प्लेटफॉर्म का AI वॉइस एजेंट उम्मीदवार से बातचीत करता है और क्रमिक (dynamic) सवाल पूछता है। इन सवालों का उद्देश्य जॉब टाइटल से आगे जाकर यह समझना होता है कि व्यक्ति वास्तव में किस चीज़ में विशेषज्ञ है।
उदाहरण के लिए सिस्टम यह पहचानने की कोशिश करता है:
इंटरव्यू के अलावा Ethos उम्मीदवार के अकादमिक शोधपत्र, GitHub कोड रिपॉज़िटरी, ब्लॉग और अन्य पेशेवर सामग्री का भी विश्लेषण करता है। इससे AI को उस व्यक्ति की क्षमता और ज्ञान का अधिक सटीक चित्र मिलता है।
जब किसी व्यक्ति का विस्तृत विशेषज्ञता प्रोफाइल तैयार हो जाता है, तब Ethos उसे कंपनियों के साथ जोड़ता है जिन्हें खास कौशल की जरूरत होती है।
प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले अवसरों में शामिल हैं:
Ethos के ग्राहक समूह में कथित तौर पर हेज फंड, प्राइवेट इक्विटी फर्म, AI लैब्स और बड़े एंटरप्राइज़ शामिल हैं, जिन्हें रणनीति, रिसर्च या तकनीकी प्रोजेक्ट के लिए विशेष ज्ञान चाहिए होता है।
कंपनियाँ इस प्लेटफॉर्म पर साधारण जॉब‑टाइटल फ़िल्टर के बजाय नेचुरल‑लैंग्वेज क्वेरी लिखकर बता सकती हैं कि उन्हें किस तरह की विशेषज्ञता चाहिए। AI फिर उसी आधार पर सही लोगों को ढूँढने की कोशिश करता है।
Ethos के अनुसार इसका नेटवर्क तेज़ी से बढ़ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक लगभग 35,000 पेशेवर हर हफ्ते प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं, जिनमें वित्त, कंसल्टिंग, हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और कई तकनीकी ट्रेड्स के लोग शामिल हैं।
इतनी तेज़ वृद्धि का एक कारण इसका स्वचालित AI वॉइस‑इंटरव्यू ऑनबोर्डिंग सिस्टम है, जो पारंपरिक एक्सपर्ट नेटवर्क में होने वाली लंबी मैनुअल जांच प्रक्रिया को काफी हद तक तेज कर देता है।
मई 2026 में Ethos ने $22.75 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाई, जिसका नेतृत्व सिलिकॉन वैली की प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्म Andreessen Horowitz (a16z) ने किया। इस राउंड में General Catalyst, XTX Markets और Evantic जैसे निवेशकों ने भी भाग लिया।
कंपनी के अनुसार यह पूंजी मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में लगाई जाएगी:
संस्थापकों का उद्देश्य एक ऐसा “नेक्स्ट‑जेनरेशन एक्सपर्ट नेटवर्क” बनाना है जो केवल रिज़्यूमे या जॉब टाइटल के बजाय वास्तविक ज्ञान और काम के आधार पर लोगों को अवसरों से जोड़ सके।
AI टूल्स के कारण आज आकर्षक रिज़्यूमे और आवेदन सामग्री बनाना पहले से कहीं आसान हो गया है। इससे कंपनियों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि उम्मीदवार वास्तव में कितना सक्षम है।
Ethos का तर्क है कि यदि किसी व्यक्ति की असल काम की सामग्री और गहन बातचीत का विश्लेषण किया जाए, तो उसकी विशेषज्ञता को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
हालाँकि यह मॉडल हर उद्योग में बड़े पैमाने पर कितना सफल होगा, यह अभी देखना बाकी है। लेकिन AI‑आधारित इंटरव्यू, काम के डेटा का विश्लेषण और स्वचालित एक्सपर्ट‑मैचिंग—ये संकेत देते हैं कि भविष्य में टैलेंट मार्केटप्लेस कैसे बदल सकते हैं।
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