जन के कारण।
यह समझौता भौगोलिक रूप से भी माइक्रोसॉफ्ट की डेनमार्क में बढ़ती मौजूदगी से मेल खाता है।
2026 में कंपनी ने Denmark East नाम का क्लाउड डेटा‑सेंटर क्षेत्र शुरू किया, जिसमें Høje Taastrup, Køge और Roskilde में कैंपस शामिल हैं। ये स्थानीय संगठनों को Azure क्लाउड सेवाएं प्रदान करते हैं।
इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट पश्चिमी डेनमार्क में दूसरा डेटा‑सेंटर क्षेत्र बनाने की भी योजना बना रही है, जो देश में उसके सबसे बड़े निवेशों में से एक है।
ऐसे में डेनमार्क के बायोएनर्जी प्लांट्स और नॉर्थ सी स्टोरेज से जुड़े कार्बन रिमूवल क्रेडिट खरीदना कंपनी के स्थानीय डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और जलवायु प्रयासों को एक तरह से जोड़ता है।
माइक्रोसॉफ्ट और BioCirc का यह समझौता दिखाता है कि कार्बन‑रिमूवल उद्योग अब एक पूरी वैल्यू‑चेन के रूप में विकसित हो रहा है:
• बायोमास ऊर्जा प्रणालियों से CO₂ कैप्चर
• विशेष लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से परिवहन
• ऑफशोर भूगर्भीय भंडारों में स्थायी स्टोरेज
अगर Greensand जैसी परियोजनाएँ सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर काम करने लगती हैं, तो नॉर्थ सी यूरोप का प्रमुख कार्बन स्टोरेज हब बन सकता है।
तकनीकी कंपनियों के लिए, खासकर AI और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ने के दौर में, ऐसे दीर्घकालिक समझौते भविष्य की जलवायु रणनीतियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।
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माइक्रोसॉफ्ट ने डेनमार्क की BioCirc से 2026–2032 के बीच 650,000 टन स्थायी कार्बन रिमूवल खरीदने का सात साल का समझौता किया है।
माइक्रोसॉफ्ट ने डेनमार्क की BioCirc से 2026–2032 के बीच 650,000 टन स्थायी कार्बन रिमूवल खरीदने का सात साल का समझौता किया है। CO₂ को डेनमार्क के पांच बायोगैस प्लांट से पकड़कर Greensand Future प्रोजेक्ट के जरिए नॉर्थ सी में Nini West तेल क्षेत्र के नीचे स्टोर किया जाएगा।
यह समझौता खास इसलिए है क्योंकि इससे पहले खबरें आई थीं कि माइक्रोसॉफ्ट नए कार्बन रिमूवल कॉन्ट्रैक्ट रोक रहा है, लेकिन यह डील बताती है कि कंपनी अभी भी इस सेक्टर में निवेश कर रही है।