बिटकॉइन की हालिया तेजी ने एक पुराना सवाल फिर खड़ा कर दिया है: क्या इसकी कीमत अब भी हर चार साल में तेज उछाल और फिर बड़ी गिरावट वाले ढर्रे पर चलती है? River के अनुसार, जून 2026 के निचले स्तर से बिटकॉइन करीब 50% चढ़ चुका है। Glassnode ने इस गिरावट को अपेक्षाकृत हल्के मंदी के दौर के रूप में देखा था। लेकिन तेजी से कीमत लौट आना, मंदी खत्म होने का सबूत नहीं है।
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चार-वर्षीय चक्र पर सवाल क्यों उठ रहा है?
बिटकॉइन में ‘हाविंग’ के कारण नई माइनिंग से मिलने वाली आपूर्ति की दर लगभग हर चार साल में आधी हो जाती है। इसी समय-सारिणी के आसपास अक्सर पहले तेजी और फिर गहरी गिरावट की उम्मीदें बनी हैं। River के मुताबिक, पिछले मंदी के दौरों में औसतन 82% गिरावट आई थी। फरवरी 2026 तक बिटकॉइन अपने पिछले शिखर से अधिकतम 52% गिरा था। Fidelity का भी मानना है कि करीब 80% की पुरानी बड़ी गिरावटों वाला पैटर्न कमजोर पड़ सकता है, हालांकि उतार-चढ़ाव बना रहेगा। यानी इस बार तस्वीर अलग दिख रही है; यह साबित नहीं हुआ कि पुराना चक्र खत्म हो चुका है।
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तेजी के पीछे खरीदार हैं या कम विक्रेता?
बिकवाली का दबाव घटा है। River के अनुसार, दीर्घकालिक धारकों ने उससे पहले के 24 महीनों में 20 लाख से अधिक बिटकॉइन बेचे थे, लेकिन अगस्त तक उनकी बिकवाली धीमी पड़ गई। Glassnode ने भी पाया कि कीमत की एक अहम बाधा के पास बिकवाली इस साल के सबसे निचले स्तर पर थी। ऐसे में थोड़ी खरीदारी भी कीमत को तेजी से ऊपर ले जा सकती है।
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शॉर्ट स्क्वीज़ ने रफ्तार बढ़ाई। Glassnode ने अगस्त के मध्य के निचले स्तर से 26% की बढ़त को एक दिन में रिकॉर्ड स्तर पर शॉर्ट पोजीशन बंद होने से जोड़ा। जब कीमत बढ़ने पर गिरावट का दांव लगाने वाले ट्रेडर अपनी पोजीशन मजबूरन बंद करते हैं, तो उछाल तेज हो सकता है। मगर यह लगातार बनी रहने वाली खरीदारी से अलग है।
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ETF से आई मांग को अनदेखा नहीं किया जा सकता। एक्सचेंज पर कारोबार करने वाले बिटकॉइन फंड, यानी ETF, में अगस्त के शॉर्ट स्क्वीज़ के दौरान Glassnode ने 2.23 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया। फिर 16 सितंबर की उसकी रिपोर्ट में ब्लॉकचेन पर पूंजी प्रवाह ठहरा हुआ, ETF प्रवाह नकारात्मक, स्टेबलकॉइन की आपूर्ति स्थिर और कंपनियों की खरीदारी रुकी हुई दिखी। इसके बाद Morningstar ने 21 सितंबर को वैश्विक बिटकॉइन ETF में 69 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया। ये आंकड़े अलग-अलग अवधियों के हैं: न तो मांग पूरी तरह गायब थी, न ही बिना रुके बढ़ रही थी।
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नए तेजी के दौर की असली कसौटी
Glassnode ने 83,000–86,000 डॉलर को ऐसी कीमत सीमा बताया था जहां कुछ धारकों की खरीद लागत और ETF का अनुमानित लागत-वसूली स्तर मौजूद हैं; वहां बिकवाली लौट सकती है। बिटकॉइन बाद में 84,000 डॉलर और Morningstar के अनुसार 86,000 डॉलर से भी ऊपर गया। अब देखना यह है कि बिकवाली लौटने पर भी कीमत इन स्तरों के ऊपर टिकती है या नहीं। इसके लिए हाजिर बाजार में लगातार खरीदारी, ब्लॉकचेन पर नया पूंजी प्रवाह और टिकाऊ ETF मांग के संकेत अहम होंगे—सिर्फ एक और शॉर्ट स्क्वीज़ पर्याप्त नहीं होगा।
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यह परीक्षा इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व की ब्याज दर वृद्धि और अमेरिकी सीनेट में क्रिप्टो-संबंधी CLARITY Act के आगे न बढ़ पाने के बावजूद कीमत चढ़ी है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों ने वापसी नहीं रोकी, लेकिन तेज उछाल और कीमत की अहम बाधा को थोड़ी देर पार कर लेना, अपने-आप में टिकाऊ तेजी का प्रमाण नहीं है।
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