यह डील केवल एक तकनीकी आपूर्ति नहीं बल्कि उद्योग साझेदारी को भी मजबूत करती है। Leonardo और ADSB/EDGE पहले भी कई परियोजनाओं में साथ काम कर चुके हैं, और उनके सहयोग से अब तक 25 से अधिक नौसैनिक जहाजों की डिलीवरी हो चुकी है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार Leonardo की भूमिका इन जहाजों को एकीकृत नौसैनिक कॉम्बैट सिस्टम से लैस करने की है।
आमतौर पर ऐसे सिस्टम कई महत्वपूर्ण तकनीकों को जोड़ते हैं, जैसे:
Leonardo दुनिया भर की नौसेनाओं के लिए ऐसे इंटीग्रेटेड कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने के लिए जाना जाता है, जो जहाज पर मौजूद सेंसर, हथियार और मिशन इलेक्ट्रॉनिक्स को एक ही ऑपरेशनल नेटवर्क में जोड़ते हैं।
हालाँकि सार्वजनिक स्रोतों में यह स्पष्ट नहीं बताया गया है कि इस अनुबंध में कौन‑से विशिष्ट रडार, फायर‑कंट्रोल सिस्टम या सॉफ्टवेयर मॉड्यूल शामिल होंगे। रिपोर्टों में केवल इतना पुष्टि किया गया है कि यह Falaj‑3 प्लेटफॉर्म के लिए पूर्ण कॉम्बैट‑सिस्टम लेयर प्रदान करेगा।
यह सबकॉन्ट्रैक्ट एक बड़े नौसैनिक कार्यक्रम का हिस्सा है।
जून 2025 में EDGE Group ने कुवैत के रक्षा मंत्रालय के साथ लगभग $2.45 अरब का समझौता किया था, जिसके तहत कुवैत नौसेना को 62‑मीटर Falaj‑3 मिसाइल बोट्स उपलब्ध कराई जाएँगी।
इस अनुबंध के तहत EDGE की जिम्मेदारियाँ शामिल हैं:
इस पूरी संरचना में भूमिकाएँ लगभग इस प्रकार बंटी हैं:
यह मॉडल आधुनिक नौसैनिक खरीद में आम होता जा रहा है, जहाँ जहाज निर्माता अलग‑अलग विशेषज्ञ कंपनियों की प्रणालियों को एक प्लेटफॉर्म में एकीकृत करते हैं।
यह परियोजना एक बड़े रुझान को भी दिखाती है। पहले खाड़ी देशों की सेनाएँ अक्सर पश्चिमी देशों से सीधे पूरी सैन्य प्रणालियाँ खरीदती थीं। अब स्थिति बदल रही है।
आज कई मामलों में:
कुवैत के Falaj‑3 कार्यक्रम में यही मॉडल दिखाई देता है—जहाँ UAE की औद्योगिक क्षमता और यूरोप की उच्च‑स्तरीय रक्षा तकनीक मिलकर एक संयुक्त परियोजना बना रही हैं।
“Al Dorra” कार्यक्रम यह भी दिखाता है कि आधुनिक नौसैनिक परियोजनाएँ अक्सर बहु‑कंपनी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में चलती हैं:
इस संदर्भ में Leonardo का €320 मिलियन का कॉम्बैट‑सिस्टम अनुबंध कुवैत की नई Falaj‑3 मिसाइल बोट्स के लिए वह तकनीकी आधार प्रदान करेगा जो किसी जहाज को केवल एक प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ाकर पूर्ण युद्ध‑सक्षम नौसैनिक प्रणाली में बदल देता है।
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