AI के लिए डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता पर खर्च बढ़ता रह सकता है, भले ही उस खर्च से मिलने वाला रिटर्न उम्मीद से कम निकले। गोल्डमैन सैक्स के हवाले से प्रकाशित आकलनों का मुख्य सवाल यही है: क्या बढ़ती मांग से इतनी कमाई होगी कि विशाल निवेश की लागत निकले और टिकाऊ मुनाफ़ा भी बचे?
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सालाना 300 अरब डॉलर की कसौटी
गोल्डमैन सैक्स के रणनीतिकार रायन हैमंड का अनुमान है कि बड़े हाइपरस्केलर्स—बहुत बड़े पैमाने पर क्लाउड और कंप्यूटिंग सेवाएं देने वाली कंपनियां—आने वाले वर्षों में अपने AI निवेश की लागत निकालने के लिए करीब 300 अरब डॉलर सालाना AI राजस्व चाहेंगे। यह हर साल की कमाई का लक्ष्य है, कई वर्षों की कमाई जोड़कर बनने वाला आंकड़ा नहीं।
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मांग के संकेत मौजूद हैं, मगर उनके अर्थ अलग-अलग हैं। हैमंड के आकलन के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में इन कंपनियों का क्लाउड राजस्व, सालाना दर पर देखें तो, AI उछाल से पहले के रुझान से करीब 70 अरब डॉलर अधिक था। समूह के घोषित बैकलॉग—यानी भविष्य के लिए दर्ज कारोबार—का मूल्य 1.5 लाख करोड़ डॉलर से अधिक है।
7 लेकिन 70 अरब डॉलर अतिरिक्त क्लाउड राजस्व है, रिपोर्ट किया गया कुल AI राजस्व नहीं। इसी तरह बैकलॉग अभी अर्जित राजस्व नहीं है। इसलिए इन आंकड़ों को 300 अरब डॉलर की सालाना कसौटी से सीधे नहीं मिलाया जा सकता: यह भी जानना होगा कि कारोबार कब और कितनी कमाई में बदलेगा, तथा उससे कितना मुनाफ़ा बचेगा।
लागत निकालना और अच्छा रिटर्न पाना अलग बातें हैं
गोल्डमैन से जुड़े एक अलग आकलन के मुताबिक, छह तकनीकी कंपनियों को 2026–2027 के AI कंप्यूट निवेश पर निवेशित पूंजी से 15% सालाना रिटर्न हासिल करने के लिए 2028–2030 के दौरान कुल लगभग 1.42 लाख करोड़ डॉलर का राजस्व चाहिए होगा। प्रकाशित विवरण इसे प्रति गीगावॉट कंप्यूटिंग क्षमता पर करीब 11.6 अरब डॉलर सालाना राजस्व के बराबर बताते हैं।
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21 यह हैमंड के 300 अरब डॉलर वाले अनुमान का नया संस्करण नहीं है: कंपनियों का समूह, गणना की अवधि और अपेक्षित रिटर्न अलग हैं।
इस बड़े आंकड़े का नामकरण भी सावधानी मांगता है। एक रिपोर्ट की हेडलाइन 1.42 लाख करोड़ डॉलर को ‘अतिरिक्त आय’ कहती है, जबकि अन्य विवरण इसे कुल राजस्व बताते हैं। गोल्डमैन का मूल मॉडल उपलब्ध न होने पर इसकी सटीक परिभाषा और मान्यताओं की पुष्टि नहीं की जा सकती।
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हैमंड का अनुमान क्लाउड कंपनियों से आगे, AI सेवाओं के खरीदारों तक जाता है: क्लाउड प्रदाताओं को ठोस रिटर्न मिलने और AI ऐप बनाने वाली कंपनियों के पास पर्याप्त मुनाफ़ा बचने के लिए उपयोगकर्ताओं को ऐप पर करीब 1 लाख करोड़ डॉलर सालाना खर्च करना पड़ सकता है।
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13 ऐप पर खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर से कमाई एक ही कारोबारी शृंखला के जुड़े हुए हिस्से हैं; इन्हें जोड़कर अलग-अलग मांग का कुल आंकड़ा नहीं समझना चाहिए।
खर्च बढ़े तो कमाई की कसौटी भी ऊंची होगी
गोल्डमैन के अनुमान के मुताबिक, अमेज़न, माइक्रोसॉफ़्ट, अल्फाबेट, मेटा और ओरेकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 2026 में करीब 800 अरब डॉलर और 2027 में करीब 1.2 लाख करोड़ डॉलर खर्च करेंगे। 2027 के लिए बाज़ार का साझा अनुमान करीब 1.1 लाख करोड़ डॉलर बताया गया है।
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37 यानी सिर्फ राजस्व बढ़ना पर्याप्त नहीं; उसे हासिल करने के लिए लग रही पूंजी भी साथ में देखनी होगी।
शेयर बाज़ार का जोखिम केवल महंगे मूल्यांकन तक सीमित नहीं है। गोल्डमैन के रणनीतिकार पीटर ओपेनहाइमर ने AI से जुड़ी कमाई का बुलबुला बनने की आशंका जताई है: अगर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च धीमा पड़ा या उससे पर्याप्त कमाई नहीं हुई, तो आज के निर्माण-चक्र से सहारा पा रहे मुनाफ़े टिकाऊ न रहें।
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41 दूसरी ओर, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट के ल्यूक बार्स ने इस पूंजीगत खर्च के चक्र को अभी शुरुआती दौर में बताया है, हालांकि उनके मुताबिक निवेशक इससे लाभ पाने वाली कंपनियों को चुनने में अधिक सावधानी बरत रहे हैं।
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आखिरकार जांच तीन बातों की है: क्या बैकलॉग वास्तविक राजस्व बनेगा, क्या उस राजस्व पर टिकाऊ मुनाफ़ा होगा, और क्या वह मुनाफ़ा लगातार बढ़ते निवेश को उचित ठहराएगा? AI बाज़ार का बढ़ना और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाया पैसा अच्छा रिटर्न देना—दो संबंधित, मगर अलग नतीजे हैं।