क्रिप्टो अपराध के बारे में बहस अक्सर कुल रकम पर केंद्रित होती है, लेकिन रिपोर्ट प्रतिशत के नजरिये से तस्वीर अलग बताती है।
Binance Research का कहना है कि डॉलर के हिसाब से रकम बड़ी दिख सकती है, लेकिन क्योंकि ये फंड सार्वजनिक लेजर पर दिखाई देते हैं, इसलिए उन्हें बिना पकड़े खर्च करना या नकद में बदलना कठिन होता जाता है।
ब्लॉकचेन की एक मुख्य विशेषता यह है कि लगभग हर ट्रांजैक्शन स्थायी रूप से रिकॉर्ड होता है। जांच एजेंसियां और एनालिटिक्स कंपनियां कई तरीकों से फंड ट्रैक कर सकती हैं:
इन तकनीकों से हैक, स्कैम, रैनसमवेयर, प्रतिबंध उल्लंघन और डार्कनेट मार्केट से जुड़े फंड का पता लगाया जा सकता है।
नकद लेनदेन के विपरीत, जहां रिकॉर्ड अक्सर नहीं रहता, अधिकांश क्रिप्टो ट्रांजैक्शन सार्वजनिक रूप से देखे जा सकते हैं—यहां तक कि कई साल बाद भी।
कुछ अपराधी ट्रांजैक्शन इतिहास छिपाने के लिए “मिक्सर” जैसी सेवाओं का उपयोग करते हैं। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इनकी क्षमता भी सीमित है।
इतनी बड़ी रकम सीमित सेवाओं से गुजरने पर अक्सर जांच एजेंसियों और एनालिटिक्स फर्मों का ध्यान भी आकर्षित करती है।
अवैध क्रिप्टो को असली दुनिया में खर्च करने योग्य पैसे में बदलना भी आसान नहीं रहा। कुछ प्रमुख बाधाएँ हैं:
इन उपायों के कारण कई बार संदिग्ध वॉलेट से जुड़े फंड एक्सचेंजों पर ट्रांसफर या निकाले ही नहीं जा पाते।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि हाल के वर्षों में कई पक्षों के बीच सहयोग बढ़ा है:
वॉलेट ब्लैकलिस्टिंग, टोकन फ्रीज़ और संयुक्त जांच जैसी कार्रवाइयों से अवैध फंड को ट्रैक और रोकने की क्षमता बढ़ी है।
यह विश्लेषण Binance Research और उद्योग स्रोतों पर आधारित है। इसलिए यह वैश्विक वित्तीय अपराध का कोई पूर्ण सरकारी ऑडिट नहीं है, बल्कि उपलब्ध डेटा की एक व्याख्या है।
फिर भी रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष स्पष्ट है: क्रिप्टो में अवैध गतिविधि मौजूद है, लेकिन ब्लॉकचेन की पारदर्शिता, अनुपालन नियम और सीमित लॉन्ड्रिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इसे बड़े पैमाने पर अपराधियों के लिए आदर्श ठिकाना बनाना कठिन कर देते हैं।
Comments
0 comments